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बरेली की बहू हैं पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुनी गईं प्रो. नजमा अख्तर
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प्रो. नजमा अख्तर
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बरेली। पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुनी गईं दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर की बरेली में ससुराल है। हालांकि अब ससुराल वाले यहां नहीं रह रहे हैं। उनके भवन में जवाहर मेमोरियल स्कूल चल रहा है।
प्रो. नजमा अख्तर ने फोन पर बातचीत में बताया कि उनकी ससुराल के भवन का नाम ‘महफूज मंजिल’ था। सभी लोग उसी में रहा करते थे। उनके ससुर मजीद उद्दीन खान शिक्षा विभाग में अधिकारी थे। पति अख्तर मजीद भी जामिया मिलिया में प्रोफेसर थे और ज्यादातर बाहर रहते थे। वह पढ़ाई के सिलसिले में भी ज्यादातर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में रहे। यहां जब जवाहर स्कूल खुला तो उसके लिए जगह कम पड़ रही थी, तब शुरूआती दौर में उनके पति अख्तर मजीद ने स्कूल प्रबंधन को अपनी जगह बेच दी, लेकिन उनके देवर अनवर मजीद यहां रहते रहे।
प्रो. नजमा अख्तर के मुताबिक, उनके वालिद हशमत हुसैन उस्मानी बरेली में लगभग ढाई साल क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक के पद कार्यरत रहे। उस दौरान ही उन्होंने यहां के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई मुकम्मल की थी। जवाहर मेमोरियल स्कूल के प्रबंधक प्रो. जाहिद खान ने बताया कि प्रो. नजमा अख्तर के पति अख्तर मजीद से ही उन्होंने स्कूल के लिए जगह ली थी। उस वक्त वह दिल्ली में रहने लगे थे, वहीं जाकर जमीन की बात की थी। अख्तर मजीद सच्चर कमेटी के सदस्य भी रहे। कुछ सालों बाद उनके छोेटे भाई अनवर मजीद भी अपना हिस्सा स्कूल को बेच कर चले गए। इस वक्त उनका ज्यादातर परिवार प्रयागराज में रह रहा है।
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प्रो. नजमा अख्तर ने फोन पर बातचीत में बताया कि उनकी ससुराल के भवन का नाम ‘महफूज मंजिल’ था। सभी लोग उसी में रहा करते थे। उनके ससुर मजीद उद्दीन खान शिक्षा विभाग में अधिकारी थे। पति अख्तर मजीद भी जामिया मिलिया में प्रोफेसर थे और ज्यादातर बाहर रहते थे। वह पढ़ाई के सिलसिले में भी ज्यादातर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में रहे। यहां जब जवाहर स्कूल खुला तो उसके लिए जगह कम पड़ रही थी, तब शुरूआती दौर में उनके पति अख्तर मजीद ने स्कूल प्रबंधन को अपनी जगह बेच दी, लेकिन उनके देवर अनवर मजीद यहां रहते रहे।
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प्रो. नजमा अख्तर के मुताबिक, उनके वालिद हशमत हुसैन उस्मानी बरेली में लगभग ढाई साल क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक के पद कार्यरत रहे। उस दौरान ही उन्होंने यहां के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई मुकम्मल की थी। जवाहर मेमोरियल स्कूल के प्रबंधक प्रो. जाहिद खान ने बताया कि प्रो. नजमा अख्तर के पति अख्तर मजीद से ही उन्होंने स्कूल के लिए जगह ली थी। उस वक्त वह दिल्ली में रहने लगे थे, वहीं जाकर जमीन की बात की थी। अख्तर मजीद सच्चर कमेटी के सदस्य भी रहे। कुछ सालों बाद उनके छोेटे भाई अनवर मजीद भी अपना हिस्सा स्कूल को बेच कर चले गए। इस वक्त उनका ज्यादातर परिवार प्रयागराज में रह रहा है।
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