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बरेली कॉलेज के प्राचार्य दफ्तर में तालाबंदी, रात को पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से नोकझोंक

Sat, 04 Jun 2022 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 01:51 AM IST
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protest in bareilly college, gate locked
बरेली। हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन और सेवा विस्तार देने की मांग कर रहे बरेली कॉलेज के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी चेतावनी के मुताबिक प्राचार्य दफ्तर में ताले जड़कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे स्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षा थम गई। प्राचार्य और पुलिस अफसर मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन कर्मचारियों ने एलान कर दिया कि वे मांगें पूरी होने तक ताले नहीं खोलेंगे चाहे जेल जाना पड़े। रात नौ बजे एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय, एसपी रविंद्र कुमार फोर्स के साथ कॉलेज पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों से ताला खोलने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों की अधिकारियों ने नोकझोंक हुई। अधिकारी कर्मचारियों को 48 घंटे में धरना-प्रदर्शन खत्म करने का समय देकर चले गए।
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कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्र के नेतृत्व में शुक्रवार को कॉलेज में इकट्ठे हुए अस्थायी कर्मचारियों ने सुबह सात बजे ही प्राचार्य कार्यालय पर तालाबंदी कर बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। दिनभर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई। धरने के दौरान अध्यक्ष जितेंद्र मिश्र ने कहा कि कर्मचारी कोई बड़ी मांग नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ हड़ताल के दौरान काटा गया मानदेय की मांग रहे थे लेकिन न कॉलेज प्रशासन ने सुनी और न जिला प्रशासन ने। दोनों जगह से आश्वासन दिया गया लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इस बीच 31 मई को अस्थायी कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो गई। लिहाजा अब उनकी मांग यह भी है कि उन्हें सेवा विस्तार दिया जाए।
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प्राचार्य ने कहा- कैसे होगी सिविल सेवा परीक्षा, कर्मचारी बोले- परवाह नहीं
दोपहर में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में कर्मचारी नेताओं को बुलाकर बातचीत की। कहा, वह उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं लिहाजा वे ताला खोल दें। उन्होंने कॉलेज में परीक्षा होनी है। सिविल सेवा की परीक्षा भी होने वाली है। संघ लोक सेवा आयोग से परीक्षा के लिए पर्यवेक्षक आएंगे। कॉलेज में तालाबंदी से गलत संदेश जाएगा। कर्मचारियों ने जवाब दिया कि उनकी सेवा में तीन दिन का अंतराल देकर सेवा विस्तार किया जा सकता है लेकिन इससे ज्यादा दिन का अंतराल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ उन्हें काटा गया वेतन दिया जाए। इस पर कॉलेज प्रशासन तैयार नहीं हुआ।
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एडीएम सिटी से कहा- चाहे जेल जाना पड़े पर नहीं खोलेंगे ताले
श्यामगंज पुलिस चौकी के प्रभारी सतीश कुमार ने भी कर्मचारियों से तालाबंदी खत्म करने को कहा। उन्होंने कर्मचारी नेताँ की एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय से भी फोन पर बात कराई। एडीएम सिटी ने कर्मचारियों से कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पांच जून को होगी। इसके लिए प्राचार्य कार्यालय से अभिलेख निकाले जाने हैं, कई और भी तैयारियां करनी हैं। इस पर कर्मचारी नेता जितेंद्र मिश्र ने कहा कि अब वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। चाहे उन्हें जेल जाना पड़े लेकिन ताला नहीं खोलेंगे। शाम तक कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन चलता रहा।
कॉलेज ने पहले ही लगवा दिए थे ताले
कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को कॉलेज में तालाबंदी की घोषणा कर दी थी जिसके बाद कॉलेज की ओर से प्राचार्य कार्यालय के बाहर रात को ही ताले लगवा दिए गए ताकि कर्मचारी अंदर न जा सकें लेकिन शुक्रवार की सुबह कर्मचारी दीवार कूदकर अंदर प्रवेश कर गए और उसके बाद प्राचार्य कार्यालय के मुख्य गेट पर अपना ताला लगा दिया। इसके बाद प्राचार्य और उनके कार्यालय के कर्मचारियों को दूसरी जगह बैठकर जरूरी कामकाज निपटाना पड़ा।

तालाबंदी के कारण स्नातक के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। शनिवार को होने वाले शिक्षकों के प्रमोशन की तैयारियाें पर भी असर पड़ा है। रविवार को कॉलेज में सिविल सेवा की परीक्षा है। इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। कर्मचारियों को मनाने की कोशिश की जा रही है। - डॉ. ओपी राय, प्राचार्य
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