ठग गिरोह का पर्दाफाश: नौकरी का झांसा देकर हजारों लोगों से ठगी, बरेली में खोल रखा था कॉल सेंटर, सरगना गिरफ्तार
ठग गिरोह ने ग्रेटर ग्रीनपार्क कॉलोनी में ठिकाना बना रखा था। करगैना के पास कॉल सेंटर जैसा ऑफिस
बनाकर लोगों को निजी बैंक में जॉब का ऑफर देते थे। इसके बाद उन्हें जाल में फंसाकर ठगी करते। गिरोह के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।
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बरेली में नौकरी के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के सरगना कासगंज निवासी पुष्पेंद्र को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसके दो साथी फरार हैं। यह गिरोह लोगों को कॉल करके ठगी के जाल में फंसाते थे। सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुके हैं।
बुधवार को बिहारीपुर चौकी क्षेत्र में सिटी सब्जी मंडी स्थित इंटरनेट कैफे से एक युवक को पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले किया था। कोतवाली पुलिस ने पूछताछ की तो पता लगा कि आरोपी कासगंज के पटियाली थाना क्षेत्र के नकड़ का रहने वाला पुष्पेंद्र है। उसके साथी बदायूं के डोलापुर निवासी टिंकू मौर्य उर्फ सन और अंशुल उर्फ प्रियांशु मौके से फरार हो गए।
आरोपियों ने बना रखा था कॉल सेंटर
पुष्पेंद्र को लेकर इंस्पेक्टर कोतवाली धर्मेंद्र सिंह स्वास्तिक हॉस्पिटल के पास एक कंपनी के कार्यालय में पहुंचे। आरोपियों ने उसे कॉल सेंटर का रूप दे रखा था। वहां पुष्पेंद्र की निशानदेही पर 17 मोबाइल फोन, 59 सिम, निजी बैंक के बाउचर और मोहरें बरामद हुईं।
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यहां बना रखा था ठिकाना
अलग-अलग शहरों के आरोपियों ने ग्रेटर ग्रीनपार्क कॉलोनी को ठिकाना बना रखा था। करगैना के पास कॉल सेंटर जैसा ऑफिस बनाकर लोगों को निजी बैंक में जॉब का ऑफर देते थे। बेरोजगारों को अच्छी सैलरी व कमीशन का लालच देकर उनसे सिक्योरिटी व अन्य मद में रुपये मंगाते थे। इनके झांसे में आकर अक्सर लोग इन्हें रुपये भेज देते थे।हजारों लोगों से कर चुके हैं ठगी
कोतवाली पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए तो पता लगा कि वह जॉब देने वाली कंपनियों का डाटा चुराते थे। मध्य प्रदेश के नीमच की युवती व बिनावर (बदायूं) के युवक ने पुलिस को कॉल कर बताया कि उन्हें भी ठगा गया है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी रोज करीब सौ लोगों को कॉल करते थे। अब तक ये हजारों लोगों को कॉल कर सैकड़ों को अपना शिकार बना चुके हैं।