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‘इंद्रियों को भक्ति मार्ग पर ले जाना ही गोवर्धन लीला का रहस्य’
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बरेली। स्वामी डॉ. देवकी नंदन ने गोवर्धन लीला का सार समझाते हुए कहा कि इंद्रियों को भोग मार्ग से हटाकर भक्ति मार्ग पर ले जाना ही गोवर्धन लीला का रहस्य है। गोवर्धन नाथ का आश्रय लेने से भक्ति की पुष्टि होती है, तब भक्ति भलीभूत होती है।
राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में आनंद आश्रम में चल रही रासलीला में श्रीनाथ जी का प्राकट्य एवं गिरिराज पूजन लीला का मंचन किया गया। लीला में किरदारों ने जीवंत मंचन किया जिसेेदेखकर लोग अभिभूत हो गए।
मंचन में दिखाया गया कि वर्षा के देवता इंद्र की पूजा की तैयारी हो रही है। छप्पन भोग बन रहे हैं, लेकिन भगवान कृष्ण ने कहा कि जिस देवता को देखा तक नहीं उसकी पूजा नहीं करनी चाहिए। उसके बाद ब्रजवासियों ने ‘मै तो गोवर्धन को जाऊं, मेरी वीर नाहि माने मनवा’ गीत गाते हुए गोवर्धन की तलहटी में जमा हुए और गिरिराज का अभिषेक करके पूजन किया। मंचन के बाद डॉ. देवकी नंदन के ‘गिरिराज धरण मैं तो तेरी शरण’ और ‘सिर पर धर लिया गिरिराज नाम गिराधारी पायो है’ भजन पर लोग आत्मविभोर हो गए।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में भगवान कहते हैं वह सदैव अपने भक्तोें के अधीन रहते हैं। मेरे सरल भक्तों ने मेरे हृदय को अपने वश में कर रखा है। इस मौके पर संतोष अग्रवाल, रोशन अग्रवाल, रमेश कुमार नेमानी, गौरी दशंकर नरसिंह मोदी, तरण माहेश्वरी, वीके अग्रवाल आदि उपस्थित थे। बृहस्पतिवार को ओखल बंधन और रुक्मणि मंगल लीला का वर्णन होगा।
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राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में आनंद आश्रम में चल रही रासलीला में श्रीनाथ जी का प्राकट्य एवं गिरिराज पूजन लीला का मंचन किया गया। लीला में किरदारों ने जीवंत मंचन किया जिसेेदेखकर लोग अभिभूत हो गए।
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मंचन में दिखाया गया कि वर्षा के देवता इंद्र की पूजा की तैयारी हो रही है। छप्पन भोग बन रहे हैं, लेकिन भगवान कृष्ण ने कहा कि जिस देवता को देखा तक नहीं उसकी पूजा नहीं करनी चाहिए। उसके बाद ब्रजवासियों ने ‘मै तो गोवर्धन को जाऊं, मेरी वीर नाहि माने मनवा’ गीत गाते हुए गोवर्धन की तलहटी में जमा हुए और गिरिराज का अभिषेक करके पूजन किया। मंचन के बाद डॉ. देवकी नंदन के ‘गिरिराज धरण मैं तो तेरी शरण’ और ‘सिर पर धर लिया गिरिराज नाम गिराधारी पायो है’ भजन पर लोग आत्मविभोर हो गए।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में भगवान कहते हैं वह सदैव अपने भक्तोें के अधीन रहते हैं। मेरे सरल भक्तों ने मेरे हृदय को अपने वश में कर रखा है। इस मौके पर संतोष अग्रवाल, रोशन अग्रवाल, रमेश कुमार नेमानी, गौरी दशंकर नरसिंह मोदी, तरण माहेश्वरी, वीके अग्रवाल आदि उपस्थित थे। बृहस्पतिवार को ओखल बंधन और रुक्मणि मंगल लीला का वर्णन होगा।