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रेलवे ने बंद की क्रासिंग तो ग्रामीण बोले नहीं डालेंगे वोट
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पलिया के बोझवा में रेलवे क्रासिंग के पास जमा ग्रामीणों की भीड़।
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। इलाके के बोझवा गांव में ठोकर नंबर एक के पास आपातकालीन रेलवे क्रासिंग को दोनों तरफ अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता नहीं तो वोट नहीं की बात कही है।
बोझवा ठोकर नंबर एक की आपातकालीन रेलवे क्रासिंग के पार बोझवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की जमीन है, जिनपर वह खेती करते हैं। बीते दिनों रेलवे द्वारा उक्त क्रासिंग के दोनों तरफ खाई खुदवाकर अब उसपर अवरोधक लगवा दिए हैं। इससे क्रॉसिंग से रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने क्रॉसिंग के पास पहुंचकर विरोध जताया। साथ ही बैनर टांग दिया है, जिसमें रास्ता नहीं तो वोट नहीं की बात लिखी है।
ग्रामीणों ने बताया कि बोझवा, बरूआ खुर्द, बरूआ कलां, टेढ़ी फार्म, मटैहिया, मझौरा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की खेतिहर भूमि रास्ता पार करने पर आती हैं। रास्ता बंद होने से उनको दो किलोमीटर की बजाय 20 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने खेतों में जाना पड़ता है। इससे उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक रास्ता नहीं खुलता है, तब तक ग्रामीण वोट नहीं डालेंगे।
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बोझवा ठोकर नंबर एक की आपातकालीन रेलवे क्रासिंग के पार बोझवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की जमीन है, जिनपर वह खेती करते हैं। बीते दिनों रेलवे द्वारा उक्त क्रासिंग के दोनों तरफ खाई खुदवाकर अब उसपर अवरोधक लगवा दिए हैं। इससे क्रॉसिंग से रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने क्रॉसिंग के पास पहुंचकर विरोध जताया। साथ ही बैनर टांग दिया है, जिसमें रास्ता नहीं तो वोट नहीं की बात लिखी है।
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ग्रामीणों ने बताया कि बोझवा, बरूआ खुर्द, बरूआ कलां, टेढ़ी फार्म, मटैहिया, मझौरा समेत कई गांवों के ग्रामीणों की खेतिहर भूमि रास्ता पार करने पर आती हैं। रास्ता बंद होने से उनको दो किलोमीटर की बजाय 20 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने खेतों में जाना पड़ता है। इससे उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक रास्ता नहीं खुलता है, तब तक ग्रामीण वोट नहीं डालेंगे।
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