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Bareilly News: हर कदम पर गड्ढे... 70 फीसदी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा कर रहे जिम्मेदार
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बरेली। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। लोग शासन के गड्ढामुक्ति अभियान पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, नगर निगम के मुख्य अभियंता 70 फीसदी सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का दावा कर रहे हैं। इसकी पड़ताल की गई तो पता लगा कि शहर के कई मार्गों की हालत जस की तस है। श्यामगंज-डेलापीर मार्ग पर गड्ढे भरे गए थे, लेकिन उखड़ गए। वार्ड 40 नवादा शेखान में ठेकेदार वाली गली में छह महीने पहले शुरू हुआ काम अब भी अधूरा है। पार्षद सरिता कश्यप ने कहा कि नगर निगम की बैठक में मुद्दा उठा चुकी हैं, पर कुछ नहीं हुआ। यही हाल अन्य वार्डों की सड़कों का भी है।
शासन ने 10 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन नगर निगम ने 31 अक्तूबर तक 213 सड़कों के 195 किलोमीटर हिस्से को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया था। अभियान के 24 दिन बीत गए हैं। अब मात्र 12 दिन बचे हैं। अभी जो काम की गति है, उसे देखकर नहीं लगता कि निर्धारित समय सीमा में शहर की सड़कें गड्ढामुक्त हो पाएंगी।
यह है हाल
बार्ड 55 में मिनी बाइपास स्थित प्रेम नर्सरी चौराहे से सैदपुर हॉकिंस की ओर जाने वाले मार्ग का 800 मीटर हिस्सा गड्ढों से भरा है। वार्ड 12 शांति विहार में सनैया रोड का 150 मीटर हिस्सा ऐसा है जो वार्ड संख्या 12 को 13 से जोड़ता है। यह कनेक्टिंग रोड एक साल से खराब है। वार्ड एक में चौपुला से घुईंवा वाली गली टूटी है। न सड़क बन रही, न ही सीवर लाइन डालने की शुरुआत हुई। सीवर का पानी तीन महीने से सड़क पर बह रहा है। वार्ड 46 में बड़ा बाग रामलीला मैदान के मुख्य द्वार से भसीन ट्रेडर्स तक 1200 मीटर मार्ग पर गड्ढे हैं। वार्ड 56 में कुंवरपुर स्थित टक्कर की पुलिया वाले मार्ग का 500 मीटर हिस्सा एक साल से खराब है। टेंडर निकल चुके हैं, पर काम नहीं हुआ। संजयनगर को डीडीपुरम से जोड़ने वाली सड़क पर पेट्रोल पंप के निकट गड्ढे हैं। अधिकारी देखकर निकल जाते हैं।
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कोट
अभियान में शामिल सड़कों पर 70 फीसदी काम हुआ है। अब इसकी समीक्षा करेंगे। जहां कहीं काम नहीं हुआ है, वहां कराएंगे। कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
-- -नापजोख के बाद भी नहीं बन रही सड़क
सैदपुर हॉकिंस का मुख्य मार्ग खराब है। मैं पार्षद से पूछता हूं कि सड़क कब बनेगी तो वे कहते हैं कि नापजोख हो गई है। मेरा सवाल यही है कि सिर्फ नापजोख से क्या होगा? - जितेंद्र मौर्य, सैदपुर
नगर निगम के अभियंता एक साल से पार्षद को और पार्षद हमें आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। अभियान में उम्मीद थी कि मरम्मत होगी, लेकिन नहीं हुई। - अजय मौर्य, अधिवक्ता, जसौली
बार-बार उठाया मुद्दा, पर नहीं शुरू हुआ काम
मेरे वा़र्ड की कई सड़कें टूटी पड़ी हैं। इनमें कुछ कार्य के लिए टेंडर निकाले गए, लेकिन काम शुरू नहीं हुए। निर्माण कार्य के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। - चंद्रपाल आर्य, पार्षद वार्ड 12
मठलक्ष्मीपुर के मुख्य मार्ग से होकर दिन में आठ-दस हजार लोग आते-जाते हैं, पर सड़क को ठीक करने पर किसी का ध्यान नहीं हैं। प्रस्ताव बनते हैं, पर अमल नहीं होता। - रामपाल गंगवार, पार्षद वार्ड 46
