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बरेली-कासगंज ट्रैक पर दौड़ी मोटर ट्राली
बरेली
Updated Mon, 10 Aug 2015 02:08 AM IST
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बरेली/बदायूं । बरेली - कासगंज बड़ी लाइन शुरू करने को रेलवे मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद 11 अगस्त से ट्रेन चलाने के मद्देनजर रेलवे महकमा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। रविवार को बरेली से नगरिया तक मोटर ट्राली इस ट्रैक पर दौड़ी। इंजीनियरों की टीम को लाइन पर सब ठीक ठाक मिला । स्थानीय रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की सुविधाओं के लिए व्यवस्थाओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। स्टेशन अधीक्षक का भी कहना है कि अब 11 अगस्त से इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरु हो जाएगा।
लंबे समय से बरेली से कासगंज के लिए बड़ी लाइन की मांग की जा रही थी। इसके लिए जनता ने आंदोलन भी किया। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र भी भेजे। करीब डेढ़ साल पहले बरेली-कासगंज ट्रैक पर बड़ी लाइन का काम शुरु हुआ। तभी से ट्रेनों का संचालन बंद है। बड़ी लाइन के लिए बरेली से कासगंज तक काम पूरा हो गया। अप्रैल से इस ट्रैक पर मालगाड़ियां भी दौड़ रहीं हैं मगर सवारी गाड़ी का संचालन नहीं हो रहा है। चूंकि मालगाड़ियां बिना किसी रुकावट के ट्रैक पर दौड़ रहीं हैं इसलिए लोग पूछने लगे हैं कि अब सवारी ट्रेनों के चलने में क्या दिक्कत हैं। जनता लगातार ट्रेनों के संचालन की मांग कर रही है। बीते दिन डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल ने बरेली में साफ किया है कि 11 अगस्त को रेल मंत्री सुरेश प्रभू और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, बड़ी लाइन पर ट्रेनों का संचालन 11 अगस्त से शुरु होने की खबर के साथ ही रविवार को बरेली से नगरिया (कासगंज) तक इंजीनियरों की टीम ने ट्रैक पर मोटर ट्राली को दौड़ाया। इस दौरान उन्होंने हर जगह को बारीकी से परखा कहीं किसी तरह की समस्या तो नहीं है। मोटर ट्राली वापस बरेली चली गई। इंजीनियरों की टीम में अनिल कुमार श्रीवास्तव, रमेश सिंह, नेत्रपाल सिंह आदि थे।
इंसेट-
नहीं आई है अभी समय सारिणी
बरेली-कासगंज ट्रैक पर 11 अगस्त से ट्रेनों का संचालन होने में अब किसी तरह दिक्कत नहीं है। कल का ही दिन बचा है, लेकिन रविवार तक ट्रेनों की समय-सारिणी यहां नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को समय सारिणी के साथ-साथ और भी व्यवस्थाएं हो जाएंगी।
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इंसेट-
बहुत दुश्वारियां झेली हैं लोगों ने
बदायूं। करीब डेढ़ साल से ट्रेनों का संचालन बंद होने से जिले के लोगों ने कम परेशानियां नहीं उठाईं हैं। बता दें कि बदायूं से बरेली मार्ग पर भी फोरलेन का काम चल रहा है। जगह-जगह रोड उखाड़ दिया गया। बसों और अन्य निजी वाहनों से सफर करने में लोगों को काफी परेशानी हुईं। अब लोगों का कहना है यदि ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाता है तो उन्हें बहुत लाभ मिलेगा। कम समय में ही बरेली या फिर कासगंज की ओर आ-जा सकते हैं।
कोट...
रेल मंत्रालय से सिग्नल मिलने के बाद पूरी उम्मीद है कि 11 अगस्त से ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। सवारी गाड़ियों के दौड़ने से यात्रियों को सुविधा होगी। यहां पर पूरी तैयारियां हैं। लाइन को इंजीनियरों की टीम ने चेक किया है।
-ओपी मीना, स्टेशन अधीक्षक
क्रासर
बरेली को रेल मंत्री से उम्मीदें
हैडिंग
लाल फाटक पर ओवर ब्रिज का है इंतजार
क्रासर
सुभाषनगर पुलिया हो चौड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 11 अगस्त को बरेली - कासगंज ट्रेक पर ट्रेन संचालन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान बरेली आने पर यहां के बाशिंदों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या लाल फाटक पर लगने वाले जाम की है। इस समस्या का समाधान कराने के लिए रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय से ओवर ब्रिज के निर्माण को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। प्रदेश सरकार इसके लिए प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेज चुकी है।
दो साल पहले बरेली आगमन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लाल फाटक पर ओवर ब्रिज बनाने की घोषणा की थी। जिसे प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कर लिया था। जिसका प्रस्ताव राज्य सेतु निगम ने तैयार करके प्रमुख सचिव (लोक निर्माण) के माध्यम से रेल मंत्रालय को भेज दिया था। जिसके लिए कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने रेल मंत्रालय में प्रयास किए। उनके स्तर से दो बार मुख्यमंत्री की घोषणा का संदर्भ करते हुए पत्र भी लिखे गए। इन पत्रों के जबाव में रेल मंत्रालय की ओर से यही कहा जा रहा है कि बजट के अभाव में इस बार ओवर ब्रिज को शामिल करना संभव नहीं है।
