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यात्री कृपया ध्यान दें, एस्केलेटर का रिबन नहीं कटा है, पैदल ही जाएं
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यात्री कृपया ध्यान दें, एस्केलेटर का रिबन नहीं कटा है, पैदल ही जाएं
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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मंडलीय अधिकारी बोले, पहले उद्घाटन होगा, फिर मिलेगी सुविधा
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बरेली। बरेली जंक्शन पर लगा एस्केलेटर फिलहाल इस साल यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो सकेगा। कारण, अभी जनप्रतिनिधियों ने इसका उद्घाटन रिबन काटने का वक्त रेलवे के अधिकारियों को नहीं दिया है। हालांकि रेलवे के अधिकारी ऐसा मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अभी ट्रायल पीरियड पूरा नहीं हुआ है। वजह चाहें जो भी हो बुुजुर्ग यात्रियों की परेशानी इस साल दूर होती नहीं दिख रही।
सूत्रों के मुताबिक एस्केलेटर 25 नवंबर को रेलवे को हैंडओवर कर दिया गया था, लेकिन मुरादाबाद मंडल के अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के साथ कोई दुर्घटना न हो जाए, इसलिए उसे ट्रायल पर चलाया जा रहा है। वहीं रेलवे के ही लोग इसकी मुख्य वजह इसका उद्घाटन न होना बता रहे हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने फिलहाल इसके उद्घाटन का समय तय नहीं किया है।
गौरतलब है कि रेलवे ने 2016 में एस्केलेटर खरीद की थी। दो साल तक कबाड़ की तरह पड़े रहने के बाद एक जनप्रतिनिधि के कहने पर एस्केलेटर लगाने की कवायद हुई। यात्रियों को उम्मीद थी कि 28 नवंबर को उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह के वार्षिक निरीक्षण से पहले एस्केलेटर शुरू हो जाएगा, लेकिन उन्हें नाउम्मीद होना पड़ा। यहां बता दें कि जीएम के सामने ही एस्केलेटर रुक-रुककर चल रहा था।
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कमाल है, सेफ्टी स्विच लगाया है बीच में
आमतौर पर एस्केलेटर को चलाने और उसे बंद करने के लिए सेफ्टी स्विच एस्केलेटर की शुरूआत या आखिर में लगाया जाता है, इसे ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटर भी तैनात रहता है। वही एस्केलेटर को चाबी से खोलता और बंद करता है, लेकिन बरेली जंक्शन पर फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां सेफ्टी स्विच एस्केलेटर के बीच में लगाया गया है और ऑपरेटर भी तैनात नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेटर भी उद्घाटन समारोह होने के बाद ही आएगा।
अभी एस्केलेटर का ट्रायल चल रहा है। पूरी तौर से सफल होने के बाद ही इसे चलाया जाना संभव होगा। बिना जनप्रतिनिधि के उद्घाटन के बिना एस्केलेटर नहीं चलाया जाएगा।
- मानसिंह मीना, एडीआरएम, मुरादाबाद रेल डिवीजन
सूत्रों के मुताबिक एस्केलेटर 25 नवंबर को रेलवे को हैंडओवर कर दिया गया था, लेकिन मुरादाबाद मंडल के अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के साथ कोई दुर्घटना न हो जाए, इसलिए उसे ट्रायल पर चलाया जा रहा है। वहीं रेलवे के ही लोग इसकी मुख्य वजह इसका उद्घाटन न होना बता रहे हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने फिलहाल इसके उद्घाटन का समय तय नहीं किया है।
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गौरतलब है कि रेलवे ने 2016 में एस्केलेटर खरीद की थी। दो साल तक कबाड़ की तरह पड़े रहने के बाद एक जनप्रतिनिधि के कहने पर एस्केलेटर लगाने की कवायद हुई। यात्रियों को उम्मीद थी कि 28 नवंबर को उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह के वार्षिक निरीक्षण से पहले एस्केलेटर शुरू हो जाएगा, लेकिन उन्हें नाउम्मीद होना पड़ा। यहां बता दें कि जीएम के सामने ही एस्केलेटर रुक-रुककर चल रहा था।
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कमाल है, सेफ्टी स्विच लगाया है बीच में
आमतौर पर एस्केलेटर को चलाने और उसे बंद करने के लिए सेफ्टी स्विच एस्केलेटर की शुरूआत या आखिर में लगाया जाता है, इसे ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटर भी तैनात रहता है। वही एस्केलेटर को चाबी से खोलता और बंद करता है, लेकिन बरेली जंक्शन पर फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां सेफ्टी स्विच एस्केलेटर के बीच में लगाया गया है और ऑपरेटर भी तैनात नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेटर भी उद्घाटन समारोह होने के बाद ही आएगा।
अभी एस्केलेटर का ट्रायल चल रहा है। पूरी तौर से सफल होने के बाद ही इसे चलाया जाना संभव होगा। बिना जनप्रतिनिधि के उद्घाटन के बिना एस्केलेटर नहीं चलाया जाएगा।
- मानसिंह मीना, एडीआरएम, मुरादाबाद रेल डिवीजन