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Bareilly News: राम गूजर सबका चहेता, चौकी प्रभारी से एक महीने में 350 बार बात की

Fri, 19 Jul 2024 06:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 06:35 AM IST
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Ram Gujar was everyone's favorite, talked to the outpost in-charge 350 times
बरेली। किला थाने से फरार राम गूजर की पुलिस और एसओजी में कितनी गहरी पैठ थी ये कॉल डिटेल के रिकार्ड से सामने आ रहा है। एसओजी के सदस्यों के साथ ही एक चौकी प्रभारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। एसएसपी अब विभागीय स्टाफ पर भी कार्रवाई कर सकते हैं।
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राम गूजर का तीन दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। बताते हैं कि मुखबिरी के बहाने वह पुलिस व एसटीएफ की अवैध कमाई और दावतों का इंतजाम करता था। यही वजह रही जो अमन की मां किला थाने और चौकियों पर चक्कर काटती रही पर पुलिस ने गौर ही नहीं दिया। पकड़ने के बाद राम गूजर को थाने में आजादी से बैठाया भी गया जिसकी वजह से वह खिसक गया।
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एसएसपी के निर्देश पर सीओ टू संदीप कुमार सिंह मामले में पुलिस व एसओजी की भूमिका की जांच करा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सर्विलांस से मिले रिकार्ड ने अधिकारियों को चौंकाया है। किला थाने की एक चौकी के प्रभारी की महीने में 350 बार राम गूजर से बात होने की पुष्टि हुई है। साथ ही एसओजी टीम के दो सदस्यों से भी 25 से तीस बार सामान्य कॉल पर बात होने की पुष्टि की गई है। व्हाट्सएप कॉल पर भी कई बार बात की गई है। ब्यूरो
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विपिन बोला- ललित और एसओजी की मुखबिरी के शक में मारा
विपिन से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसकी दुश्मनी एक दुकान को लेकर हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना से चल रही थी। दोनों ही एक-दूसरे पर मुकदमे करा रहे थे। ललित ने उसे इज्जतनगर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया था। ललित इज्जतनगर के गोलीकांड मामले में जेल में बंद है। उस दुकान का ललित ने फर्जी तरीके से बैनामा करा रखा था। ललित का दांव कमजोर होने पर उसने वहां ताला डालकर अपना दफ्तर खोल दिया। अमन ललित के साथ काम कर रहा था। इसलिए उससे भी झगड़ा हो गया था। राम गूजर के जरिये अमन एसओजी टीम के संपर्क में था। विपिन को लगा कि वह एसओजी से उसकी मुखबिरी कर रहा है, इसलिए उसकी हत्या कर दी। यह भी बताया कि उन लोगों ने पहले सड़क पर अमन की पिटाई की, फिर दफ्तर में गला दबाकर हत्या कर दी। उन्होंने एक टेंपो बुलाया और उससे अमन का शव दूर ले जाकर नाले में डाल दिया। उन्हें लगा कि किसी को घटना का पता नहीं लगेगा पर शव ऊपर आने से बात खुल गई। दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में आई फुटेज ने और फंसवा दिया। ब्यूरो
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