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पैगंबरे इस्लाम ने 1400 साल पहले दिया था बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का पैगाम
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जुलुसू में शामिल एक बच्ची।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ईद मिलादुन्नबी पर सुब्हानी मियां के निवास पर सजी महफिल
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बरेली। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की यौमे विलादत पर आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां के निवास पर महफिल सजाई गई। इसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी ईदों की ईद है। यह नबी की आमद का दिन है। नबी आज से 1400 साल पहले अरब की सरजमीं पर उस वक्त आए थे जब बेटियों को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाता था। लोग आज वही गुनाह बेटियों को कोख में मारकर कर रहे हैं। उस वक्त पैगंबरे इस्लाम ने संदेश दिया था कि जो लोग इस दुनिया में खुशी-खुशी बच्चियों को तालीम देंगे, उन्हें वह जन्नत में लेकर जाएंगे। खुद उन्होंने एक बेवा औरत से निकाह कर महिलाओं का सम्मान बढ़ाया। औरतों को संपत्ति में अधिकार दिया। संवाद
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी ईदों की ईद है। यह नबी की आमद का दिन है। नबी आज से 1400 साल पहले अरब की सरजमीं पर उस वक्त आए थे जब बेटियों को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाता था। लोग आज वही गुनाह बेटियों को कोख में मारकर कर रहे हैं। उस वक्त पैगंबरे इस्लाम ने संदेश दिया था कि जो लोग इस दुनिया में खुशी-खुशी बच्चियों को तालीम देंगे, उन्हें वह जन्नत में लेकर जाएंगे। खुद उन्होंने एक बेवा औरत से निकाह कर महिलाओं का सम्मान बढ़ाया। औरतों को संपत्ति में अधिकार दिया। संवाद
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