{"_id":"60aea3638ebc3e6e7e647062","slug":"recruitment-scam-nine-people-were-appointed-in-bareilly-division-bareilly-news-bly447738661","type":"story","status":"publish","title_hn":"भर्ती घोटाला : बरेली मंडल में नौ लोगों को मिली थी नियुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भर्ती घोटाला : बरेली मंडल में नौ लोगों को मिली थी नियुक्ति
विज्ञापन
fraud
- फोटो : demo photo
लखनऊ में केस दर्ज होने के बाद राज्य भंडारण निगम में बढ़ी हलचल
विज्ञापन
अवैध नियुक्ति पाने वालों में ज्यादातर सपा नेताओं के परिवारों के सदस्य व नजदीकी
बरेली में सात, बदायूं-शाहजहांपुर में एक-एक नियुक्ति, चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू
बरेली। सपा के शासन में राज्य भंडारण निगम में हुए भर्ती घोटाले के दौरान बरेली मंडल में भी नौ लोगों की नियुक्ति की गई थी। हाल ही में एसआईटी की ओर से इस मामले में जांच पूरी कर लखनऊ में केस दर्ज कराए जाने के बाद बरेली में नियुक्ति पाने वालों को चिन्हित करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से लगभग सभी लोग सपा नेताओं के परिवार के सदस्य हैं जिन पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटकने लगी है।
राज्य भंडारण निगम का भर्ती घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में आने से विभाग में भारी हलचल मची हुई है। सपा के शासन के दौरान जिला सहकारी बैंक, सहकारी निर्माण संघ, राज्य भंडारण निगम यानी एसडब्लूसी, पीसीयू पीसीएफ और सहकारी ग्राम विकास बैंक में करीब 24 सौ भर्तियां की गई थीं। एसआईटी की जांच के मुताबिक इस भर्ती में अभ्यर्थियों को मनमाने ढंग से नियुक्ति दी गई। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के लिए बिना किसी टेंडर के एजेंसी नामित की गई। इसके बाद चहेतों को उत्तीर्ण करने के लिए ओएमआर शीट पर मूल्यांकन में भी फर्जीवाड़ा किया गया।
विज्ञापन
इस भर्ती का बरेली में सपा नेताओं ने जमकर फायदा उठाया और अयोग्य होने के बाद भी अपने परिवार के सदस्यों को नौकरी दिला दी। योग्य अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड इधर-उधर कर दिए गए। भर्ती पर सवाल उठे तो राज्य भंडारण निगम के तत्कालीन चेयरमैन पर भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कंप्यूटर दस्तावेज, हार्ड डिस्क आदि गायब करने का भी आरोप लगा जो एसआईटी के मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराए गए। भाजपा की सरकार बनने पर इस घोटाले की शिकायत के बाद एसआईटी ने जांच शुरू की तो पाया कि भर्ती में एक ही बिरादरी और क्षेत्र के लोगों को खास महत्व दिया गया है। भर्ती घोटाले में लखनऊ में छह एफआईआर दर्ज हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली मंडल में राज्य भंडारण निगम में नौ लोगों को इस दौरान भर्ती कर तैनाती दी गई थी। केस दर्ज होने के बाद विभाग में हलचल शुरू हो गई है। अफसरों के मुताबिक भर्ती घोटाले के दौरान नियुक्ति पाने वाले इन लोगों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें बरेली में सात और बदायूं व शाहजहांपुर में एक-एक तैनाती की गई थी। बरेली में नियुक्ति पाने वाले सात लोगों में एक उप प्रबंधक और बाकी सभी कार्यालय सहायक पदों पर कार्यरत हैं। शाहजहांपुर में कार्यरत तकनीकी सहायक को कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी ट्रांसफर किया जा चुका है।
भर्ती घोटाले में एसआईटी ने मामला दर्ज कराया है। शासन से जो निर्देश मिलेंगे, उनका पालन कराया जाएगा। इस प्रकरण से संबंधित कर्मियों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। - एसके गोस्वामी, प्रबंध निदेशक राज्य भंडारण निगम
विज्ञापन
अवैध नियुक्ति पाने वालों में ज्यादातर सपा नेताओं के परिवारों के सदस्य व नजदीकी
बरेली में सात, बदायूं-शाहजहांपुर में एक-एक नियुक्ति, चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू बरेली। सपा के शासन में राज्य भंडारण निगम में हुए भर्ती घोटाले के दौरान बरेली मंडल में भी नौ लोगों की नियुक्ति की गई थी। हाल ही में एसआईटी की ओर से इस मामले में जांच पूरी कर लखनऊ में केस दर्ज कराए जाने के बाद बरेली में नियुक्ति पाने वालों को चिन्हित करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से लगभग सभी लोग सपा नेताओं के परिवार के सदस्य हैं जिन पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटकने लगी है।
राज्य भंडारण निगम का भर्ती घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में आने से विभाग में भारी हलचल मची हुई है। सपा के शासन के दौरान जिला सहकारी बैंक, सहकारी निर्माण संघ, राज्य भंडारण निगम यानी एसडब्लूसी, पीसीयू पीसीएफ और सहकारी ग्राम विकास बैंक में करीब 24 सौ भर्तियां की गई थीं। एसआईटी की जांच के मुताबिक इस भर्ती में अभ्यर्थियों को मनमाने ढंग से नियुक्ति दी गई। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के लिए बिना किसी टेंडर के एजेंसी नामित की गई। इसके बाद चहेतों को उत्तीर्ण करने के लिए ओएमआर शीट पर मूल्यांकन में भी फर्जीवाड़ा किया गया।
विज्ञापन
इस भर्ती का बरेली में सपा नेताओं ने जमकर फायदा उठाया और अयोग्य होने के बाद भी अपने परिवार के सदस्यों को नौकरी दिला दी। योग्य अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड इधर-उधर कर दिए गए। भर्ती पर सवाल उठे तो राज्य भंडारण निगम के तत्कालीन चेयरमैन पर भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कंप्यूटर दस्तावेज, हार्ड डिस्क आदि गायब करने का भी आरोप लगा जो एसआईटी के मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराए गए। भाजपा की सरकार बनने पर इस घोटाले की शिकायत के बाद एसआईटी ने जांच शुरू की तो पाया कि भर्ती में एक ही बिरादरी और क्षेत्र के लोगों को खास महत्व दिया गया है। भर्ती घोटाले में लखनऊ में छह एफआईआर दर्ज हुई हैं।
विज्ञापन
बरेली मंडल में राज्य भंडारण निगम में नौ लोगों को इस दौरान भर्ती कर तैनाती दी गई थी। केस दर्ज होने के बाद विभाग में हलचल शुरू हो गई है। अफसरों के मुताबिक भर्ती घोटाले के दौरान नियुक्ति पाने वाले इन लोगों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें बरेली में सात और बदायूं व शाहजहांपुर में एक-एक तैनाती की गई थी। बरेली में नियुक्ति पाने वाले सात लोगों में एक उप प्रबंधक और बाकी सभी कार्यालय सहायक पदों पर कार्यरत हैं। शाहजहांपुर में कार्यरत तकनीकी सहायक को कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी ट्रांसफर किया जा चुका है।
भर्ती घोटाले में एसआईटी ने मामला दर्ज कराया है। शासन से जो निर्देश मिलेंगे, उनका पालन कराया जाएगा। इस प्रकरण से संबंधित कर्मियों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। - एसके गोस्वामी, प्रबंध निदेशक राज्य भंडारण निगम