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राज्यरानी हादसे से बरेली जंक्शन पर भी रही घबराहट
बरेली।
Updated Sun, 16 Apr 2017 01:45 AM IST
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- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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रामपुर के पास राज्यरानी एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने के बाद बरेली जंक्शन पर अफरातफरी मच गई। इस ट्रेन से दैनिक यात्रा करने वालों के अलावा शाहजहांपुर, लखनऊ जाने वाले कई यात्रियों ने अपनी यात्रा कैंसिल कर दी, जबकि कई यात्री दोपहर तक स्टेशन पर रुकने के बाद यहां से चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस से शाहजहांपुर, हरदोई और लखनऊ के लिए गए, जिससे इस ट्रेन में काफी भीड़ रही। लोग अपने परिवार के साथ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ही बैठे दिखे। हादसे से जहां डेली पैसेंजर की दिनचर्या लड़खड़ा गई, वहीं शादी ब्याह में शामिल होने जाने वाले लोग भी देरी से पहुंचे। कई ने असुविधा होने पर अपना टिकट ही कैंसिल करा दिया। टिकट कैंसिल कराने वालों की टिकट विंडो पर काफी भीड़ लगी रही। हादसे को लेकर आरपीएफ, जीआरपी के साथ ही मुख्य टिकट निरीक्षक एके शुक्ला कंट्रोल रूम से आए निर्देशों पर स्टेशन पर राउंड लेेकर पूरी तरह से अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे।
भाई की शादी में जाना था पर नहीं आई ट्रेन
पीलीभीत बाईपास स्थित पवन विहार कॉलोनी में रहने वाली दीपा गुप्ता ने बताया कि उनका भाई अंकित गुप्ता शाहजहांपुर में रहता है। रविवार को उसकी शादी है। शनिवार सुबह वह शाहजहांपुर जाने के लिए राज्यरानी एक्सप्रेस पकड़ने को स्टेशन पहुंचीं, लेकिन ट्रेन एक्सीडेंट हो जाने से दिक्कत हुई। उन्होंने राहत भरी सांस ली कि कोई हताहत नहीं हुआ। वह अपनी बहन ऋतु गुप्ता और अन्य परिजनों के साथ ही स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करती रहीं। दोपहर के समय में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सवार होकर वह शाहजहांपुर गईं।
दोपहर तक इंतजार किया फिर पकड़ी त्रिवेणी एक्सप्रेस
सन सिटी विस्तार के रहने वाले बैंक मैनेजर विजेंद्र सिंह अपनी पत्नी सरला सिंह, आकांक्षा के साथ राज्यरानी एक्सप्रेस से बालामऊ तक की यात्रा करने के लिए स्टेशन पर पहुंचे थे। उन्होंने राज्यरानी एक्सप्रेस के डी-5 में सीट नंबर 13,14,15 बुक कराई थी। विजेंद्र सिंह ने बताया कि वह बालामऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। ट्रेन एक्सीडेंट हो जाने के बाद वह स्टेशन पर बैठे ही इंतजार करते रहे। वह त्रिवेणी एक्सप्रेस से हरदोई तक गए और फिर यहां से प्राइवेट वाहन से बालामऊ पहुंचे।
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पचास से अधिक रिजर्वेशन टिकट हुए रद
राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद दैनिक यात्री तो प्रभावित हुए ही। साथ ही रिजर्वेशन कराने वाले भी परेशान हो गए। जंक्शन के दोनों रिजर्वेशन काउंटर पर करीब 50 रिजर्वेशन रद हुए।
पूछताछ केंद्र पर होती रही हुज्जत
बरेली-रामपुर रेल मार्ग बंद हो जाने के बाद ट्रेनों के डायवर्जन की जानकारी पल पल आ रही थी। पूछताछ केंद्र कर्मी उन्हें बोर्ड पर अंकित कर रहे थे। इसके बावजूद यहां भीड़ लगी हुई थी और लोग कर्मियों से चीखकर ट्रेनों के बारे में पूछ रहे थे। इसको लेकर कर्मचारियों से यात्रियों की हुज्जत भी हुई।
ट्रेन में थे बरेली के भी लोग
