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Bareilly News: मनुष्यों की तरह पशुओं के जन्म-मृत्यु का बनाया जाए रजिस्टर

Sun, 24 Sep 2023 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 02:28 AM IST
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Register of births and deaths of animals should be made like humans.
बरेली। पशुओं की ट्रैकिंग, टीकाकरण, निदान, तस्करी और मृत्यु की वजह पता करना चुनौतीपूर्ण होता है। लिहाजा, मनुष्यों की तरह पशुओं का भी जन्म-मृत्यु रजिस्टर होना चाहिए। यह सुझाव शनिवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर की ओर से आयोजित अखिल भारतीय राज्य पशुपालन निदेशक इंटरफेस मीट-2023 में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रुपाला ने दिए।
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इंटरफेस मीट में केंद्रीय मंत्री ने आईवीआरआई इज्जतनगर के निदेशक डाॅ. त्रिवेणी दत्त के प्रयास को सराहा। सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। राज्य पशुपालन निदेशकों से भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों, पशुपालकों को नई तकनीकों से लैस करने का आग्रह किया।
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एएमआर से निपटने के लिए तैयार करें हर्बल विकल्प
पशुपालन आयुक्त डाॅ. अभिजीत मित्रा ने आईवीआरआई को एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस यानी एएमआर से निपटने व एंटीबायोटिक के प्रयोग को कम करने के लिए हर्बल विकल्प खोजने का सुझाव दिया। छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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टीकों की गुणवत्ता परख रहा आईवीआरआई
संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि आईवीआरआई को आयातित व घरेलू उत्पादित टीकों की गुणवत्ता परीक्षण का कार्य केंद्र सरकार ने सौंपा है। अभी 23 वायरल, 11 बैक्टीरियल टीकों का परीक्षण हो रहा है। ब्रूसेल्ला और पीपीआर वैक्सीन के 200 बैच, एफएमडी के 400 बैच, सीएसएफ वैक्सीन के 50 बैच के परीक्षण का लक्ष्य है।

मांगे जरूरी संसाधन
निदेशकों ने अपने-अपने राज्यों में गर्भाशय निदान के लिए किट, खाद्य स्वच्छता प्रयोगशाला का विकास, स्वदेशी टीकों का विकास, आनुवंशिक उन्नयन, डीएनए लैब, अफ्रीकी स्वाइन फीवर डायग्नोसिस और वायरल वैक्सीन के विकास आदि के लिए जरूरी संसाधनों की मांग रखी।

ये रहे मौजूद
संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी, संयुक्त निदेशक, शैक्षणिक डाॅ. एसके मेंदीरत्ता, प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. बबलू कुमार, संयुक्त निदेशक शोध डाॅ. एसके सिंह, आईटीएमयू प्रभारी डाॅ. अनुज चौहान, पशु पुनरूत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएच खान सहित अन्य मौजूद रहे।
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