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मुख्यमंत्री का आपरेशन क्लीन पीडब्ल्यूडी शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:51 AM IST
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PWD Minister launched Operation Clean
- फोटो : अमर उजाला
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लोक निर्माण विभाग अपने हाथ में लेने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब पीडब्ल्यूडी में आपरेशन क्लीन शुरू कर दिया है। विभाग में मुख्य अभियंता के तौर पर बेहतर छवि के इंजीनियर वीके सिंह की तैनाती की गई है। नए विभागाध्यक्ष ने नई सड़क निर्माण और जर्जर सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण की स्टेट लेबिल पर आकस्मिक चेकिंग के लिए 41 चीफ और एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों की टीम बनाई है। विधानसभा चुनाव नजदीक होने से सीएम के इस कदम को भ्रष्ट इंजीनियरों पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चीफ और एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों को भेजे पत्र में बताया गया कि वह किसी सड़क का एस्टीमेट बनाने से लेकर उसका निर्माण, मरम्मत या नवीनीकरण होने के बाद प्रत्येक महीने की 25 से 30 तारीख के बीच में आकस्मिक निरीक्षण करें। फिर पांच से 10 तारीख के बीच में सड़क के एस्टीमेट बनाने से लेकर निर्माण और नवीनीकरण में प्रय़ुक्त होने वाली सामग्री समेत समस्त कामों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट निर्धारित प्रोफार्मा पर भेजें। एस्टीमेट और काम की गुणवत्ता में (डेंसिटी) में न्यूक्लयर गेज, सैंड रिप्लेसमेंट, कोर कटर में कमी मिलने पर निरीक्षण टिप्पणी में उसका उल्लेख करें। सड़क की एसडीबीसी, बीसी, बीएम, डीबीएम, डब्ल्यूएमएम में किसी एक मद की डेंसिटी चेक करने को अनिवार्य किया गया है। उच्च स्तर पर गठित जांच टीम को पीसी के काम में प्रयुक्त ग्रिट की ग्रेडिंग देखने के बाद सरफेसिंग की गुणवत्ता पर भी टिप्पणी लिखनी होगी।
इन बिंदुओं पर होगी नवनिर्मित मार्गों की चेकिंग
1- स्वीकृत लंबाई में दो स्थानों पर चेकिंग होगी। प्रधान चैनेज एसएलसी प्रारूप में निश्चित फार्मूले से गणना के अनुसार निकाला जाएगा। द्वितीय चैनेज में सड़क की गुणवत्ता की जांच हर स्तर पर होगी।
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2- डब्ल्यूडीएमएम तक काम पूरा है तो उसकी डेंसिटी, सैंड रिप्लेसमेंट, न्यूक्लियर गेज, नॉन न्यूक्लियर गेज से निकाली जाएगी। जीएसबी स्तर पर काम पूरा होने की स्थिति में ग्रेडिंग निकाली जाएगी।
3- पीसी के काम में ग्रेडिंग और प्राप्त सतह के संबंध में जांच टीम अपनी टिप्पणी लिखेगी। दोनों चैनेज (काम शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद) में काम का फोटोग्राफ लेकर भेजा जाएगा।
4- मरम्मत और नवीनीकरण के जो काम शुरू नहीं हुए हैं, उनके आगणन जरूरत के हिसाब से बने हैं या नहीं। इसे चेेक किया जाएगा। विशेष मरम्मत में प्रस्तावित कामों के आगणन में किन्हीं दो का आकस्मिक भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
प्रथम चरण में इन जिलों में होगी जांच
अलीगढ़, प्रतापगढ़, बलिया, बदायूं, बस्ती, बांदा, इटावा, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, संभल, गाजीपुर, मथुरा, एटा, कौशांबी, फतेहपुर, जौनपुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, अंबेडकर नगर, अमेठी, बलरामपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, उरई, चित्रकूट, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, हरदोई, बागपत, शामली, बिजनौर, चंदौली, भदोही और सोनभद्र।
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चीफ और एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों को भेजे पत्र में बताया गया कि वह किसी सड़क का एस्टीमेट बनाने से लेकर उसका निर्माण, मरम्मत या नवीनीकरण होने के बाद प्रत्येक महीने की 25 से 30 तारीख के बीच में आकस्मिक निरीक्षण करें। फिर पांच से 10 तारीख के बीच में सड़क के एस्टीमेट बनाने से लेकर निर्माण और नवीनीकरण में प्रय़ुक्त होने वाली सामग्री समेत समस्त कामों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट निर्धारित प्रोफार्मा पर भेजें। एस्टीमेट और काम की गुणवत्ता में (डेंसिटी) में न्यूक्लयर गेज, सैंड रिप्लेसमेंट, कोर कटर में कमी मिलने पर निरीक्षण टिप्पणी में उसका उल्लेख करें। सड़क की एसडीबीसी, बीसी, बीएम, डीबीएम, डब्ल्यूएमएम में किसी एक मद की डेंसिटी चेक करने को अनिवार्य किया गया है। उच्च स्तर पर गठित जांच टीम को पीसी के काम में प्रयुक्त ग्रिट की ग्रेडिंग देखने के बाद सरफेसिंग की गुणवत्ता पर भी टिप्पणी लिखनी होगी।
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इन बिंदुओं पर होगी नवनिर्मित मार्गों की चेकिंग
1- स्वीकृत लंबाई में दो स्थानों पर चेकिंग होगी। प्रधान चैनेज एसएलसी प्रारूप में निश्चित फार्मूले से गणना के अनुसार निकाला जाएगा। द्वितीय चैनेज में सड़क की गुणवत्ता की जांच हर स्तर पर होगी।
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2- डब्ल्यूडीएमएम तक काम पूरा है तो उसकी डेंसिटी, सैंड रिप्लेसमेंट, न्यूक्लियर गेज, नॉन न्यूक्लियर गेज से निकाली जाएगी। जीएसबी स्तर पर काम पूरा होने की स्थिति में ग्रेडिंग निकाली जाएगी।
3- पीसी के काम में ग्रेडिंग और प्राप्त सतह के संबंध में जांच टीम अपनी टिप्पणी लिखेगी। दोनों चैनेज (काम शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद) में काम का फोटोग्राफ लेकर भेजा जाएगा।
4- मरम्मत और नवीनीकरण के जो काम शुरू नहीं हुए हैं, उनके आगणन जरूरत के हिसाब से बने हैं या नहीं। इसे चेेक किया जाएगा। विशेष मरम्मत में प्रस्तावित कामों के आगणन में किन्हीं दो का आकस्मिक भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
प्रथम चरण में इन जिलों में होगी जांच
अलीगढ़, प्रतापगढ़, बलिया, बदायूं, बस्ती, बांदा, इटावा, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, संभल, गाजीपुर, मथुरा, एटा, कौशांबी, फतेहपुर, जौनपुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, अंबेडकर नगर, अमेठी, बलरामपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, उरई, चित्रकूट, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, हरदोई, बागपत, शामली, बिजनौर, चंदौली, भदोही और सोनभद्र।