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कुल की रस्म के साथ पूरा हुआ उर्से कासमी
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बरेली। नकटिया रजा नगर जामा परिसर स्थित हजरत सैय्यद कासिम अली शाह की दरगाह शरीफ पर तीन रोजा उर्से कासमी मनाया जा रहा है। इसमें आसपास तमाम इलाकों के लोग शिरकत करने पहुंच रहे हैं।
उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। शाम को असर की नमाज के बाद गुस्ल और चादरपोशी की रस्म अदा की गई। रात में जलसा हुआ, जिसमें नैनीताल से आए मौलाना सैयद मुकीम उर रहमान, बरेली के मौलाना अय्यूब खां नूरी, मौलाना अब्दुल जव्वाद, मौलाना कमाल उद्दीन, डा. मुश्ताक आदि ने तकरीर की। इस दौरान शायरे इस्लाम नूर उद्दीन रजपुरी, इश्तियाक बहेड़वी आदि ने कलाम पेश किए।
उर्स का आगाज गत दिवस कुरान ख्वानी और गश्ते चादर से हुआ। रात में मीलाद शरीफ की महफिल सजी। उर्स की तकरीब सज्जादानशीन हाफिज एवं कारी मोहम्मद आरिफ हुसैन की सरपरस्ती में पूरी हुई। आखिरी रोज बुधवार को सुबह कुरान ख्वानी और दिन में 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। आखिर में लंगर होगा।
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उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। शाम को असर की नमाज के बाद गुस्ल और चादरपोशी की रस्म अदा की गई। रात में जलसा हुआ, जिसमें नैनीताल से आए मौलाना सैयद मुकीम उर रहमान, बरेली के मौलाना अय्यूब खां नूरी, मौलाना अब्दुल जव्वाद, मौलाना कमाल उद्दीन, डा. मुश्ताक आदि ने तकरीर की। इस दौरान शायरे इस्लाम नूर उद्दीन रजपुरी, इश्तियाक बहेड़वी आदि ने कलाम पेश किए।
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उर्स का आगाज गत दिवस कुरान ख्वानी और गश्ते चादर से हुआ। रात में मीलाद शरीफ की महफिल सजी। उर्स की तकरीब सज्जादानशीन हाफिज एवं कारी मोहम्मद आरिफ हुसैन की सरपरस्ती में पूरी हुई। आखिरी रोज बुधवार को सुबह कुरान ख्वानी और दिन में 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। आखिर में लंगर होगा।
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