फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Preparations underway to disaffiliate five of the nine constituent colleges.

Bareilly News: नौ में से पांच संघटक महाविद्यालयों को असंबद्ध करने की तैयारी

Mon, 28 Sep 2026 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 28 Sep 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
Preparations underway to disaffiliate five of the nine constituent colleges.
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) से संबद्ध नौ संघटक महाविद्यालयों में से पांच को असंबद्ध करने की तैयारी शुरू हो गई है। शाहजहांपुर व मुरादाबाद विश्वविद्यालयों में संचालित इन संघटक महाविद्यालयों को उन्हें सौंपने के प्रयास तेज कर दिए हैं। हाल ही में शाहजहांपुर के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर इनके वित्तीय व प्रशासनिक कार्यभार सौंपने की बात कही।
विज्ञापन

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधीन इस समय नौ संघटक महाविद्यालय है। इनमें से तीन कॉलेज मुरादाबाद विश्वविद्यालय व दो शाहजहांपुर विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र में आते हैं। अब तक औपचारिक रूप से इन कॉलेजों का हस्तांतरण दोनों विश्वविद्यालयों को नहीं हो सका है। अब रुविवि की ओर से दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को अपने परिक्षेत्रों में बने इन महाविद्यालयों की आर्थिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियां स्वयं वहन करने के लिए पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन



ये कॉलेज होंगे विवि से अलग
मुरादाबाद मंडल में राजकीय संघटक महाविद्यालय मुरादाबाद, राजकीय संघटक महाविद्यालय अमरोहा व राजकीय संघटक महाविद्यालय बिजनौर हैं। शाहजहांपुर में राजकीय संघटक महाविद्यालय पुवायां व राजकीय संघटक महाविद्यालय कटरा है। राजकीय संघटक महाविद्यालय बहेड़ी, राजकीय संघटक महाविद्यालय नवाबगंज, राजकीय संघटक महाविद्यालय पूरनपुर, पीलीभीत व राजकीय संघटक महाविद्यालय दातागंज, बदायूं पहले की तरह विवि से जुड़े रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक महाविद्यालय में औसतन 15 शिक्षक
इन सभी नौ संघटक महाविद्यालयों में औसतन 15 शिक्षक एडहॉक पर नियुक्त किए गए थे। प्रत्येक का औसतन वेतन करीब 35 हजार रुपये प्रतिमाह विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाता है। सभी की बात करें तो करीब 50 लाख रुपये का बोझ विश्वविद्यालय पर प्रतिमाह पड़ता है। हालांकि, इन महाविद्यालयों से छात्र-छात्राओं की फीस भी रुविवि को ही मिलती है। इन महाविद्यालयों का इंफ्रास्ट्रक्चर शासन की ओर से बनाया गया था। फर्नीचर व स्टेशनरी आदि का खर्च रुविवि उठाता आ रहा है।


वर्जन :
रुविवि से अब तक संबंधित रहे नौ संघटक महाविद्यालयों में से शाहजहांपुर व मुरादाबाद विश्वविद्यालयों के परिक्षेत्र में आने वाले विश्वविद्यालयों का व्यवस्थापन रुहेलखंड विश्वविद्यालय नहीं कर सकता। इसलिए दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र लिखवाया गया कि अपने परिक्षेत्र में आने वाले इन महाविद्यालयों के वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था स्वयं करें। रुविवि के परिक्षेत्र वाले संघटक महाविद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। - प्रो. अनिल कुमार राय, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed