रुहेलखंड विश्वविद्यालय: प्रोफेसर केपी सिंह दोबारा बने कुलपति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सौंपा दायित्व
प्रोफेसर केपी सिंह के पिछले कार्यकाल में कई उपलब्धियां दर्ज हैं। नैक ए डबल प्लस रैंक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई करार दिलाने का भी श्रेय उनके नाम है। इन तमाम उपलब्धियों को देखते हुए कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें दोबारा कुलपति का दायित्व सौंपा है।
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर तैनाती को लेकर चल रहा असमंजस शनिवार को थम गया। कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्तमान में कुलपति का पदभार संभाल रहे प्रो. केपी सिंह पर फिर से भरोसा जताते हुए कुलपति पद का दायित्व सौंपा है।
राज्यपाल ने कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से अगले तीन साल के लिए प्रो. केपी सिंह को कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. केपी सिंह ने 17 अगस्त 2020 को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया था। 17 अगस्त 2023 को कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यपाल ने नए कुलपति की तैनाती तक चार्ज संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी। शनिवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उन्हें दोबारा कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को किया था लागू
तीन साल पहले प्रो. केपी सिंह ने कार्यभार संभालते ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया था। नीति को लागू करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बनाया। शैक्षणिक सुधार के लिए वर्ष 2021 और 2022 में कई पाठ्य समिति आयोजित की। स्नातक, परास्नातक के पाठ्यक्रमों में नई शिक्षा नीति के तहत संशोधन किया। 14 संघटक कॉलेजों को गोद लेकर अधिग्रहण किया। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एमओयू करार किए।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षण पर जोर दिया। रोहिलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन, एलुमिनी सेल, अनुसंधान निदेशालय, अटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर, महिला अध्ययन उत्कृष्टता केंद्र, कंसल्टेंसी सेल, लर्निंग विद अर्निंग, विश्वविद्यालय छात्र सहायता केंद्र समेत छात्र, कर्मचारी, शिक्षक हित में कई अहम निर्णय लिए। नैक मूल्यांकन में पूर्व में बी ग्रेड हासिल करने वाले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को ए डबल प्लस दिलाने का भी श्रेय है।