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Bareilly News: विदेशी छात्रों के लिए तैयार हुआ व्यवहारिक हिंदी कोर्स
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विश्व हिंदी दिवस : अगले सत्र से एक सेमेस्टर का हिंदी कोर्स होगा विदेशी छात्रों के लिए अनिवार्य
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय हिंदी को बढ़ावा देने व विदेशी छात्रों को शहर के माहौल में ढालने के लिए विशेष हिंदी पाठ्यक्रम को लाने जा रहा है। संभवत: इसे अगले सत्र में विदेशी छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इससे विदेशी छात्रों को शहर की संस्कृति व लोगों से मिलने-जुलने में सहायक होगा।
बहुभाषीय विभाग की डीन डॉ. अनीता त्यागी ने बताया रुहेलखंड विश्वविद्यालय हिंदी के प्रति कार्य कर रहा है। जिसमें से एक प्रयास विदेशी छात्रों को हिंदी की आवश्यकता कोर्स के माध्यम से सिखाना है। जिसके तहत एक विशेष व्यावहारिक हिंदी का कोर्स डिजाइन किया गया है। जिसे शिक्षा परिषद से भी स्वीकृति मिल गई है। इस कोर्स को विदेशी छात्रों के लिए ही डिजाइन किया है, जिसमें उन्हें बेसिक बोलचाल की भाषा सिखाई जाएगी, जिससे वे बाजार, बैंक, अस्पताल व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने में इस्तेमाल होने वाली हिंदी बोल सकें। कोर्स की अवधि एक सेमेस्टर यानि छह माह रखी गई है। ये विषय हर विदेशी विद्यार्थी के लिए अनिवार्य होगा, जो उनके द्वारा लिए कोर्स में प्रवेश के साथ ही सिखाया जाएगा। वर्तमान में कई नाइजीरियन छात्र हिंदी थोड़ी समझते हैं, लेकिन बोल नहीं पाते। वहीं नेपाली छात्रों के लिए हिंदी आसान है। वहीं, आने वाले समय में अन्य देशों से भी छात्र रुविवि में प्रवेश लेंगे। जिसमें ताइवान, भूटान समेत कई देश शामिल हैं। संवाद
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय हिंदी को बढ़ावा देने व विदेशी छात्रों को शहर के माहौल में ढालने के लिए विशेष हिंदी पाठ्यक्रम को लाने जा रहा है। संभवत: इसे अगले सत्र में विदेशी छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इससे विदेशी छात्रों को शहर की संस्कृति व लोगों से मिलने-जुलने में सहायक होगा।
बहुभाषीय विभाग की डीन डॉ. अनीता त्यागी ने बताया रुहेलखंड विश्वविद्यालय हिंदी के प्रति कार्य कर रहा है। जिसमें से एक प्रयास विदेशी छात्रों को हिंदी की आवश्यकता कोर्स के माध्यम से सिखाना है। जिसके तहत एक विशेष व्यावहारिक हिंदी का कोर्स डिजाइन किया गया है। जिसे शिक्षा परिषद से भी स्वीकृति मिल गई है। इस कोर्स को विदेशी छात्रों के लिए ही डिजाइन किया है, जिसमें उन्हें बेसिक बोलचाल की भाषा सिखाई जाएगी, जिससे वे बाजार, बैंक, अस्पताल व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने में इस्तेमाल होने वाली हिंदी बोल सकें। कोर्स की अवधि एक सेमेस्टर यानि छह माह रखी गई है। ये विषय हर विदेशी विद्यार्थी के लिए अनिवार्य होगा, जो उनके द्वारा लिए कोर्स में प्रवेश के साथ ही सिखाया जाएगा। वर्तमान में कई नाइजीरियन छात्र हिंदी थोड़ी समझते हैं, लेकिन बोल नहीं पाते। वहीं नेपाली छात्रों के लिए हिंदी आसान है। वहीं, आने वाले समय में अन्य देशों से भी छात्र रुविवि में प्रवेश लेंगे। जिसमें ताइवान, भूटान समेत कई देश शामिल हैं। संवाद
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