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ट्रेन से कटकर दो दोस्तों की मौत
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बरेली। किला रेलवे पुल से गुजर रहे 25 वर्षीय शारिक और 35 वर्षीय अफरोज की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। ट्रेन आते देख दोनों दोस्तों ने ट्रैक पर ही दौड़कर बचने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। किला पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
किला के मोहल्ला बाकरगंज खड्ड के पास रहने वाले शारिक और अफरोज आपस में दोस्त थे। शारिक ऑटो चलाते थे और अफरोज कार मैकेनिक थे। बुधवार दोपहर बाकरगंज ईदगाह के पास ऑटो खड़ा करके शारिक घर में खाना खाने आए थे। फिर चार बजे वह घर से निकल गए। पुलिस के मुताबिक शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों दोस्त बाकरगंज से आगे किला नदी के पुल पर थे। अचानक उन्होंने बरेली जंक्शन की ओर से ट्रेन आती देखी तो बचने के लिए पुल पर ही दौड़ लगा दी। मगर दोनों दोस्त ट्रेन से तेज नहीं दौड़ सके और उसकी चपेट में आ गए।
ट्रेन की टक्कर से दूर जाकर गिरे शव
हादसा देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने दोनों की शिनाख्त कर उनके परिवार वालों को सूचना दी। किला पुलिस भी पहुंची। पुलिस को लोगों ने बताया कि ट्रेन की टक्कर लगने के बाद शारिक और अफरोज करीब 20 मीटर दूर जाकर गिरे। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
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नदी में कूद जाते तो बच जाती जान
लोगों ने बताया कि ट्रेन आती देखकर शारिक और अफरोज हड़बड़ा गए। उन्हें लगा कि वे भागकर पुल पार कर लेंगे लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुए। अगर वे लोग पुल से नदी में कूद जाते तो शायद उनकी जान बच जाती। शाकिर के भाई फैजान ने बताया कि पांच भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसकी और अफरोज दोनों की शादी नहीं हुई थी। इंस्पेक्टर किला अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है।
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किला के मोहल्ला बाकरगंज खड्ड के पास रहने वाले शारिक और अफरोज आपस में दोस्त थे। शारिक ऑटो चलाते थे और अफरोज कार मैकेनिक थे। बुधवार दोपहर बाकरगंज ईदगाह के पास ऑटो खड़ा करके शारिक घर में खाना खाने आए थे। फिर चार बजे वह घर से निकल गए। पुलिस के मुताबिक शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों दोस्त बाकरगंज से आगे किला नदी के पुल पर थे। अचानक उन्होंने बरेली जंक्शन की ओर से ट्रेन आती देखी तो बचने के लिए पुल पर ही दौड़ लगा दी। मगर दोनों दोस्त ट्रेन से तेज नहीं दौड़ सके और उसकी चपेट में आ गए।
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ट्रेन की टक्कर से दूर जाकर गिरे शव
हादसा देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने दोनों की शिनाख्त कर उनके परिवार वालों को सूचना दी। किला पुलिस भी पहुंची। पुलिस को लोगों ने बताया कि ट्रेन की टक्कर लगने के बाद शारिक और अफरोज करीब 20 मीटर दूर जाकर गिरे। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
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नदी में कूद जाते तो बच जाती जान
लोगों ने बताया कि ट्रेन आती देखकर शारिक और अफरोज हड़बड़ा गए। उन्हें लगा कि वे भागकर पुल पार कर लेंगे लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुए। अगर वे लोग पुल से नदी में कूद जाते तो शायद उनकी जान बच जाती। शाकिर के भाई फैजान ने बताया कि पांच भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसकी और अफरोज दोनों की शादी नहीं हुई थी। इंस्पेक्टर किला अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है।