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डीएम के पास पहुंची तहसील से फाइलें गायब होने की जांच रिपोर्ट
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अक्तूबर में गायब सात में छह फाइलें नाटकीय ढंग से हुई थीं बरामद
बरेली। सदर तहसील से जमीनी मामलों की फाइलों के गायब होने की जांच रिपोर्ट डीएम के पास पहुंच गई है। डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम प्रशासन वीके सिंह को दी थी। इस लापरवाही में कस्टोडियन पेशकार का पटल पहले ही बदला जा चुका है। जांच रिपोर्ट के आधार डीएम अब दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
तहसीलदार सदर न्यायालय से 14 से 21 अक्तूबर के बीच जमीन संबंधी विभिन्न मुकदमों की सात फाइलें गायब हो गई थी। इस मामले में तहसीलदार सदर ने दो नवंबर को तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को रिपोर्ट भेज दी। इस पर अगले ही दिन तीन नवंबर को एक वकील के जरिये सूचना मिली कि छह फाइलें तहसील से करीब पांच किमी दूर करगैना पुलिस चौकी के सामने एक कबाड़ी की दुकान में हैं। स्टाफ कबाड़ी की दुकान पर पहुंचा तो वहां सिर्फ छह फाइलें मिली थीं। हालांकि ग्राम सभा सफरी बनाम उस्मान अली रजा खान की पत्रावली अब भी गायब है। इस मामले में डीएम ने तहसील के अधिकारियों से पूछताछ की तो पता चला कि फाइलों को रखने की जिम्मेदारी पेशकार विक्रम सिंह पर थी। उनका पटल बदला जा चुका है। इसके बाद पूरे मामले की जांच एडीएम प्रशासन वीके सिंह कर रहे थे। एक महीने तक चली जांच के बाद एडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
इस मामले की जांच पूरी हो गई है। इसकी फाइल भी मेरे पास आ गई है। इसका अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय लूंगा। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
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बरेली। सदर तहसील से जमीनी मामलों की फाइलों के गायब होने की जांच रिपोर्ट डीएम के पास पहुंच गई है। डीएम ने इस मामले की जांच एडीएम प्रशासन वीके सिंह को दी थी। इस लापरवाही में कस्टोडियन पेशकार का पटल पहले ही बदला जा चुका है। जांच रिपोर्ट के आधार डीएम अब दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
तहसीलदार सदर न्यायालय से 14 से 21 अक्तूबर के बीच जमीन संबंधी विभिन्न मुकदमों की सात फाइलें गायब हो गई थी। इस मामले में तहसीलदार सदर ने दो नवंबर को तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को रिपोर्ट भेज दी। इस पर अगले ही दिन तीन नवंबर को एक वकील के जरिये सूचना मिली कि छह फाइलें तहसील से करीब पांच किमी दूर करगैना पुलिस चौकी के सामने एक कबाड़ी की दुकान में हैं। स्टाफ कबाड़ी की दुकान पर पहुंचा तो वहां सिर्फ छह फाइलें मिली थीं। हालांकि ग्राम सभा सफरी बनाम उस्मान अली रजा खान की पत्रावली अब भी गायब है। इस मामले में डीएम ने तहसील के अधिकारियों से पूछताछ की तो पता चला कि फाइलों को रखने की जिम्मेदारी पेशकार विक्रम सिंह पर थी। उनका पटल बदला जा चुका है। इसके बाद पूरे मामले की जांच एडीएम प्रशासन वीके सिंह कर रहे थे। एक महीने तक चली जांच के बाद एडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
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इस मामले की जांच पूरी हो गई है। इसकी फाइल भी मेरे पास आ गई है। इसका अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय लूंगा। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी