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बाहर से तो बदल गई नारी निकेतन की सूरत
बरेली
Updated Wed, 25 Mar 2015 02:07 AM IST
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नारी निकेतन की बाहर से सूरत तो बदल गई लेकिन अंदर की सूरत बदलनी होगी। निकेतन के अंदर सीलन, बदबू, कुपोषण और बीमारी से संवासिनियां जूझ रहीं हैं। संवासिनियां जहां रहती हैं, उन सीलन भरे कमरों में प्लास्टर हो रहा है और लगातार टपकने वाली छतों को ठीक कराया जा रहा है। माहौल को हरा भरा बनाने के लिए गार्डन का काम भी चल रहा है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी जब मंगलवार को टीम के साथ नारी निकेतन पहुंची तो परिसर में निर्माण हो रहा था। बाहर निर्माण सामग्री फैली थी।
लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि नारी निकेतन में हालात खराब हैं। यहां संवासिनियां दम तोड़ रही हैं। अमूमन अंदर का नजारा देखने को कभी नहीं मिलता। महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ अंदर गए संवाददाता ने स्थिति देखी। पिछले साल मारिया फ्रोजन के मालिक शकील कुरैशी ने डीएम के साथ मिलकर नारी निकेतन को सुधारने का बीड़ा उठाया था। उसी के तहत यहां काम चल रहा है। हालांकि अध्यक्ष जरीना उस्मानी इस बात से नाराज दिखी कि जो काम मार्च तक होना था उसे तीन माह के लिए और बढ़ा दिया गया है। सुपरवाइजर ने बताया कि अभी बाहर से बिल्डिंग को सुंदर बनाया गया है, जबकि अंदर के कमरों का कुछ काम बाकी है। इस पर उन्हाेंने नाराजगी जताई और कहा कि पहले अंदर का काम पूरा करो। जिला प्रोबेेशन अधिकारी उषा तिवारी ने बताया कि करीब 20 से 25 लाख में काम होना है। इसका सुपरविजन भी खुद मारिया फ्र ोजन की ओर से किया जा रहा है। बिल्डिंग के साथ संवासिनियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी खर्च होगा। कमराें को हवादार बनाया जा रहा है। गार्डन भी होगा।
नर्स से नाराज हुई अध्यक्ष, लड़कियों से की बातचीत
अध्यक्ष ने यहां की मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं और ठीक लड़कियाें से बातचीत की। कम उम्र की लड़कियाें से दिक्कत के बारे में पूछा। सभी फाइलें, दवाआें के रिकार्ड और कर्मचारियाें की उपस्थिति पंजिका भी चेक की। दवा की जिम्मेदारी संभाल रही निलोफर से अध्यक्ष नाराज हुई। अध्यक्ष के आने का पता होने के बावजूद वह नहीं आई थी। उसके खिलाफ कार्रवाई को कहा गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी उषा तिवारी ने स्टाफ की मांग की है। इसे जल्द पूरा करने का आश्वासन मिला। निरीक्षण में उनके साथ सपा की दिप्ती पांडेय, सुषमा अरोरा, भारती चौहान, तबस्सुम, सुनीता यादव व सुरैया भी आईं थीं।
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शकील जी! आरओ मशीन भी लगवा दीजिए
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लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि नारी निकेतन में हालात खराब हैं। यहां संवासिनियां दम तोड़ रही हैं। अमूमन अंदर का नजारा देखने को कभी नहीं मिलता। महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ अंदर गए संवाददाता ने स्थिति देखी। पिछले साल मारिया फ्रोजन के मालिक शकील कुरैशी ने डीएम के साथ मिलकर नारी निकेतन को सुधारने का बीड़ा उठाया था। उसी के तहत यहां काम चल रहा है। हालांकि अध्यक्ष जरीना उस्मानी इस बात से नाराज दिखी कि जो काम मार्च तक होना था उसे तीन माह के लिए और बढ़ा दिया गया है। सुपरवाइजर ने बताया कि अभी बाहर से बिल्डिंग को सुंदर बनाया गया है, जबकि अंदर के कमरों का कुछ काम बाकी है। इस पर उन्हाेंने नाराजगी जताई और कहा कि पहले अंदर का काम पूरा करो। जिला प्रोबेेशन अधिकारी उषा तिवारी ने बताया कि करीब 20 से 25 लाख में काम होना है। इसका सुपरविजन भी खुद मारिया फ्र ोजन की ओर से किया जा रहा है। बिल्डिंग के साथ संवासिनियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी खर्च होगा। कमराें को हवादार बनाया जा रहा है। गार्डन भी होगा।
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नर्स से नाराज हुई अध्यक्ष, लड़कियों से की बातचीत
अध्यक्ष ने यहां की मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं और ठीक लड़कियाें से बातचीत की। कम उम्र की लड़कियाें से दिक्कत के बारे में पूछा। सभी फाइलें, दवाआें के रिकार्ड और कर्मचारियाें की उपस्थिति पंजिका भी चेक की। दवा की जिम्मेदारी संभाल रही निलोफर से अध्यक्ष नाराज हुई। अध्यक्ष के आने का पता होने के बावजूद वह नहीं आई थी। उसके खिलाफ कार्रवाई को कहा गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी उषा तिवारी ने स्टाफ की मांग की है। इसे जल्द पूरा करने का आश्वासन मिला। निरीक्षण में उनके साथ सपा की दिप्ती पांडेय, सुषमा अरोरा, भारती चौहान, तबस्सुम, सुनीता यादव व सुरैया भी आईं थीं।
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जिला जेल में महिलाओं का हालचाल लेने पहुंची अध्यक्ष ने एक-एक कैदी से मुलाकात की। कई महिलाएं रचनात्मक कार्यों में व्यस्त थीं। कुछ महिलाओं को बिल्कुल सजा धजा देखकर अध्यक्ष चौंक भी गईं। उन्होंने पूछा कि क्या ब्यूटिशियन का कोर्स किया है? यहां पानी के लिए आरओ मशीन न होने पर उन्हाेंने सीधे शकील कुरैशी से बात की। उन्होंने कहा कि एक आरओ प्लांट लगवा दिया जाए ताकि बंदियाें को साफ पानी मिले। इस पर जेल अधीक्षक ने व्यंग कसा की आपने छोटी चीज मांग ली। उन्हाेंने बंदियों को कारागार में प्रशिक्षण देने और कच्चा माल देकर उत्पाद का विक्रय करने को कहा।