बरेली। राज्यरानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे बरेली कॉलेज के लैब इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि चलती ट्रेन में तेज धमका हुआ, जिससे धूल मिट्टी उड़ी और गाड़ी आड़ी तिरछी हो गई। इसके बाद एक के बाद एक डिब्बा पटरी से उतरता चला गया। वह सीट पर बैठे थे, तेज झटका लगने से खिड़की से टकराए। इसके बाद ही अन्य यात्रियों में चीख पुकार मच गई। यात्री अपनी जान बचाकर ट्रेन से उतरकर भागते नजर आए। वह भी जैसे तैसे करके डिब्बे से निकले। इसके अलावा इसी ट्रेन में ही बेटी के साथ यात्रा करने वाली सुमन उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने पर यात्री बेहाल हो गए। लोगों की जान सांसत में पड़ गई। वह भी बमुश्किल बचकर निकलीं और परेशान होते हुए बरेली पहुंची। यात्रियों को बरेली और अन्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। बस भी पर्याप्त मात्रा में नहीं लगीं। जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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भाई की शादी में जाना था पर नहीं आई ट्रेन
पीलीभीत बाईपास स्थित पवन विहार कॉलोनी में रहने वाली दीपा गुप्ता ने बताया कि उनका भाई अंकित गुप्ता शाहजहांपुर में रहता है। रविवार को उसकी शादी है। शनिवार सुबह वह शाहजहांपुर जाने के लिए राज्यरानी एक्सप्रेस पकड़ने को स्टेशन पहुंचीं, लेकिन ट्रेन एक्सीडेंट हो जाने से दिक्कत हुई। उन्होंने राहत भरी सांस ली कि कोई हताहत नहीं हुआ। वह अपनी बहन ऋतु गुप्ता और अन्य परिजनों के साथ ही स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करती रहीं। दोपहर के समय में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सवार होकर वह शाहजहांपुर गईं।
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दोपहर तक इंतजार किया फिर पकड़ी त्रिवेणी एक्सप्रेस
सन सिटी विस्तार के रहने वाले बैंक मैनेजर विजेंद्र सिंह अपनी पत्नी सरला सिंह, आकांक्षा के साथ राज्यरानी एक्सप्रेस से बालामऊ तक की यात्रा करने के लिए स्टेशन पर पहुंचे थे। उन्होंने राज्यरानी एक्सप्रेस के डी-5 में सीट नंबर 13,14,15 बुक कराई थी। विजेंद्र सिंह ने बताया कि वह बालामऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। ट्रेन एक्सीडेंट हो जाने के बाद वह स्टेशन पर बैठे ही इंतजार करते रहे। वह त्रिवेणी एक्सप्रेस से हरदोई तक गए और फिर यहां से प्राइवेट वाहन से बालामऊ पहुंचे।
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पचास से अधिक रिजर्वेशन टिकट हुए रद
राज्यरानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद दैनिक यात्री तो प्रभावित हुए ही। साथ ही रिजर्वेशन कराने वाले भी परेशान हो गए। जंक्शन के दोनों रिजर्वेशन काउंटर पर करीब 50 रिजर्वेशन रद हुए।
पूछताछ केंद्र पर होती रही हुज्जत
बरेली-रामपुर रेल मार्ग बंद हो जाने के बाद ट्रेनों के डायवर्जन की जानकारी पल पल आ रही थी। पूछताछ केंद्र कर्मी उन्हें बोर्ड पर अंकित कर रहे थे। इसके बावजूद यहां भीड़ लगी हुई थी और लोग कर्मियों से चीखकर ट्रेनों के बारे में पूछ रहे थे। इसको लेकर कर्मचारियों से यात्रियों की हुज्जत भी हुई।
ट्रेन में थे बरेली के भी लोग
बरेली। राज्यरानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे बरेली कॉलेज के लैब इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि चलती ट्रेन में तेज धमका हुआ, जिससे धूल मिट्टी उड़ी और गाड़ी आड़ी तिरछी हो गई। इसके बाद एक के बाद एक डिब्बा पटरी से उतरता चला गया। वह सीट पर बैठे थे, तेज झटका लगने से खिड़की से टकराए। इसके बाद ही अन्य यात्रियों में चीख पुकार मच गई। यात्री अपनी जान बचाकर ट्रेन से उतरकर भागते नजर आए। वह भी जैसे तैसे करके डिब्बे से निकले। इसके अलावा इसी ट्रेन में ही बेटी के साथ यात्रा करने वाली सुमन उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने पर यात्री बेहाल हो गए। लोगों की जान सांसत में पड़ गई। वह भी बमुश्किल बचकर निकलीं और परेशान होते हुए बरेली पहुंची। यात्रियों को बरेली और अन्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। बस भी पर्याप्त मात्रा में नहीं लगीं। जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।