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कुल की रस्म के साथ सूफी रईस मियां नासरी का उर्स खत्म
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कुरान ख्वानी और परचम कुशाई के बाद शुरू हुई उर्स की तकरीब
बरेली। नौमहला स्थित दरगाह शरीफ पर हजरत सूफी रईस मियां नासरी साबरी का एक रोजा उर्स मनाया गया। इसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत कर अकीदत का इजहार किया।
उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। मिलाद पाक की महफिल के बाद दिन में परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इससे पहले परचम पुराना शहर के मोहम्मद अहमद साबरी और हसन साबरी काफिले के साथ दरगाह शरीफ लेकर पहुंचे। यहां सूफी वसीम मियां साबरी और सूफी शाने अली कमाल मियां ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत नासिर मियां, सैयद मासूम बाबा, सैयद शाहजी बाबा और सूफी रईस मियां नासरी की मजार मुबारक पर चादर और गुलपोशी की। इसी बीच सूफी रईस मियां के कुल शरीफ की रस्म दोपहर 12:20 बजे अदा की गई। महफिले शमा में फनकारों ने रंग शरीफ पेश किया। रात में मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। आखिर में दुआ के बाद लंगर किया गया।
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बरेली। नौमहला स्थित दरगाह शरीफ पर हजरत सूफी रईस मियां नासरी साबरी का एक रोजा उर्स मनाया गया। इसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत कर अकीदत का इजहार किया।
उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। मिलाद पाक की महफिल के बाद दिन में परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इससे पहले परचम पुराना शहर के मोहम्मद अहमद साबरी और हसन साबरी काफिले के साथ दरगाह शरीफ लेकर पहुंचे। यहां सूफी वसीम मियां साबरी और सूफी शाने अली कमाल मियां ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत नासिर मियां, सैयद मासूम बाबा, सैयद शाहजी बाबा और सूफी रईस मियां नासरी की मजार मुबारक पर चादर और गुलपोशी की। इसी बीच सूफी रईस मियां के कुल शरीफ की रस्म दोपहर 12:20 बजे अदा की गई। महफिले शमा में फनकारों ने रंग शरीफ पेश किया। रात में मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। आखिर में दुआ के बाद लंगर किया गया।
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