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जिला अस्पताल में पहुंची मरीजों की रिकार्ड भीड़
बरेली
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:39 AM IST
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त्योहारों के बाद तो अब बीमारियों का दौर चल पड़ा है। चार दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुला तो 2600 से अधिक नए पर्चे बन गए। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार, पेट की समस्या और सांस की दिक्कत से परेशान थे। डायबिटीज के मरीजों की भी संख्या बढ़ गई। भीड़ इतनी थी कि कतारों में खड़े मरीजों के बीच कई बार आपस में झगड़ा हो गया। कुछ डॉक्टरों को दरवाजा बंद करके मरीजों को देखना पड़ा। भीड़ इतनी थी कि आमतौर पर 12 बजे तक पर्चा काउंटर की लाइन कम हो जाती है लेकिन सोमवार को दोपहर एक बजे तक यहां लंबी लाइन लगी हुई थी। डॉक्टरों ने मरीजों को देखा तो लेकिन एक मरीज को औसतन 10 सेकेंड से ज्यादा समय नहीं दे पाए। लाइव रिपोर्ट-
5000 से ज्यादा मरीज पहुंचे ओपीडी में --- फोटो
सुबह आठ बजे से पर्चे बनने शुरू हो गए थे। आम दिनों में रोज करीब 1500 ही नए पर्चे बनते हैं, लेकिन सोमवार को 2600 पर्चे बने। इतने ही मरीज पुराने थे। एक चेस्ट फिजीशियन छुट्टी पर थे, इसलिए दूसरे फिजीशियन पर लोड ज्यादा बढ़ गया। डॉ. एमएल शर्मा ने 312 से अधिक मरीज देखे। फिजीशियन डॉ. रविंद्र पोरवाल, डॉ. अजय मोहन अग्रवाल और डॉ. वागीश वैश्य ने मिलकर 700 से अधिक मरीज निपटाए। ये मरीज की सिर्फ समस्या सुन रहे थे, कुछ पूछना तभी हो रहा था जिसके बारे में शंका दिखी। बाकी सभी को सिर्फ समस्या सुनकर दवा लिखी गई।
रिपोर्ट लेने के लिए भी लंबा इंतजार ---- फोटो
पैथालॉजी और एक्सरे रूम के बाहर अपनी रिपोर्ट लेने के लिए लोग परेशान रहे। जिन्होंने दिवाली के समय अपनी जांच कराई थी उनकी रिपोर्ट सोमवार को दी जानी थी, इसके चलते भीड़ बढ़ गई। दोपहर एक बजे तक 70 से अधिक मरीजों की रिपोर्ट दी गई है, जबकि इससे अधिक मरीजों की जांच हुई। पैथालॉजी में खून जांच कराने के लिए 120 से अधिक मरीज पहुंचे।
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ये मरीज आए सबसे ज्यादा
बुखार: 5000 मरीजों में 50 फीसदी मरीज बुखार के थे। फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि उन्होंने 300 मरीज देखे हैं जिनमें 120 मरीज बुखार के थे।
पेट: उल्टी और दस्त के अलावा पेट में ऐंठन की समस्या वाले मरीज करीब 30 फीसदी थे।
सांस: चेस्ट फिजीशियन ने करीब 312 मरीज देखे इसमें 80 फीसदी सांस के बाकी टीबी और अन्य समस्या के रहे।
डायबिटीज: डॉ. रविंद्र पोरवाल ने बताया कि डायबिटीज के करीब 35 से 40 मरीज उनसे सलाह लेने आए थे
हृदय: फिजीशियन डॉ. एएम अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 15 से अधिक मरीजों का ईसीजी करवाया है।
कोट
दिवाली के बाद खुले अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। हालांकि इसकी उम्मीद पहले से थी लिहाजा कोई समस्या नहीं हुई। मरीजों के लिए दो बजे के बाद तक दवाएं बांटी गई। -डॉ. एके गौतम, चिकित्सा अधीक्षक
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5000 से ज्यादा मरीज पहुंचे ओपीडी में --- फोटो
सुबह आठ बजे से पर्चे बनने शुरू हो गए थे। आम दिनों में रोज करीब 1500 ही नए पर्चे बनते हैं, लेकिन सोमवार को 2600 पर्चे बने। इतने ही मरीज पुराने थे। एक चेस्ट फिजीशियन छुट्टी पर थे, इसलिए दूसरे फिजीशियन पर लोड ज्यादा बढ़ गया। डॉ. एमएल शर्मा ने 312 से अधिक मरीज देखे। फिजीशियन डॉ. रविंद्र पोरवाल, डॉ. अजय मोहन अग्रवाल और डॉ. वागीश वैश्य ने मिलकर 700 से अधिक मरीज निपटाए। ये मरीज की सिर्फ समस्या सुन रहे थे, कुछ पूछना तभी हो रहा था जिसके बारे में शंका दिखी। बाकी सभी को सिर्फ समस्या सुनकर दवा लिखी गई।
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रिपोर्ट लेने के लिए भी लंबा इंतजार ---- फोटो
पैथालॉजी और एक्सरे रूम के बाहर अपनी रिपोर्ट लेने के लिए लोग परेशान रहे। जिन्होंने दिवाली के समय अपनी जांच कराई थी उनकी रिपोर्ट सोमवार को दी जानी थी, इसके चलते भीड़ बढ़ गई। दोपहर एक बजे तक 70 से अधिक मरीजों की रिपोर्ट दी गई है, जबकि इससे अधिक मरीजों की जांच हुई। पैथालॉजी में खून जांच कराने के लिए 120 से अधिक मरीज पहुंचे।
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ये मरीज आए सबसे ज्यादा
बुखार: 5000 मरीजों में 50 फीसदी मरीज बुखार के थे। फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि उन्होंने 300 मरीज देखे हैं जिनमें 120 मरीज बुखार के थे।
पेट: उल्टी और दस्त के अलावा पेट में ऐंठन की समस्या वाले मरीज करीब 30 फीसदी थे।
सांस: चेस्ट फिजीशियन ने करीब 312 मरीज देखे इसमें 80 फीसदी सांस के बाकी टीबी और अन्य समस्या के रहे।
डायबिटीज: डॉ. रविंद्र पोरवाल ने बताया कि डायबिटीज के करीब 35 से 40 मरीज उनसे सलाह लेने आए थे
हृदय: फिजीशियन डॉ. एएम अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 15 से अधिक मरीजों का ईसीजी करवाया है।
कोट
दिवाली के बाद खुले अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। हालांकि इसकी उम्मीद पहले से थी लिहाजा कोई समस्या नहीं हुई। मरीजों के लिए दो बजे के बाद तक दवाएं बांटी गई। -डॉ. एके गौतम, चिकित्सा अधीक्षक