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फेसबुक वार! समर्थक धर्मपाल को बता रहे ‘कल्याण’
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बरेली। सिंचाई मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले आंवला धर्मपाल सिंह के समर्थन में सोशल मीडिया पर लामबंदी शुरू हो गई है। कुछ समर्थक उन्हें किसान और लोधी समाज का सबसे बड़ा नेता बनाकर पेश रहे हैं तो कुछ समर्थक उनकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से करने से भी नहीं चूक रहे हैं। कहा जा रहा है कि उनकी लोकप्रियता की वजह से ही उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है। ऐसी तमाम पोस्ट आसपास के जिलों में भी शेयर की जा रही हैं।
योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद आंवला विधायक धर्मपाल सिंह शुक्रवार को तमाम समर्थकों के साथ लखनऊ से बरेली पहुंचे थे। यहां प्रेसवार्ता में उन्होंने खुद को बेदाग बताते हुए मामले की जांच कराने और दोषी साबित होने पर विधायक पद से इस्तीफा देने की बात कही थी। उनके समर्थक सोशल मीडिया में भाजपा नेतृत्व के निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे अन्याय करार दे रहे हैं और भाजपा पर दबाव बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। इसे लोधी समाज का अपमान भी बताया जा रहा है। धर्मपाल सिंह समर्थक डॉ. सुरजीत सिंह ने फेसबुक पर लिखा है, जब ओबीसी नेता की लोकप्रियता बढ़ने लगती है तो वह मठाधीशों को खटकने लगता है। ठीक ऐसा ही सम्माननीय बाबू जी कल्याण सिंह के साथ भी हुआ था। पुरुषोत्तम निषाद ने लिखा, इस निर्णय पर पुनर्विचार की जरूरत है। यही निर्णय आने वाले समय में निषाद समाज की दिशा तय करेगा। आकिब अली ने लिखा, पार्टी को तो विचार करना पड़ जाएगा। अगर आंवला विधानसभा के सारे गांव के लोग मंत्री साहब के समर्थन में रैली निकालें और उनका हौसला कम न होने दें।
फैंस क्लब पर चल रही मुहिम
फेसबुक पर धर्मपाल सिंह फैंस क्लब से नाम से बने पेज पर इसे अपमान और न सहन करने की बात कहते हुए मुहिम चलाई जा रही है। इस पर लिखा है कि मंत्री के सम्मान के लिए हम सबकुछ करने को तैयार हैं। पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने दिया गया और अब मंत्रिमंडल से भी बाहर कर दिया गया।
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योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद आंवला विधायक धर्मपाल सिंह शुक्रवार को तमाम समर्थकों के साथ लखनऊ से बरेली पहुंचे थे। यहां प्रेसवार्ता में उन्होंने खुद को बेदाग बताते हुए मामले की जांच कराने और दोषी साबित होने पर विधायक पद से इस्तीफा देने की बात कही थी। उनके समर्थक सोशल मीडिया में भाजपा नेतृत्व के निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे अन्याय करार दे रहे हैं और भाजपा पर दबाव बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। इसे लोधी समाज का अपमान भी बताया जा रहा है। धर्मपाल सिंह समर्थक डॉ. सुरजीत सिंह ने फेसबुक पर लिखा है, जब ओबीसी नेता की लोकप्रियता बढ़ने लगती है तो वह मठाधीशों को खटकने लगता है। ठीक ऐसा ही सम्माननीय बाबू जी कल्याण सिंह के साथ भी हुआ था। पुरुषोत्तम निषाद ने लिखा, इस निर्णय पर पुनर्विचार की जरूरत है। यही निर्णय आने वाले समय में निषाद समाज की दिशा तय करेगा। आकिब अली ने लिखा, पार्टी को तो विचार करना पड़ जाएगा। अगर आंवला विधानसभा के सारे गांव के लोग मंत्री साहब के समर्थन में रैली निकालें और उनका हौसला कम न होने दें।
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फैंस क्लब पर चल रही मुहिम
फेसबुक पर धर्मपाल सिंह फैंस क्लब से नाम से बने पेज पर इसे अपमान और न सहन करने की बात कहते हुए मुहिम चलाई जा रही है। इस पर लिखा है कि मंत्री के सम्मान के लिए हम सबकुछ करने को तैयार हैं। पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने दिया गया और अब मंत्रिमंडल से भी बाहर कर दिया गया।
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