मैं नगर निगम की बोर्ड बैठक में खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठा चुका हूं, लेकिन अभी तक काम हुए नहीं। जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। - नवल किशोर मौर्य, पार्षद वार्ड 52
मुख्यमंत्री के आदेश पर अमल होता तो अब तक अधिकतर स़ड़कें गड्ढामुक्त हो जातीं लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका। लोग हिचकोले खाने के लिए मजबूर हैं। - सागर मौर्य, पार्षद वार्ड 56
अमर उजाला ब्यूरो
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शासन ने 10 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन नगर निगम ने 31 अक्तूबर तक 213 सड़कों के 195 किलोमीटर हिस्से को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया था। अभियान के 24 दिन बीत गए हैं। अब मात्र 12 दिन बचे हैं। अभी जो काम की गति है, उसे देखकर नहीं लगता कि निर्धारित समय सीमा में शहर की सड़कें गड्ढामुक्त हो पाएंगी।
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यह है हाल
बार्ड 55 में मिनी बाइपास स्थित प्रेम नर्सरी चौराहे से सैदपुर हॉकिंस की ओर जाने वाले मार्ग का 800 मीटर हिस्सा गड्ढों से भरा है। वार्ड 12 शांति विहार में सनैया रोड का 150 मीटर हिस्सा ऐसा है जो वार्ड संख्या 12 को 13 से जोड़ता है। यह कनेक्टिंग रोड एक साल से खराब है। वार्ड एक में चौपुला से घुईंवा वाली गली टूटी है। न सड़क बन रही, न ही सीवर लाइन डालने की शुरुआत हुई। सीवर का पानी तीन महीने से सड़क पर बह रहा है। वार्ड 46 में बड़ा बाग रामलीला मैदान के मुख्य द्वार से भसीन ट्रेडर्स तक 1200 मीटर मार्ग पर गड्ढे हैं। वार्ड 56 में कुंवरपुर स्थित टक्कर की पुलिया वाले मार्ग का 500 मीटर हिस्सा एक साल से खराब है। टेंडर निकल चुके हैं, पर काम नहीं हुआ। संजयनगर को डीडीपुरम से जोड़ने वाली सड़क पर पेट्रोल पंप के निकट गड्ढे हैं। अधिकारी देखकर निकल जाते हैं।
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अभियान में शामिल सड़कों पर 70 फीसदी काम हुआ है। अब इसकी समीक्षा करेंगे। जहां कहीं काम नहीं हुआ है, वहां कराएंगे। कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
सैदपुर हॉकिंस का मुख्य मार्ग खराब है। मैं पार्षद से पूछता हूं कि सड़क कब बनेगी तो वे कहते हैं कि नापजोख हो गई है। मेरा सवाल यही है कि सिर्फ नापजोख से क्या होगा? - जितेंद्र मौर्य, सैदपुर
नगर निगम के अभियंता एक साल से पार्षद को और पार्षद हमें आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। अभियान में उम्मीद थी कि मरम्मत होगी, लेकिन नहीं हुई। - अजय मौर्य, अधिवक्ता, जसौली
बार-बार उठाया मुद्दा, पर नहीं शुरू हुआ काम
मेरे वा़र्ड की कई सड़कें टूटी पड़ी हैं। इनमें कुछ कार्य के लिए टेंडर निकाले गए, लेकिन काम शुरू नहीं हुए। निर्माण कार्य के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। - चंद्रपाल आर्य, पार्षद वार्ड 12
मठलक्ष्मीपुर के मुख्य मार्ग से होकर दिन में आठ-दस हजार लोग आते-जाते हैं, पर सड़क को ठीक करने पर किसी का ध्यान नहीं हैं। प्रस्ताव बनते हैं, पर अमल नहीं होता। - रामपाल गंगवार, पार्षद वार्ड 46
मैं नगर निगम की बोर्ड बैठक में खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठा चुका हूं, लेकिन अभी तक काम हुए नहीं। जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। - नवल किशोर मौर्य, पार्षद वार्ड 52
मुख्यमंत्री के आदेश पर अमल होता तो अब तक अधिकतर स़ड़कें गड्ढामुक्त हो जातीं लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका। लोग हिचकोले खाने के लिए मजबूर हैं। - सागर मौर्य, पार्षद वार्ड 56
अमर उजाला ब्यूरो