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Bareilly News: उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश का आधार बनते हैं प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक
Fri, 06 Dec 2024 02:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 06 Dec 2024 02:02 AM IST
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बरेली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं में 82 विद्यालयों के 8,612 और 12वीं में 77 स्कूलों के 6,606 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इन दिनों विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं। काफी संख्या में विद्यार्थी इन परीक्षाओं को हल्के में ले रहे हैं। जबकि, बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने से पहले कई विश्वविद्यालय प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।
सीबीएसई के सिटी समन्वयक वीके मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा से पूर्व विद्यार्थियों की तैयारी परखने के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इसमें प्रतिभाग करने से बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मजबूत आधार तैयार होगा। यह न केवल विद्यार्थियों की तैयारी को परखने का अवसर देती है, साथ ही उन्हें मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी भी बनाती है। बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने से पहले कई उच्च शिक्षण संस्थान प्रवेश के लिए प्री-बोर्ड के अंकों को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने में प्री-बोर्ड के अंक सहायक होते हैं।
समय प्रबंधन का भी होता है अभ्यास
प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों को उनकी तैयारी परखने और यह जानने का मौका देती है कि वे किस विषय में कमजोर हैं। कहां उन्हें जरूरी सुधार की जरूरत है? यह रियल-टाइम रिवीजन का माध्यम है। बोर्ड परीक्षाओं का डर और मानसिक दबाव छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में प्री-बोर्ड परीक्षा उन्हें इससे मुक्त करती है। परीक्षा में समय प्रबंधन बहुत अहम होता है। प्री-बोर्ड के बाद करीब दो महीने का समय विद्यार्थियों के पास होता है। इसमें वे अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं। योजना बनाकर तैयारी भी कर सकते हैं। इसलिए कई विद्यालय ओएमआर शीट पर प्री-बोर्ड कराते हैं।
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विद्यार्थियों के लिए सुझाव
- परीक्षा का तनाव न लें।
- प्रभावी अध्ययन योजना बनाएं।
- समय प्रबंधन करें।
- पढ़ाई के बीच ब्रेक लेते रहें।
- रिवीजन पर ध्यान दें।
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सीबीएसई के सिटी समन्वयक वीके मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा से पूर्व विद्यार्थियों की तैयारी परखने के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इसमें प्रतिभाग करने से बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन का मजबूत आधार तैयार होगा। यह न केवल विद्यार्थियों की तैयारी को परखने का अवसर देती है, साथ ही उन्हें मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी भी बनाती है। बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने से पहले कई उच्च शिक्षण संस्थान प्रवेश के लिए प्री-बोर्ड के अंकों को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने में प्री-बोर्ड के अंक सहायक होते हैं।
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समय प्रबंधन का भी होता है अभ्यास
प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों को उनकी तैयारी परखने और यह जानने का मौका देती है कि वे किस विषय में कमजोर हैं। कहां उन्हें जरूरी सुधार की जरूरत है? यह रियल-टाइम रिवीजन का माध्यम है। बोर्ड परीक्षाओं का डर और मानसिक दबाव छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में प्री-बोर्ड परीक्षा उन्हें इससे मुक्त करती है। परीक्षा में समय प्रबंधन बहुत अहम होता है। प्री-बोर्ड के बाद करीब दो महीने का समय विद्यार्थियों के पास होता है। इसमें वे अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं। योजना बनाकर तैयारी भी कर सकते हैं। इसलिए कई विद्यालय ओएमआर शीट पर प्री-बोर्ड कराते हैं।
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विद्यार्थियों के लिए सुझाव
- परीक्षा का तनाव न लें।
- प्रभावी अध्ययन योजना बनाएं।
- समय प्रबंधन करें।
- पढ़ाई के बीच ब्रेक लेते रहें।
- रिवीजन पर ध्यान दें।