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जेल से कैदी छूटे, बहनों ने भी बंदियों को बांधी राखी
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बरेली। जिला और सेंट्रल जेल से स्वतंत्रता दिवस पर भव्य कार्यक्रम किए गए। दोनों जेल से छह बंदियों को रिहा किया गया जो जुर्माना न भर पाने की वजह से अतिरिक्त सजा भुगत रहे थे।
जिला जेल में अधीक्षक यूपी मिश्रा ने तिरंगा फहराया। बंदियों ने खेलकूद, चित्रकला आदि प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पांच बंदी छत्रपाल, शमशाद, महेश, अशोक कुमार और बादशाह को रिहा किया गया। इनका जुर्माना 19370 रुपये भोजदत्त मिश्रा एजूकेशनल सोसायटी के रमेश चंद्र मिश्रा ने जमा किया। रक्षाबंधन पर्व पर भाइयों को राखी बांधने को बहनों की भीड़ रही। कारागार में 1083 महिलाओं ने 733 बंदियों को राखी बांधी। इसी तरह सेंट्रल जेल में भी बहनें राखी बांधने पहुंचीं। वहां प्रभारी जेल अधीक्षक अशोक सागर ने ध्वजारोहण किया। वहां से एक बंदी को भी रिहा किया गया।
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जिला जेल में अधीक्षक यूपी मिश्रा ने तिरंगा फहराया। बंदियों ने खेलकूद, चित्रकला आदि प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पांच बंदी छत्रपाल, शमशाद, महेश, अशोक कुमार और बादशाह को रिहा किया गया। इनका जुर्माना 19370 रुपये भोजदत्त मिश्रा एजूकेशनल सोसायटी के रमेश चंद्र मिश्रा ने जमा किया। रक्षाबंधन पर्व पर भाइयों को राखी बांधने को बहनों की भीड़ रही। कारागार में 1083 महिलाओं ने 733 बंदियों को राखी बांधी। इसी तरह सेंट्रल जेल में भी बहनें राखी बांधने पहुंचीं। वहां प्रभारी जेल अधीक्षक अशोक सागर ने ध्वजारोहण किया। वहां से एक बंदी को भी रिहा किया गया।
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