ऐसे में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर तथा बदायूं से कासगंज और आगरा की ओर वाहनों का आना जाना होता है। इस ट्रेक पर काफी ट्रेन होने के कारण 24 घंटे में 18 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। बमुश्किल छह घंटे ही फाटक खुलता है। कई बार इस फाटक पर बड़े हादसे हुए हैं। इसके अलावा सुभाषनगर की पुलिया का चौड़ीकरण तथा बरेली जंक्शन तथा सिटी स्टेशन पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए रेलमंत्री की ओर से घोषणा का इंतजार है।
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लंबे समय से बरेली से कासगंज के लिए बड़ी लाइन की मांग की जा रही थी। इसके लिए जनता ने आंदोलन भी किया। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र भी भेजे। करीब डेढ़ साल पहले बरेली-कासगंज ट्रैक पर बड़ी लाइन का काम शुरु हुआ। तभी से ट्रेनों का संचालन बंद है। बड़ी लाइन के लिए बरेली से कासगंज तक काम पूरा हो गया। अप्रैल से इस ट्रैक पर मालगाड़ियां भी दौड़ रहीं हैं मगर सवारी गाड़ी का संचालन नहीं हो रहा है। चूंकि मालगाड़ियां बिना किसी रुकावट के ट्रैक पर दौड़ रहीं हैं इसलिए लोग पूछने लगे हैं कि अब सवारी ट्रेनों के चलने में क्या दिक्कत हैं। जनता लगातार ट्रेनों के संचालन की मांग कर रही है। बीते दिन डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल ने बरेली में साफ किया है कि 11 अगस्त को रेल मंत्री सुरेश प्रभू और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, बड़ी लाइन पर ट्रेनों का संचालन 11 अगस्त से शुरु होने की खबर के साथ ही रविवार को बरेली से नगरिया (कासगंज) तक इंजीनियरों की टीम ने ट्रैक पर मोटर ट्राली को दौड़ाया। इस दौरान उन्होंने हर जगह को बारीकी से परखा कहीं किसी तरह की समस्या तो नहीं है। मोटर ट्राली वापस बरेली चली गई। इंजीनियरों की टीम में अनिल कुमार श्रीवास्तव, रमेश सिंह, नेत्रपाल सिंह आदि थे।
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नहीं आई है अभी समय सारिणी
बरेली-कासगंज ट्रैक पर 11 अगस्त से ट्रेनों का संचालन होने में अब किसी तरह दिक्कत नहीं है। कल का ही दिन बचा है, लेकिन रविवार तक ट्रेनों की समय-सारिणी यहां नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को समय सारिणी के साथ-साथ और भी व्यवस्थाएं हो जाएंगी।
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बहुत दुश्वारियां झेली हैं लोगों ने
बदायूं। करीब डेढ़ साल से ट्रेनों का संचालन बंद होने से जिले के लोगों ने कम परेशानियां नहीं उठाईं हैं। बता दें कि बदायूं से बरेली मार्ग पर भी फोरलेन का काम चल रहा है। जगह-जगह रोड उखाड़ दिया गया। बसों और अन्य निजी वाहनों से सफर करने में लोगों को काफी परेशानी हुईं। अब लोगों का कहना है यदि ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाता है तो उन्हें बहुत लाभ मिलेगा। कम समय में ही बरेली या फिर कासगंज की ओर आ-जा सकते हैं।
कोट...
रेल मंत्रालय से सिग्नल मिलने के बाद पूरी उम्मीद है कि 11 अगस्त से ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। सवारी गाड़ियों के दौड़ने से यात्रियों को सुविधा होगी। यहां पर पूरी तैयारियां हैं। लाइन को इंजीनियरों की टीम ने चेक किया है।
-ओपी मीना, स्टेशन अधीक्षक
क्रासर
बरेली को रेल मंत्री से उम्मीदें
हैडिंग
लाल फाटक पर ओवर ब्रिज का है इंतजार
क्रासर
सुभाषनगर पुलिया हो चौड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 11 अगस्त को बरेली - कासगंज ट्रेक पर ट्रेन संचालन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान बरेली आने पर यहां के बाशिंदों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या लाल फाटक पर लगने वाले जाम की है। इस समस्या का समाधान कराने के लिए रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय से ओवर ब्रिज के निर्माण को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। प्रदेश सरकार इसके लिए प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेज चुकी है।
दो साल पहले बरेली आगमन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लाल फाटक पर ओवर ब्रिज बनाने की घोषणा की थी। जिसे प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कर लिया था। जिसका प्रस्ताव राज्य सेतु निगम ने तैयार करके प्रमुख सचिव (लोक निर्माण) के माध्यम से रेल मंत्रालय को भेज दिया था। जिसके लिए कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने रेल मंत्रालय में प्रयास किए। उनके स्तर से दो बार मुख्यमंत्री की घोषणा का संदर्भ करते हुए पत्र भी लिखे गए। इन पत्रों के जबाव में रेल मंत्रालय की ओर से यही कहा जा रहा है कि बजट के अभाव में इस बार ओवर ब्रिज को शामिल करना संभव नहीं है।
ऐसे में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर तथा बदायूं से कासगंज और आगरा की ओर वाहनों का आना जाना होता है। इस ट्रेक पर काफी ट्रेन होने के कारण 24 घंटे में 18 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। बमुश्किल छह घंटे ही फाटक खुलता है। कई बार इस फाटक पर बड़े हादसे हुए हैं। इसके अलावा सुभाषनगर की पुलिया का चौड़ीकरण तथा बरेली जंक्शन तथा सिटी स्टेशन पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए रेलमंत्री की ओर से घोषणा का इंतजार है।