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सिद्ध पीठ हैं ललिता देवी माता का मंदिर
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सिद्ध पीठ हैं ललिता देवी माता का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। नेकपुर स्थित ललिता देवी माता का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। कहते हैं कि करीब 500 साल पहले क्षेत्र में चेचक जैसी बीमारी से लोग पीड़ित थे। ये बीमारी फैलने लगी तो लोगों को यहां माता के प्रकट होने का आभास हुआ। जमीन की खुदाई करने पर माता की मूर्ति निकली। लोगों ने उसकी पूजा अर्चन की तो बीमारियां दूर होने लगीं। तभी से मां के प्रति लोगों की आस्था बढ़ी और सिद्धपीठ के रूप में यह मंदिर विख्यात हो गया।
नेकपुर में रहने वाले परिवारों से कोई ना कोई सदस्य नियमित मंदिर जरूर आता है। मां को खीर पूड़ी का भोग लगाने के बाद पूरा परिवार मंदिर में एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करता है। बताते हैं कि मंदिर में गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति यदि मां के दर्शन करने पहुंचते हैं तो उनका रोग दूर हो जाता है। सेवादार इंद्रपाल सिंह बताते हैं कि मां ने महामारी के प्रकोप से क्षेत्रवासियों को बचाया था तभी से हमारे पूर्वज मंदिर में आकर सेवा करने लगे। जब होश संभाला तो हमने परंपरा टूटने नहीं दी।
चैत व शारदीय नवरात्र में यहां मेला लगता है। अष्टमी को यहां मेला व नवमी को महायज्ञ होता है। श्रद्धालु यहां आकर मां से मन्नत मांगते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार मां की सेवा करके धर्म निभा रहे हैं।
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- भानू प्रताप, मंदिर सेवक
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नेकपुर में रहने वाले परिवारों से कोई ना कोई सदस्य नियमित मंदिर जरूर आता है। मां को खीर पूड़ी का भोग लगाने के बाद पूरा परिवार मंदिर में एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करता है। बताते हैं कि मंदिर में गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति यदि मां के दर्शन करने पहुंचते हैं तो उनका रोग दूर हो जाता है। सेवादार इंद्रपाल सिंह बताते हैं कि मां ने महामारी के प्रकोप से क्षेत्रवासियों को बचाया था तभी से हमारे पूर्वज मंदिर में आकर सेवा करने लगे। जब होश संभाला तो हमने परंपरा टूटने नहीं दी।
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चैत व शारदीय नवरात्र में यहां मेला लगता है। अष्टमी को यहां मेला व नवमी को महायज्ञ होता है। श्रद्धालु यहां आकर मां से मन्नत मांगते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार मां की सेवा करके धर्म निभा रहे हैं।
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- भानू प्रताप, मंदिर सेवक