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इमाम हुसैन की याद में निकाला जरी का जुलूस
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बरेली। शहीदाने कर्बला हजरत इमाम हुसैन की याद में जरी का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मोहर्रम की दो तारीख को इमाम हुसैन के अपने 72 साथियों के साथ कर्बला पहुंचने की याद दिलाता है।
किला सब्जी मंडी स्थित इमामबाड़ा तहव्वर अली खान से अलम व जरी का जुलूस निकाला गया, जो इंग्लिशगंज, बाजार संदल खां, मलूकपुर, जखीरा और कंधी टोला होता हुआ देर रात नवाब तहव्वल अली खां की कोठी पर संपन्न हुआ। जुलूस में मेहमान संस्था अंजुमन हुसैनिया सेंथल, अंजुमन आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी नौहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए चले। इसमें नौहेख्वान अजादार हुसैन, अली हाशिम जैदी, गुलरेज तुराबी, अली जमाल जैदी, अली जफर नकवी, रेहान जैदी, अलमास जैदी, अली आलिम जैदी आदि ने नौहा पढ़ा।
जुलूस से पहले इमामबाड़े पर मजलिस हुई, जिसे मौलाना शफी असगर नजमी ने खिताब किया। इस मौके पर शकील हैदर जैदी, अली आलिम जैदी, रिजवी, जफर अब्बास नकवी, डा. नजावत अदीब, मौलाना समर हैदर आबदी, शानू काजमी आदि शामिल रहे। उधर, शहर के तमाम इमामबाड़ों में शाम तक मजलिसों का दौरा चलता रहा। वहीं घरों पर महिलाओं की मजलिस भी जारी रही।
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किला सब्जी मंडी स्थित इमामबाड़ा तहव्वर अली खान से अलम व जरी का जुलूस निकाला गया, जो इंग्लिशगंज, बाजार संदल खां, मलूकपुर, जखीरा और कंधी टोला होता हुआ देर रात नवाब तहव्वल अली खां की कोठी पर संपन्न हुआ। जुलूस में मेहमान संस्था अंजुमन हुसैनिया सेंथल, अंजुमन आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी नौहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए चले। इसमें नौहेख्वान अजादार हुसैन, अली हाशिम जैदी, गुलरेज तुराबी, अली जमाल जैदी, अली जफर नकवी, रेहान जैदी, अलमास जैदी, अली आलिम जैदी आदि ने नौहा पढ़ा।
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जुलूस से पहले इमामबाड़े पर मजलिस हुई, जिसे मौलाना शफी असगर नजमी ने खिताब किया। इस मौके पर शकील हैदर जैदी, अली आलिम जैदी, रिजवी, जफर अब्बास नकवी, डा. नजावत अदीब, मौलाना समर हैदर आबदी, शानू काजमी आदि शामिल रहे। उधर, शहर के तमाम इमामबाड़ों में शाम तक मजलिसों का दौरा चलता रहा। वहीं घरों पर महिलाओं की मजलिस भी जारी रही।
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