Bareilly News: सुस्ती कहें या करम, जाली नोटों के सौदागरों पर पुलिस का रुख नरम
भोजीपुरा थाना क्षेत्र में 23 फरवरी को एसटीएफ ने बंद ईंट भट्ठे से 27 लाख के जाली नोटों का जखीरा पकड़ा था। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें भैरपुरा निवासी सद्दाम, पीलीभीत के नेपाल बॉर्डर निवासी हरवंश उर्फ सोनू व गुरनाम सिंह शामिल थे।
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विशेष एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के बाद विवेचना के दौरान पुलिस खेल कर देती है। हाल में बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र में एसटीएफ ने जाली नोटों का जखीरा पकड़ा था। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद नवाबगंज थाने के विवेचक उससे रत्ती भर आगे नहीं बढ़ सके। एसटीएफ की ओर से पकड़े गए तीनों आरोपियों पर चार्जशीट लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस के करम से मुख्य आरोपी को समय मिला तो उसने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। बाकी फरार हैं।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव खजुरिया भैरपुरा में 23 फरवरी को एसटीएफ ने बंद ईंट भट्ठे से 27 लाख के जाली नोटों का जखीरा पकड़ा था। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें भैरपुरा निवासी सद्दाम, पीलीभीत के नेपाल बॉर्डर निवासी हरवंश उर्फ सोनू व गुरनाम सिंह शामिल थे। सद्दाम के पिता व कथित भाजपा नेता अफसार अली समेत प्रकाश और भैरपुरा निवासी सचिन फरार हो गए थे।
भोजीपुरा थाने में मामला दर्ज कराया गया था। इसकी विवेचना नवाबगंज थाने के इंस्पेक्टर क्राइम विनोद यादव कर रहे थे। आज तक इस मामले में प्रकाश और सचिन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आज भी उनकी तलाश में पार्ट बी में विवेचना जारी है।
एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया कि अफसार सालभर में ही काफी मालदार हो गया था। उसने एक पुरानी कार भी खरीद ली थी। उस पर भाजपा का झंडा लगाता था। आसपास के लोगों में रसूख कायम करने के लिए वह खुद को भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ा बताता था। हालांकि, बाद में यह साफ हुआ कि वह अल्पसंख्यक समाज के एक एनजीओ से जुड़ा था।
मेरठ और बरेली एसटीएफ ने की थी कार्रवाई
मेरठ एसटीएफ ने बरेली यूनिट के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया था। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ था कि नेपाल का सुरेश और भोजीपुरा का अफसार अली नेपाल के पोखरा की एक फैक्टरी में काम करते थे। डेढ़ साल पहले आरोपियों ने जाली नोटों का धंधा शुरू किया था।
सुरेश नेपाल से जाली नोट मुहैया कराता था, अफसार उसे खपाता था। आरोपियों को एक लाख असली रुपयों के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट मिलते थे। उसमें भी ऊपर-नीचे असली नोट लगाए जाते थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान या फिर नेपाल में जाली नोट बनाकर पीलीभीत के रास्ते यहां भेजे जाते थे।
सीओ नवाबगंज चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि विवेचक ने पहले पकड़े गए तीन आरोपियों पर चार्जशीट लगा दी है। अफसार अली ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली है। दो आरोपियों सचिन व प्रकाश की तलाश की जा रही है। जल्दी ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विवेचना में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए हैं।