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Bareilly News: हादसे के बाद जागा पीडब्ल्यूडी, चार जगह कराई बैरिकेडिंग
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बरेली। बदायूं जिले के समरेर को बरेली जिले के फरीदपुर से जोड़ने वाला पुल 14 माह से हवा में लटक रहा है, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अभियंता सोते रहे। हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद उनकी नींद टूटी। अब हादसे रोकने के लिए चार जगह बैरिकेडिंग कराई गई है। यह सतर्कता पहले दिखाते तो शायद यह हादसा बच जाता। ग्रामीणों ने भी इस हादसे के लिए अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
हादसे के वक्त पुल पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। वाहनों का आवागमन रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार काफी पहले टूट गई थी। उसे दोबारा नहीं बनवाया गया। हादसे के कुछ ही घंटे बाद वहां ईंटों का चट्टा लगा दिया गया था। अगले 24 घंटे के भीतर इसी दीवार को पक्का कराया गया। पुल से ढाई सौ मीटर दूर अप्रोच रोड पर कंक्रीट के बोल्डर रखवाए गए। इसके साथ ही, बालू की बोरियां रखवाकर दो और अवरोधक बनाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब कुछ शरारती युवाओं ने दीवार गिराई थी, अगर उसी वक्त अभियंता संज्ञान इसका लेते तो हादसे को रोका जा सकता था। वहीं, समरेर निवासी सुरेंद्र गुर्जर ने इसके लिए सीधे तौर पर निगरानी के लिए लगाए गए अभियंताओं को जिम्मेदार बताया। अमर उजाला ब्यूरो
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हादसे के वक्त पुल पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। वाहनों का आवागमन रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार काफी पहले टूट गई थी। उसे दोबारा नहीं बनवाया गया। हादसे के कुछ ही घंटे बाद वहां ईंटों का चट्टा लगा दिया गया था। अगले 24 घंटे के भीतर इसी दीवार को पक्का कराया गया। पुल से ढाई सौ मीटर दूर अप्रोच रोड पर कंक्रीट के बोल्डर रखवाए गए। इसके साथ ही, बालू की बोरियां रखवाकर दो और अवरोधक बनाए गए हैं।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि जब कुछ शरारती युवाओं ने दीवार गिराई थी, अगर उसी वक्त अभियंता संज्ञान इसका लेते तो हादसे को रोका जा सकता था। वहीं, समरेर निवासी सुरेंद्र गुर्जर ने इसके लिए सीधे तौर पर निगरानी के लिए लगाए गए अभियंताओं को जिम्मेदार बताया। अमर उजाला ब्यूरो
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