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नहीं चली नेतागीरी, टूट गईं दुकानें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Feb 2018 07:57 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अवैध कब्जा कर बनाई गईं दुकानों को बचाने के लिए व्यापारी नेताओं ने भरसक कोशिश की लेकिन उनकी नेतागीरी काम नहीं आई। मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव से राहत मांगने के बावजूद वे अवैध कब्जे बचाने में नाकाम रहे। नगर निगम की टीम ने सख्ती से कार्रवाई कर दुकानों के आगे अवैध कब्जा कर लगाए गए शटर उखाड़ दिए।
सिकलापुर रोड पर नगर निगम की दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं। इनमें सुनील मेहता, संजीव चांदना, गोपाल सक्सेना समेत कई व्यापारी नेताओं की दुकानें भी हैं। ज्यादातर दुकानें पांच से बीस लाख रुपये पगड़ी देकर किराये पर ली गई हैं, जबकि नगर निगम निर्धारित दर से ही किराया वसूलता है। व्यापारियों ने यहां दुकानों के आगे बने बरामदे को भी दुकान में शामिल कर लिया और वहां शटर लगाकर दुकानों को शोरूम की शक्ल दे दी। बृहस्पतिवार को बाजार बंदी का दिन था सो नगर निगम का अमला दो जेसीबी लेकर दुकानों के आगे हुए अवैध कब्जे हटाने पहुंच गया। कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारी इकट्ठे हो गए और एक दिन की मोहलत मांगने लगे लेकिन टीम ने उनकी नहीं सुनी और जेसीबी से अवैध कब्जे ध्वस्त करने शुरू कर दिए। दीवारें तोड़कर शटर उखाड़ दिए। व्यापारी विरोध करते रहे और जेसीबी चलती रही। इसी बीच व्यापारी नेता संजीव चांदना, गोपाल सक्सेना, इफ्तिखार, सुधीर मेहता समेत कई व्यापारी नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के पास मोहलत मांगने पहुंचे तो उन्होंने मेयर के पास जाने को कह दिया। व्यापारी मेयर के पास पहुंचे। कहा, जो व्यापारी मौके पर मौजूद नहीं हैं, उनकी दुकानों में भी तोड़फोड़ हो रही है। उनका सामान चोरी हो जाएगा। मेयर ने जुर्माना देकर मोहलत लेने को कहा लेकिन इसके लिए व्यापारियों में राय नहीं बन सकी। इसके बाद जेसीबी ने सभी निर्माण ध्वस्त कर दिए। दुकानों के बाहर लगे बोर्ड भी हटा दिए।
भाजपा महानगर अध्यक्ष के बहनोई की दुकान भी तोड़ी
इन दुकानों में एक दुकान भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया के बहनोई की भी थी। बताया जाता है कि उन्होंने स्वयं टीम के लोगों को फोन करके समय देने को कहा लेकिन टीम ने मेयर से बात करने को कहकर कब्जा तोड़ दिया।
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15 हजार रुपये देकर कब्जा लिया बरामद
अतिक्रमण के दौरान सामने आया कि कुछ व्यापारियों ने नगर निगम के कर्मचारियों से साठगांठ कर 15 हजार रुपये में बरामदे को दुकान में शामिल करने की अनुमति ले ली और बरामदे का दो सौ रुपये किराया भी जमा करने लगे। मगर मेयर ने बरामदे को दुकान में शामिल करने को अवैध करार दिया।
रोडवेज पर खूब गरजी जेसीबी
नगर निगम की दुकानों के बाद रोडवेज पर भी जेसीबी खूब गरजी। व्यापारी नेता रविंद्र यादव के होटल का स्लैब और सीढ़ियां ध्वस्त की गईं। जेसीबी देखकर नाली पर डाले गए स्लैब तोड़ने में व्यापारी खुद ही जुट गए। यहां भी टीम ने दर्जन भर से अधिक दुकानों के आगे स्लैब और अवैध बोर्ड ध्वस्त किए।
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सिकलापुर रोड पर नगर निगम की दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं। इनमें सुनील मेहता, संजीव चांदना, गोपाल सक्सेना समेत कई व्यापारी नेताओं की दुकानें भी हैं। ज्यादातर दुकानें पांच से बीस लाख रुपये पगड़ी देकर किराये पर ली गई हैं, जबकि नगर निगम निर्धारित दर से ही किराया वसूलता है। व्यापारियों ने यहां दुकानों के आगे बने बरामदे को भी दुकान में शामिल कर लिया और वहां शटर लगाकर दुकानों को शोरूम की शक्ल दे दी। बृहस्पतिवार को बाजार बंदी का दिन था सो नगर निगम का अमला दो जेसीबी लेकर दुकानों के आगे हुए अवैध कब्जे हटाने पहुंच गया। कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारी इकट्ठे हो गए और एक दिन की मोहलत मांगने लगे लेकिन टीम ने उनकी नहीं सुनी और जेसीबी से अवैध कब्जे ध्वस्त करने शुरू कर दिए। दीवारें तोड़कर शटर उखाड़ दिए। व्यापारी विरोध करते रहे और जेसीबी चलती रही। इसी बीच व्यापारी नेता संजीव चांदना, गोपाल सक्सेना, इफ्तिखार, सुधीर मेहता समेत कई व्यापारी नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के पास मोहलत मांगने पहुंचे तो उन्होंने मेयर के पास जाने को कह दिया। व्यापारी मेयर के पास पहुंचे। कहा, जो व्यापारी मौके पर मौजूद नहीं हैं, उनकी दुकानों में भी तोड़फोड़ हो रही है। उनका सामान चोरी हो जाएगा। मेयर ने जुर्माना देकर मोहलत लेने को कहा लेकिन इसके लिए व्यापारियों में राय नहीं बन सकी। इसके बाद जेसीबी ने सभी निर्माण ध्वस्त कर दिए। दुकानों के बाहर लगे बोर्ड भी हटा दिए।
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भाजपा महानगर अध्यक्ष के बहनोई की दुकान भी तोड़ी
इन दुकानों में एक दुकान भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया के बहनोई की भी थी। बताया जाता है कि उन्होंने स्वयं टीम के लोगों को फोन करके समय देने को कहा लेकिन टीम ने मेयर से बात करने को कहकर कब्जा तोड़ दिया।
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15 हजार रुपये देकर कब्जा लिया बरामद
अतिक्रमण के दौरान सामने आया कि कुछ व्यापारियों ने नगर निगम के कर्मचारियों से साठगांठ कर 15 हजार रुपये में बरामदे को दुकान में शामिल करने की अनुमति ले ली और बरामदे का दो सौ रुपये किराया भी जमा करने लगे। मगर मेयर ने बरामदे को दुकान में शामिल करने को अवैध करार दिया।
रोडवेज पर खूब गरजी जेसीबी
नगर निगम की दुकानों के बाद रोडवेज पर भी जेसीबी खूब गरजी। व्यापारी नेता रविंद्र यादव के होटल का स्लैब और सीढ़ियां ध्वस्त की गईं। जेसीबी देखकर नाली पर डाले गए स्लैब तोड़ने में व्यापारी खुद ही जुट गए। यहां भी टीम ने दर्जन भर से अधिक दुकानों के आगे स्लैब और अवैध बोर्ड ध्वस्त किए।