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चेयरमैन शहला ताहिर को फिर नोटिस
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बरेली। नवाबगंज नगर पालिका में ईओ की तैनाती के बगैर राज्य वित्त आयोग के 47.31 लाख रुपये निकालने के मामले में अब शासन ने चेयरमैन शहला ताहिर को आखिरी नोटिस दिया है। इसके बाद भी अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो एफआईआर समेत बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एक महीने पहले भी नोटिस दिया गया था, लेकिन चेयरमैन ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया है।
भाजपा केे नीरेंद्र सिंह राठौर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर रणवीर प्रसाद से लेकर शासन तक की थी। डीएम की तरफ से नामित जांच अधिकारी एडीएम की जांच में सामने आया था कि नवाबगंज नगर पालिका के ईओ गुलशन सूरी पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे। जनवरी से जून तक किसी भी ईओ की तैनाती नवाबगंज नगरपालिका में नहीं हो सकी। पांच फरवरी को राज्य वित्त आयोग की रकम नगर पालिका को भेजी गई थी। इसी महीने 32 चेकों के माध्यम से 47.31 लाख रुपये एसबीआई के खाते से निकाल लिए गए। बड़ी बात ये है कि इन सभी चेकों पर चेयरमैन के साथ ईओ के भी हस्ताक्षर हैं। जबकि इस अवधि के दौरान नगर पालिका में ईओ की तैनाती ही नहीं थी। शिकायतकर्ता भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर ने शिकायत की थी कि जब ईओ तैनात ही नहीं हैं तो चेकों पर साइन किसके थे। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने इन चेकों का रिकार्ड निकालकर उनका सत्यापन भी कराया था। इसमें ईओ के साइन होने की बात सामने आई है। इससे ईओ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। शासन की तरफ से प्रशासन ने करीब माहभर पहले चेयरमैन शहला से इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने अब तक अपना पक्ष नहीं दिया है। शासन ने उन्हें फिर से नोटिस देते हुए जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। इस नोटिस पर भी अगर जवाब नहीं आया तो चेयरमैन शहला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
‘ इस मामले में चेयरमैन शहला ताहिर ने शासन को अपना जवाब नहीं भेजा है। इसलिए शासन ने उन्हें एक अंतिम मौका देते हुए फिर से नोटिस जारी किया है। इसे उन्हें तामील करा दिया गया है।’
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- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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भाजपा केे नीरेंद्र सिंह राठौर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर रणवीर प्रसाद से लेकर शासन तक की थी। डीएम की तरफ से नामित जांच अधिकारी एडीएम की जांच में सामने आया था कि नवाबगंज नगर पालिका के ईओ गुलशन सूरी पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे। जनवरी से जून तक किसी भी ईओ की तैनाती नवाबगंज नगरपालिका में नहीं हो सकी। पांच फरवरी को राज्य वित्त आयोग की रकम नगर पालिका को भेजी गई थी। इसी महीने 32 चेकों के माध्यम से 47.31 लाख रुपये एसबीआई के खाते से निकाल लिए गए। बड़ी बात ये है कि इन सभी चेकों पर चेयरमैन के साथ ईओ के भी हस्ताक्षर हैं। जबकि इस अवधि के दौरान नगर पालिका में ईओ की तैनाती ही नहीं थी। शिकायतकर्ता भाजपा नेता नीरेंद्र सिंह राठौर ने शिकायत की थी कि जब ईओ तैनात ही नहीं हैं तो चेकों पर साइन किसके थे। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने इन चेकों का रिकार्ड निकालकर उनका सत्यापन भी कराया था। इसमें ईओ के साइन होने की बात सामने आई है। इससे ईओ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। शासन की तरफ से प्रशासन ने करीब माहभर पहले चेयरमैन शहला से इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने अब तक अपना पक्ष नहीं दिया है। शासन ने उन्हें फिर से नोटिस देते हुए जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। इस नोटिस पर भी अगर जवाब नहीं आया तो चेयरमैन शहला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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‘ इस मामले में चेयरमैन शहला ताहिर ने शासन को अपना जवाब नहीं भेजा है। इसलिए शासन ने उन्हें एक अंतिम मौका देते हुए फिर से नोटिस जारी किया है। इसे उन्हें तामील करा दिया गया है।’
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- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी