{"_id":"5d8fc91f8ebc3e017d363b8f","slug":"religion-bareilly-news-bly3780543183","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ देवी मंदिर: यहां पूरी होती है भक्तों की हर मनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ देवी मंदिर: यहां पूरी होती है भक्तों की हर मनौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। साहूकारा स्थित नौ देवी का मंदिर 51 साल पुराना है। शहर का एकमात्र है जिसमें देवी के नौ स्वरूपों की प्रतिमाएं हैं। नौ देवी मंदिर का काफी महत्व है। नौ दिनों में लोग एक बार नवदुर्गा में मंदिर में देवी के दर्शन करने अवश्य जाते हैं। इस मंदिर में मांगी गई हर मनौती पूरी होती है।
मंदिर के पुजारी योगी किशोर नाथ बताते हैं कि दस अक्तूबर 1966 को उनके गुरु योगी काशीनाथ जी को नव दुर्गा मंदिर की स्थापना का शुभादेश हुआ। दो दिन बाद उन्हें अहसास हुआ कि जैसे मां भगवती कह रही हैं कि मेरी एक नहीं नव प्रतिमाओं की स्थापना करो। उसके बाद उन्होंने साहूकारा में एक स्थान पर छप्पर डालकर मां का भजन कीर्तन शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह ख्याति शहर में फैल गई और लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए दान देना शुरू कर दिया। तीन मार्च 1968 को माघ शुक्ल बसंत पंचमी के दिन विधिवत अर्चना पूजन करके मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद एक दिन योगी काशीनाथ जी ने जी अपने गुरू से कहा कि एक बार उन्हें माता के सम्मुख प्रकट करें। उस समय उन्होंने माता की ओर देखकर कहा कि जिस प्रकार से 14 माह में सपना साकार किया है। वैसे ही इस दरबार में कभी कोई निराश होकर नहीं जाए। इसके बाद मां की दिव्य झांकी का दर्शन खुल गया और हजारों लोगों की जय माता की ध्वनि से आकाश गूंज उठा।
सुबह पांच बजे से होगी आरती
पुजारी योगी किशोर नाथ बताते हैं कि सुबह चार बजे से भक्तों का आना शुरू होता है। पांच बजे आरती के समय मंदिर में खड़े होने की जगह नहीं बचती है। सुबह सात से नौ बजे तक कलश स्थापना होती है। 11 बजे से शाम तक महिलाएं भजन कीर्तन करती हैं। शाम सात बजे आरती के समय श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है।
विज्ञापन
भक्त लाइन लगाकर कर सकेंगे दर्शन
इस बार नौ देवी मंदिर में रेलिंग लगाई गई है। जिससे भक्त भीड़ से निजात पाते हुए आराम से लाइन लगाकर दर्शन कर सकेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए पहली रेलिंग लगाई गई है। मंदिर में सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। जिससे कोई भी घटना कैमरे में कैद हो जाए। मंदिर के आसपास फूल, प्रसाद आदि की दुकानें भी रात में ही सज गई।
देर रात तक होती मंदिरों की सफाई
शहर के देवियों के मंदिर की सफाई देर रात होती रही। मंदिरों के आसपास कूड़े का ढेर भी हटा दिया गया। नगर निगम कर्मचारी रात में मंदिर के आसपास के क्षेत्रों की सफाई आदि करते रहे। किसी भी घटना से निपटने के लिए पुलिस भी तैनात रही।
विज्ञापन
मंदिर के पुजारी योगी किशोर नाथ बताते हैं कि दस अक्तूबर 1966 को उनके गुरु योगी काशीनाथ जी को नव दुर्गा मंदिर की स्थापना का शुभादेश हुआ। दो दिन बाद उन्हें अहसास हुआ कि जैसे मां भगवती कह रही हैं कि मेरी एक नहीं नव प्रतिमाओं की स्थापना करो। उसके बाद उन्होंने साहूकारा में एक स्थान पर छप्पर डालकर मां का भजन कीर्तन शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह ख्याति शहर में फैल गई और लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए दान देना शुरू कर दिया। तीन मार्च 1968 को माघ शुक्ल बसंत पंचमी के दिन विधिवत अर्चना पूजन करके मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद एक दिन योगी काशीनाथ जी ने जी अपने गुरू से कहा कि एक बार उन्हें माता के सम्मुख प्रकट करें। उस समय उन्होंने माता की ओर देखकर कहा कि जिस प्रकार से 14 माह में सपना साकार किया है। वैसे ही इस दरबार में कभी कोई निराश होकर नहीं जाए। इसके बाद मां की दिव्य झांकी का दर्शन खुल गया और हजारों लोगों की जय माता की ध्वनि से आकाश गूंज उठा।
विज्ञापन
सुबह पांच बजे से होगी आरती
पुजारी योगी किशोर नाथ बताते हैं कि सुबह चार बजे से भक्तों का आना शुरू होता है। पांच बजे आरती के समय मंदिर में खड़े होने की जगह नहीं बचती है। सुबह सात से नौ बजे तक कलश स्थापना होती है। 11 बजे से शाम तक महिलाएं भजन कीर्तन करती हैं। शाम सात बजे आरती के समय श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है।
विज्ञापन
भक्त लाइन लगाकर कर सकेंगे दर्शन
इस बार नौ देवी मंदिर में रेलिंग लगाई गई है। जिससे भक्त भीड़ से निजात पाते हुए आराम से लाइन लगाकर दर्शन कर सकेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए पहली रेलिंग लगाई गई है। मंदिर में सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। जिससे कोई भी घटना कैमरे में कैद हो जाए। मंदिर के आसपास फूल, प्रसाद आदि की दुकानें भी रात में ही सज गई।
देर रात तक होती मंदिरों की सफाई
शहर के देवियों के मंदिर की सफाई देर रात होती रही। मंदिरों के आसपास कूड़े का ढेर भी हटा दिया गया। नगर निगम कर्मचारी रात में मंदिर के आसपास के क्षेत्रों की सफाई आदि करते रहे। किसी भी घटना से निपटने के लिए पुलिस भी तैनात रही।