Bareilly News: मोटे मुनाफे के लिए जान पर खेल रहे आतिशबाज, कल्याणपुर का धमाका है इसका प्रमाण
बरेली में आतिशबाजी के धंधे से जुड़े लोग बताते हैं कि इसमें पांच गुना तक मुनाफा मिल जाता है। ज्यादातर धंधेबाज तमिलनाडु के शिवकाशी से ट्रकों के जरिये सस्ते दाम पर माल मंगाते हैं और अवैध रूप से भंडारण कर लेते हैं। कल्याणपुर गांव में हुआ धमाका भी इसकी नतीजा है।
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बरेली में आतिशबाजी के काले कारोबार में होने वाले मोटे मुनाफे को देखते हुए धंधेबाज जान की परवाह भी नहीं कर रहे हैं। इस धंधे से जुड़े लोग बताते हैं कि इसमें पांच गुना तक मुनाफा मिल जाता है। परिवार के लोग कारीगर होते हैं तो लेबर का खर्च भी बच जाता है। सिरौली में पटाखों से घर में धमाका होने और फिर उसी धंधेबाज पटाखों से कल्याणपुर में मची तबाही इसका प्रमाण है।
बरेली जिले के ज्यादातर धंधेबाज तमिलनाडु के शिवकाशी से ट्रकों के जरिये सस्ते दाम पर माल मंगाते हैं और भंडारण कर लेते हैं। दीपावली के दौरान एक सप्ताह में ही ये लाखों से लेकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाते हैं।
आखिरी दो दिनों में सबसे मोटा मुनाफा होता है। इसका कुछ हिस्सा ऊपर तक दिया जाता है। इसी वजह से साल भर उनका धंधा चलता रहता है। कल्याणपुर मामले में नासिर के परिवार की महिलाएं बड़ी मात्रा में बारूद लेकर मायके पहुंची थीं। यह बारूद कहां से मंगाया था, इसकी जांच की जा रही है।
जानकार बताते हैं कि खुद पटाखे बनाने पर इसकी लागत और कम आती है। सामान्य तौर पर बिकने वाले पटाखों से इतना भयानक हादसा मुमकिन नहीं है। इसलिए बारूद के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। बारूद में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पटाखा दुकानों में खामी मिलने पर नोटिस जारी
कल्याणपुर में धमाका होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को एसडीएम गोविंद मौर्य ने पुलिस बल के साथ पटाखा दुकानों की जांच की। बताया कि बड़ा बाइपास दीदार पट्टी स्थित पंजीकृत पटाखा प्रतिष्ठान भसीन ट्रेडर्स में छिटपुट खामियां मिलीं। इस पर संचालक को नोटिस देकर 48 घंटे में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो संचालन बंद करा दिया जाएगा।
धमाके में झुलसे रहमान शाह, उसकी पत्नी छोटी बेगम व बेटी फातिमा का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मुकदमे में नामजद होने की वजह से पुलिस ने रहमान शाह की निगरानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना उसका हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने रहमान शाह समेत अन्य घायलों व रोगियों को फल भी बांटे। दवा काउंटर पर भीड़ देखकर सीएमओ को संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। आईएमसी पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भी अस्पताल जाकर रहमान शाह को मदद का भरोसा दिलाया। इनमें शुएब रजा, साजिद सकलैनी, अनीस सकलैनी आदि मौजूद रहे।
ब्रांडेंड आइटम पर बचत कम
धंधे के जानकार बताते हैं कि ब्रांडेड कंपनी की आतिशबाजी फैक्टरी से निकलती है तो प्रिंट रेट के हिसाब से तीस फीसदी मुनाफे की ही गुंजाइश रहती है। इसमें थोक विक्रेताओं से लेकर माल फुटकर में आने तक दस से पंद्रह फीसदी मुनाफा गली-मोहल्ले के विक्रेताओं को मिल पाता है। जबकि, इस तरह घर में बनाई गई आतिशबाजी में मुनाफे की गुंजाइश पांच गुना तक हो सकती है। पचास रुपये में बिकने वाले पटाखे की लागत दस से पंद्रह रुपये ही होती है। ऐसे पटाखों की बिक्री करने और कारीगरों को माल देने की व्यापारियों में होड़ रहती है।
सभी आरोपियों की होगी गिरफ्तारी
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मोटे मुनाफे के चक्कर में आरोपी घरों में आतिशबाजी बना रहे थे। आरोपियों की तलाश में चार टीमें लगाई गई हैं। अस्पताल में भर्ती आरोपी भी निगरानी में है। सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।