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Bareilly News: रायपुर हंस के अभय प्रताप बने तहसीलदार, बहन बनी जज तो चुन ली सिविल सेवा की राह
Wed, 01 Apr 2026 02:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:46 AM IST
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बरेली। फरीदपुर के रायपुर हंस गांव का नाम तिहरे हत्याकांड की वजह से चर्चा में रहा। यहां मूंछ की लड़ाई व जमीनी विवाद भी आम हैं। लंबे समय बाद इस गांव को गर्व की अनुभूति हुई है। गांव के युवा अभय प्रताप सिंह तोमर ने पीसीएस-2024 की परीक्षा उत्तीर्ण करके सभी को गौरवान्वित किया है। उन्हें तहसीलदार का पद मिला है।
अभय पीएचडी करने व पीसीएस में चयनित होने वाले गांव के पहले व्यक्ति हैं। अभय ने बताया कि जब वह ढाई वर्ष के थे, तब पिता कुलवीर सिंह ने गांव छोड़ दिया। वह बदायूं में रहकर एक निजी विद्यालय में पढ़ाते थे। सालों बाद स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बरेली लौट आए।
वर्तमान में फरीदपुर के लाइन पार मठिया में मकान बनाकर रह रहे हैं। अभय का कहना है कि यदि गांव से बाहर नहीं निकलते तो शायद कुछ भी नहीं बन पाते। अभय ने अपनी स्कूली शिक्षा संभल के अनूपशहर से पूरी की। स्नातक भी यहीं से किया। एमएससी व डायट में एक साथ प्रवेश होने के कारण एमएससी छोड़ दी।
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इसी दौरान नेट जेआरएफ की परीक्षा पास कर पीएचडी में प्रवेश ले लिया। वर्तमान में अभय साहूराम स्वरूप महिला महाविद्यालय की प्रो. सीमा गौतम के मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उनका लक्ष्य हमेशा से ही यूपीएससी ही रहा है। अब तक एक बार ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच सके हैं। कहीं से भी कोचिंग नहीं ली। यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर खुद ही पढ़ाई की।
बहन बनी जज तो चुन ली सिविल सेवा की राह
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पीसीएस-2024 की परीक्षा में राजेंद्रनगर की रहने वाली अवंतिका सिंह ने कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी का पद प्राप्त किया है। अवंतिका के पिता स्थाई लोक अदालत में अध्यक्ष के पद पर हैं। अवंतिका भी वर्तमान में बदायूं के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बिसौली में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं। बड़ी बहन जब 2022 में जज बनी तो अवंतिका ने भी सिविल सेवा में जाने का ठान लिया। इसके बाद ऑनलाइन तैयारी शुरू की। पहले प्रयास से अवंतिका को सफलता हाथ लगी।
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अभय पीएचडी करने व पीसीएस में चयनित होने वाले गांव के पहले व्यक्ति हैं। अभय ने बताया कि जब वह ढाई वर्ष के थे, तब पिता कुलवीर सिंह ने गांव छोड़ दिया। वह बदायूं में रहकर एक निजी विद्यालय में पढ़ाते थे। सालों बाद स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बरेली लौट आए।
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वर्तमान में फरीदपुर के लाइन पार मठिया में मकान बनाकर रह रहे हैं। अभय का कहना है कि यदि गांव से बाहर नहीं निकलते तो शायद कुछ भी नहीं बन पाते। अभय ने अपनी स्कूली शिक्षा संभल के अनूपशहर से पूरी की। स्नातक भी यहीं से किया। एमएससी व डायट में एक साथ प्रवेश होने के कारण एमएससी छोड़ दी।
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इसी दौरान नेट जेआरएफ की परीक्षा पास कर पीएचडी में प्रवेश ले लिया। वर्तमान में अभय साहूराम स्वरूप महिला महाविद्यालय की प्रो. सीमा गौतम के मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उनका लक्ष्य हमेशा से ही यूपीएससी ही रहा है। अब तक एक बार ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच सके हैं। कहीं से भी कोचिंग नहीं ली। यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर खुद ही पढ़ाई की।
बहन बनी जज तो चुन ली सिविल सेवा की राह
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पीसीएस-2024 की परीक्षा में राजेंद्रनगर की रहने वाली अवंतिका सिंह ने कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी का पद प्राप्त किया है। अवंतिका के पिता स्थाई लोक अदालत में अध्यक्ष के पद पर हैं। अवंतिका भी वर्तमान में बदायूं के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बिसौली में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं। बड़ी बहन जब 2022 में जज बनी तो अवंतिका ने भी सिविल सेवा में जाने का ठान लिया। इसके बाद ऑनलाइन तैयारी शुरू की। पहले प्रयास से अवंतिका को सफलता हाथ लगी।