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प्राइमरी स्कूल के शिक्षक के सिर में गोली मारकर हत्या
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- फोटो : अमर उजाला
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बहेड़ी। नगर के मोहल्ला महादेवपुरम निवासी प्राइमरी स्कूल के शिक्षक 48 वर्षीय प्रदीप सिंह की उनके घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव मंगलवार रात करीब साढ़े 12 बजे कमरे में पड़ा मिला। मौके से शराब के तीन खाली पौव्वे भी बरामद हुए हैं। इस मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। मौके पर जाने के बावजूद पुलिस को गोली लगने की जानकारी पोस्टमार्टम होने के बाद ही पता चली।
महादेवपुरम निवासी प्रदीप सिंह लखीमपुर गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे। उनके बेटे गजानन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे उसके पिता प्रदीप घर पहुंचे और बिना खाना खाए ही सोने के लिए कमरे में चले गए। रात करीब 12:30 बजे वह जीने की सीढ़ियां चढ़ने के दौरान गिर गए। इससे उनके सिर में चोट लग गई। वह उन्हें कस्बे के ही निजी अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह उनका शव लेकर घर आ गया और पुलिस को सूचना दी। रात में ही सीओ बहेड़ी अजय गौतम और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। गजानन से घटना की जानकारी लेकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
बयान में उलझा बेटा, हिरासत में लिया : प्रदीप के घर में तीन कमरे हैं। बीच वाले कमरे में प्रदीप रहते थे और बराबर वाले कमरे में पत्नी अनीता और बेटा गजानन रहते हैं। उनकी पत्नी अनीता एक महीने से अपने मायके मकसूदापुर गई हुईं थीं। प्रदीप की गोली मारकर हत्या होने के बावजूद गजानन ने पुलिस को जीने से गिरकर मौत होना बताया, जबकि पोस्टमार्टम में उनके सिर में गोली मिली है। गोली उनके सिर में बायीं ओर मारी गई है। उसने गोली चलने की आवाज सुनने से भी इनकार किया है। बेटे का बयान विरोधाभासी होने चलते पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद प्रदीप का शव जब घर पहुंचा तो उनका बेटा गजानन पुलिस की हिरासत में था। पुलिस उसे खुद ही अंतिम संस्कार कराने लेकर पहुंची और फिर वापस थाने ले आई। उससे पूछताछ की जा रही है।
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शराब पिलाकर की गई हत्या, संघर्ष भी हुआ : गजानन का कहना है कि उसके पिता शराब के आदी थे। रोजाना शराब पीकर देर से घर आते थे और कमरे में बंद हो जाते थे। हालांकि उनके साथियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से प्रदीप ने शराब छोड़ दी थी। मगर मौके से शराब के तीन खाली पौव्वे मिलने से अंदेशा जताया जा रहा है कि शराब पिलाकर उनकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम में उनके एक पैर के पंजे में भी चोट मिली है। इस आधार पर हत्या के दौरान संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है।
पत्नी पर जानलेवा हमला और ससुर की हत्या में जेल जा चुका था प्रदीप : इंस्पेक्टर बहेड़ी सुनील अहलावत ने बताया कि पिता महावीर सिंह की मौत के बाद प्रदीप को मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी, लेकिन पत्नी अनीता से उसकी अनबन रहती थी। कुछ साल पहले उसने अपने ससुर की हत्या कर दी थी, जिसमें वह पांच साल जेल में भी रहा। मगर इन लोगों ने समझौता करके वह मामला सुलझा लिया। कुछ समय पहले उसने अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया था और 11 महीने जेल में रहा था, लेकिन इस मामले में भी समझौता हो गया। विवाद के चलते ही लंबे समय तक पत्नी और बेटा अलग किराये के मकान में रहे थे। कुछ समय पहले ही दोनों उसके साथ रहने यहां आए थे। उनका कहना है कि इस मामले में परिवार वालों की भूमिका संदिग्ध है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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महादेवपुरम निवासी प्रदीप सिंह लखीमपुर गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे। उनके बेटे गजानन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे उसके पिता प्रदीप घर पहुंचे और बिना खाना खाए ही सोने के लिए कमरे में चले गए। रात करीब 12:30 बजे वह जीने की सीढ़ियां चढ़ने के दौरान गिर गए। इससे उनके सिर में चोट लग गई। वह उन्हें कस्बे के ही निजी अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह उनका शव लेकर घर आ गया और पुलिस को सूचना दी। रात में ही सीओ बहेड़ी अजय गौतम और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। गजानन से घटना की जानकारी लेकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
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बयान में उलझा बेटा, हिरासत में लिया : प्रदीप के घर में तीन कमरे हैं। बीच वाले कमरे में प्रदीप रहते थे और बराबर वाले कमरे में पत्नी अनीता और बेटा गजानन रहते हैं। उनकी पत्नी अनीता एक महीने से अपने मायके मकसूदापुर गई हुईं थीं। प्रदीप की गोली मारकर हत्या होने के बावजूद गजानन ने पुलिस को जीने से गिरकर मौत होना बताया, जबकि पोस्टमार्टम में उनके सिर में गोली मिली है। गोली उनके सिर में बायीं ओर मारी गई है। उसने गोली चलने की आवाज सुनने से भी इनकार किया है। बेटे का बयान विरोधाभासी होने चलते पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद प्रदीप का शव जब घर पहुंचा तो उनका बेटा गजानन पुलिस की हिरासत में था। पुलिस उसे खुद ही अंतिम संस्कार कराने लेकर पहुंची और फिर वापस थाने ले आई। उससे पूछताछ की जा रही है।
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शराब पिलाकर की गई हत्या, संघर्ष भी हुआ : गजानन का कहना है कि उसके पिता शराब के आदी थे। रोजाना शराब पीकर देर से घर आते थे और कमरे में बंद हो जाते थे। हालांकि उनके साथियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से प्रदीप ने शराब छोड़ दी थी। मगर मौके से शराब के तीन खाली पौव्वे मिलने से अंदेशा जताया जा रहा है कि शराब पिलाकर उनकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम में उनके एक पैर के पंजे में भी चोट मिली है। इस आधार पर हत्या के दौरान संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है।
पत्नी पर जानलेवा हमला और ससुर की हत्या में जेल जा चुका था प्रदीप : इंस्पेक्टर बहेड़ी सुनील अहलावत ने बताया कि पिता महावीर सिंह की मौत के बाद प्रदीप को मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी, लेकिन पत्नी अनीता से उसकी अनबन रहती थी। कुछ साल पहले उसने अपने ससुर की हत्या कर दी थी, जिसमें वह पांच साल जेल में भी रहा। मगर इन लोगों ने समझौता करके वह मामला सुलझा लिया। कुछ समय पहले उसने अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया था और 11 महीने जेल में रहा था, लेकिन इस मामले में भी समझौता हो गया। विवाद के चलते ही लंबे समय तक पत्नी और बेटा अलग किराये के मकान में रहे थे। कुछ समय पहले ही दोनों उसके साथ रहने यहां आए थे। उनका कहना है कि इस मामले में परिवार वालों की भूमिका संदिग्ध है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।