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विधायक जी! पेट्रोल पंप प्रकरण पुराना है या अब भी कुछ गोलमाल है
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बरेली। शहर विधायक डॉ. अरुण के पेट्रोल पंप से नगर निगम को डीजल की सप्लाई किए जाने का पुराना मामला बृहस्पतिवार को कुछ टीवी चैनलों और सोशल मीडिया की अचानक सुर्खियां बना दिखा। जिले के दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद आई इन खबरों में बताया गया कि डॉ. अरुण पर भी सख्त कार्रवाई हो सकती है तो हलचल मच गई। इस बीच डॉ. अरुण ने सफाई दी कि कुछ लोग लगातार उन्हें इस प्रकरण में ब्लैकमेल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। यह सारी हलचल इसी वजह से है।
पार्षद विपुल लाला, पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी मुनीश शर्मा और राजेश्वर प्रसाद ने मार्च 2019 में शहर विधायक डॉ. अरुण के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल को पत्र लिखा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायक डॉ. अरुण ने तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को पत्र लिखकर अपने पेट्रोल पंप से डीजल खरीदने को कहा था। नगर आयुक्त ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर आदेश जारी कर दिया। शिकायत में कहा गया था कि शहर विधायक नगर निगम के पदेन सदस्य भी हैं। लिहाजा नियमानुसार वह निगम को तेल की सप्लाई कर लाभ नहीं उठा सकते। उन्होंने ऐसा करके नगर निगम के साथ संविधान की भी नियमावली का उल्लंघन किया है। इसलिए उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। 20 जून को तत्कालीन राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने निर्वाचन आयोग के प्रमुख सचिव को भेजकर पत्र भेजकर इस मामले में कार्रवाई को कहा था। विधायक के मुताबिक तब से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है लेकिन बृहस्पतिवार को कुछ टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर विधायक पर जल्द कार्रवाई होने की खबर सुर्खियां बन गई तो पूरे शहर में नई हलचल शुरू हो गई।
मेरे खिलाफ कुछ लोग अनर्गल दुष्प्रचार कर मुझे ब्लैकमेल करना चाहतेे हैं। इसी अभियान के तहत मेरे खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
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पार्षद विपुल लाला, पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी मुनीश शर्मा और राजेश्वर प्रसाद ने मार्च 2019 में शहर विधायक डॉ. अरुण के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल को पत्र लिखा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायक डॉ. अरुण ने तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को पत्र लिखकर अपने पेट्रोल पंप से डीजल खरीदने को कहा था। नगर आयुक्त ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर आदेश जारी कर दिया। शिकायत में कहा गया था कि शहर विधायक नगर निगम के पदेन सदस्य भी हैं। लिहाजा नियमानुसार वह निगम को तेल की सप्लाई कर लाभ नहीं उठा सकते। उन्होंने ऐसा करके नगर निगम के साथ संविधान की भी नियमावली का उल्लंघन किया है। इसलिए उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। 20 जून को तत्कालीन राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने निर्वाचन आयोग के प्रमुख सचिव को भेजकर पत्र भेजकर इस मामले में कार्रवाई को कहा था। विधायक के मुताबिक तब से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है लेकिन बृहस्पतिवार को कुछ टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर विधायक पर जल्द कार्रवाई होने की खबर सुर्खियां बन गई तो पूरे शहर में नई हलचल शुरू हो गई।
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मेरे खिलाफ कुछ लोग अनर्गल दुष्प्रचार कर मुझे ब्लैकमेल करना चाहतेे हैं। इसी अभियान के तहत मेरे खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
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