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खुद खतरा उठाकर अपने जिगरी दोस्त की जिंदगी बचाने में जुटे रहे रेडियोलॉजिस्ट

Fri, 29 May 2020 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2020 01:59 AM IST
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Radiologists trying to save themselves the life of their best friend
रामपुर गार्डेन को सैनिटाइज करती नगर निगम की टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

आईएमए ने दूसरा पक्ष भी दिखाया, सचिव ने बताया

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बरेली। क्वारंटीन होने के आदेश की अनदेखी करके शहर भर के निशाने पर आए संक्रमित रेडियोलॉजिस्ट अनकहा पहलू भी आईएमए ने सामने लाने का प्रयास किया है। बृहस्पतिवार को आईएमए सचिव ने कहा कि
रेडियोलॉजिस्ट सुरक्षा के सभी मानकों के तहत बदायूं की महिला की जांच करने के बावजूद संक्रमित हो गए। 22 मई की शाम को उन्हें जब क्वारंटीन होने को कहा गया था तब वह अपने जिगरी दोस्त डॉ. रितेश की उखड़ती सांसों को बचाने में जुटे थे, जिनका कोरोना सैंपल लिया जा चुका था।
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खुद संक्रमित होने की परवाह किए बगैर वह आखिर तक वह उन्हें बचाने में जुटे रहे। आईएमए सचिव डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट ने इन्फेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल की गाइडलाइन के मुताबिक ही बदायूं की संक्रमित महिला की जांच की थी मगर फिर भी संक्रमित हो गए। चार दिन बाद 22 मई को जब अपने बेहद खास दोस्त डॉ. रितेश की तबियत बिगड़ने के बाद उनकी मदद की जरूरत पड़ी तो उन्होंने देर नहीं की। डॉ. रितेश के पास मौजूद सभी डॉक्टर मास्क लगाए हुए थे और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे थे। शाम को सीएमओ की ओर से उन्हें क्वारंटीन होने के निर्देश मिले तो उन्होंने लोगों से दूरी बना ली लेकिन दोस्त की जान मुश्किल में छोड़कर वहां से नहीं गए। अंत्येष्टि के दौरान भी वह सबसे अलग हटकर खड़े रहे। डॉ. गोयल ने दावा किया कि आईएमए के सभी डॉक्टर पूरी तरह नियमों का पालन कर रहे हैं। कहीं कोई चूक नहीं हो रही है। अपनी जान खतरे में डालकर वह मरीजों का इलाज और जांच कर रहे हैं।
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आईएमए अध्यक्ष का दावा..रेडियोलॉजिस्ट ने क्वारंटीन होने के बाद कोई मरीज नहीं देखा

आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल ने कहा कि क्वारंटीन होने का आदेश मिलने के बाद रेडियोलॉजिस्ट ने कोई मरीज नहीं देखा। अपने मित्र की अंत्येष्टि में शामिल हुए तब भी मानकों का पालन कर रहे थे। विषम परिस्थितियों में भी वह मरीजों की जांच कर रहे हैं जो तारीफ के लायक है। ऐसे में उन्हें समाज का दुश्मन मानना गलत है। उन्होंने कहा कि आईएमए के सभी डॉक्टर शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह अनुपालन कर रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग का एक्शन..
डॉ. रितेश की अंत्येष्टि में शामिल रहे डॉक्टर खतरे में, होम क्वारंटीन की कड़ी हिदायत
आईएमए के तमाम डॉक्टरों ने खुद को क्वारंटीन करने की जानकारी दी
रेडियोलॉजिस्ट का परिवार मेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन, सैंपल भी लिया
संक्रमित रेडियोलॉजिस्ट के होम क्वारंटीन हुए परिवार के लोगों को गुरुवार को सैंपल लेकर एक निजी मेडिकल कॉलेज के लेवल वन कोविड-19 अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि दिवंगत डॉ. रितेश के इलाज के दौरान मौजूद रहे सभी डॉक्टरों को खतरे की जद में मानते हुए कड़ाई से होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है। आईएमए के तमाम डॉक्टर जिन्हें संक्त्रस्मित डॉक्टर के संपर्क में आने की जानकारी है, उन्होंने भी खुद को क्वारंटीन करने की जानकारी दी है। हालांकि इस बीच संक्रमित रेडियोलॉजिस्ट के साथ गर्भवती महिला के इलाज के दौरान मौजूद रही क्लिनिक में काम करने वाली दो कर्मचारी के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
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