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बेमिसाल: दूसरी लहर में स्कूटी पर सिलिंडर लाद बनीं 'ऑक्सीजन वाली बिटिया', डेटॉल ने ऐसे किया 'सलाम'
Wed, 09 Jun 2021 09:29 PM IST
शाहरुख खान
पीटीआई, शाहजहांपुर
पीटीआई, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Jun 2021 09:29 PM IST
सार
डेटॉल के दक्षिण एशिया क्षेत्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव जैन ने अर्शी को प्रमाण पत्र जारी करते हुए कहा, "यह प्रमाण पत्र कोविड-19 महामारी के बेहद मुश्किल दौर में लोगों की मदद के लिए किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
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स्कूटी पर ऑक्सीजन लेकर जाती युवती।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाकर जरूरतमंदों की मदद कर सुर्खियों में आईं अर्शी अंसारी के जज्बे को सलाम करते हुए प्रतिष्ठित कंपनी डेटॉल ने उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने के साथ-साथ अपने उत्पाद पर उनकी तस्वीर भी लगाई है।
डेटॉल के दक्षिण एशिया क्षेत्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव जैन ने अर्शी को प्रमाण पत्र जारी करते हुए कहा, "यह प्रमाण पत्र कोविड-19 महामारी के बेहद मुश्किल दौर में लोगों की मदद के लिए किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
हम उनकी हिम्मत और नि:स्वार्थ भावना के लिए उनकी तहे दिल से हौसला अफजाई करते हैं और पूरे देश के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बनने पर उन्हें सलाम करते हैं।" डेटॉल ने अपने हैंड वॉश उत्पाद की शीशी पर अर्शी अंसारी की तस्वीर भी लगाई है जिसमें वह उसी स्कूटी पर बैठी दिख रही हैं।
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स्कूटी पर ऑक्सीजन सिलिंडर रखकर वह जरूरतमंदों तक पहुंचाया करती थीं। तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है कि शाहजहांपुर की अर्शी ने अपने दो पहिया वाहन पर ऑक्सीजन सिलिंडर रखकर उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और 'ऑक्सीजन बिटिया' के उपनाम से विख्यात हुई।
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डेटॉल के दक्षिण एशिया क्षेत्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव जैन ने अर्शी को प्रमाण पत्र जारी करते हुए कहा, "यह प्रमाण पत्र कोविड-19 महामारी के बेहद मुश्किल दौर में लोगों की मदद के लिए किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
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हम उनकी हिम्मत और नि:स्वार्थ भावना के लिए उनकी तहे दिल से हौसला अफजाई करते हैं और पूरे देश के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बनने पर उन्हें सलाम करते हैं।" डेटॉल ने अपने हैंड वॉश उत्पाद की शीशी पर अर्शी अंसारी की तस्वीर भी लगाई है जिसमें वह उसी स्कूटी पर बैठी दिख रही हैं।
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स्कूटी पर ऑक्सीजन सिलिंडर रखकर वह जरूरतमंदों तक पहुंचाया करती थीं। तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है कि शाहजहांपुर की अर्शी ने अपने दो पहिया वाहन पर ऑक्सीजन सिलिंडर रखकर उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और 'ऑक्सीजन बिटिया' के उपनाम से विख्यात हुई।
अर्शी ने अपनी इस उपलब्धि पर कहा कि उनके इस प्रयास को दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया का बड़ा योगदान रहा। अर्शी ने कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान उनके पिता भी संक्रमित हो गए थे और बहुत कोशिश करने के बाद उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर मिला था जिससे उनकी जान बची, इससे उन्हें ऑक्सीजन के महत्व का एहसास हुआ।
अर्शी ने बताया कि उनसे जो बन पड़ा उन्होंने लोगों की मदद के लिए किया और अपनी स्कूटी से ही जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया जिससे लोग उन्हें 'ऑक्सीजन वाली बिटिया' पुकारने लगे। जब यह खबर पीटीआई के जरिए पूरे देश में पहुंची तो डेटॉल कंपनी की 'द बेटर इंडिया' पहल की ओर से फेसबुक पर उनका नंबर मांगा गया।
उन्होंने बताया कि उन्हें यह बताया गया कि कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने उनके बारे में अखबार में खबर पढ़ी है। यह समाज के लिए बेहद प्रेरणादाई है। इसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कंपनी ने उन्हें प्रमाण पत्र के साथ-साथ तोहफे भी भेजे हैं।
अर्शी ने बताया कि उनसे जो बन पड़ा उन्होंने लोगों की मदद के लिए किया और अपनी स्कूटी से ही जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाया जिससे लोग उन्हें 'ऑक्सीजन वाली बिटिया' पुकारने लगे। जब यह खबर पीटीआई के जरिए पूरे देश में पहुंची तो डेटॉल कंपनी की 'द बेटर इंडिया' पहल की ओर से फेसबुक पर उनका नंबर मांगा गया।
उन्होंने बताया कि उन्हें यह बताया गया कि कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने उनके बारे में अखबार में खबर पढ़ी है। यह समाज के लिए बेहद प्रेरणादाई है। इसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कंपनी ने उन्हें प्रमाण पत्र के साथ-साथ तोहफे भी भेजे हैं।
अर्शी ने बताया कि अब उन्होंने समाज सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। इसी के तहत उन्होंने कोरोना कर्फ्यू के दौरान दो गरीब परिवारों की बेटियों की सामाजिक सहयोग से शादी करवाई और एक बीमार महिला का ऑपरेशन भी कराया।
इसके अलावा रमजान के पूरे महीने गरीबों को 'एहसास' नामक संस्था के सहयोग से मुफ्त राशन भी वितरित कराया। अर्शी ने कहा कि ऐसा करके उन्होंने कोई एहसान नहीं किया है बल्कि यह इंसानियत का तकाजा है कि मुश्किल वक्त में हम सभी लोग एक दूसरे की मदद करें।
इसके अलावा रमजान के पूरे महीने गरीबों को 'एहसास' नामक संस्था के सहयोग से मुफ्त राशन भी वितरित कराया। अर्शी ने कहा कि ऐसा करके उन्होंने कोई एहसान नहीं किया है बल्कि यह इंसानियत का तकाजा है कि मुश्किल वक्त में हम सभी लोग एक दूसरे की मदद करें।