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सीएम योगी से की अफसरों की चूक की शिकायत
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बरेली। ताजुश्शरिया के उर्स की गलत तरह से अनुमति देने का मामला शासन तक पहुंच गया है। सोमवार को हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बरेली के हालात से अवगत कराया। बगैर शासन को अवगत कराए पहली बार होने जा रहे उर्स की अनुमति देने को प्रशासन की बड़ी चूक बताते हुए शिकायत की। सीएम ने मुख्य सचिव को इस मामले में सख्त निगरानी को कहा है। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए हैं।
विश्व हिंदू परिषद और दूसरे हिंदूवादी संगठनों के कुछ नेताओं ने इस्लामिया ग्राउंड पर नौ और 10 जुलाई को होने वाले उर्स को गैर परंपरागत बताते हुए प्रशासन के समक्ष आपत्ति की थी। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर यह नेता सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर भी मिले। नेताओं ने सीएम को उर्स की गलत तरीके से अनुमति देकर रद्द किए जाने से बरेली में उपजे हालात से अवगत कराया। नेताओं का कहना था कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते उर्स की अनुमति देने और फिर आनन-फानन में उसे रद्द करने से शहर में अफवाहों बाजार गर्म है। शरारती तत्व इसकी आड़ में सरकार को बदनाम कर सकते हैं। नेताओं ने सीएम को 2010 के दंगों की भी याद दिलाई जिसमें बताया गया कि बारावफात की नियम विरुद्ध परमीशन देने से किस तरह हालात बिगड़ गए थे और दंगों की वजह से कई दिनों तक शहर में कर्फ्यू लगा रहा था।
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विश्व हिंदू परिषद और दूसरे हिंदूवादी संगठनों के कुछ नेताओं ने इस्लामिया ग्राउंड पर नौ और 10 जुलाई को होने वाले उर्स को गैर परंपरागत बताते हुए प्रशासन के समक्ष आपत्ति की थी। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर यह नेता सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर भी मिले। नेताओं ने सीएम को उर्स की गलत तरीके से अनुमति देकर रद्द किए जाने से बरेली में उपजे हालात से अवगत कराया। नेताओं का कहना था कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते उर्स की अनुमति देने और फिर आनन-फानन में उसे रद्द करने से शहर में अफवाहों बाजार गर्म है। शरारती तत्व इसकी आड़ में सरकार को बदनाम कर सकते हैं। नेताओं ने सीएम को 2010 के दंगों की भी याद दिलाई जिसमें बताया गया कि बारावफात की नियम विरुद्ध परमीशन देने से किस तरह हालात बिगड़ गए थे और दंगों की वजह से कई दिनों तक शहर में कर्फ्यू लगा रहा था।
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