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Bareilly: आरोपी नहीं मिला तो पुलिस ने पत्नी और बेटे को रायफल की बट से पीटकर किया लहूलुहान, दरोगा सस्पेंड
Mon, 31 Oct 2022 02:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 02:24 AM IST
सार
बरेली के शाही थाना इलाके में युवक और उसकी मां की पिटाई के मामले में एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है।
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पुलिस की पिटाई में घायल मां-बेटा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली जिले में सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में आरोपी के घर दबिश के दौरान उसकी पत्नी और बेटे को रायफल की बटों से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद शाही पुलिस घिर गई। देर रात एसएसपी ने आरोपी दरोगा महेश चंद्र को निलंबित कर दिया। इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की जरूरत न होने के बावजूद पुलिस आधी रात को दबिश देने पहुंच गई थी और मां-बेटे को पीटकर लहूलुहान कर दिया था।
बसावनपुर गांव के जयंती प्रसाद पर थाना शाही में एफआईआर दर्ज है, जिसमें उनके ट्रैक्टर की टक्कर से 17 अक्तूबर को एक युवक की मौत और दो लोगों के गंभीर घायल होने का आरोप है। शनिवार रात 11 बजे के बाद पुलिस इसी मामले में जयंती प्रसाद के घर दबिश देने गई थी। जयंती की पत्नी कंचनवती का आरोप है कि जब उनके पति घर नहीं मिले तो दरोगा महेश चंद्र बौखलाकर उन्हें और उनके बेटे अर्जुन को घसीटकर घर से बाहर ले आया और जीप में बैठा दिया।
वह जीप से कूदकर बेटे को उतारने के लिए पुलिस से भिड़ गई। इस पर दरोगा और उनके साथ आए पुलिस कर्मियों ने रायफल की बटों से दोनों को पीटकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर लोग जमा हुए तो पुलिस दोनों को छोड़कर चली गई। कंचनवी के मुताबिक इस मामले की शिकायत करने वह रविवार को थाने पहुंची तो रास्ते में ही दरोगा के कुछ नजदीकियों ने उन्हें धमकाकर लौटा दिया।
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शाही थानाध्यक्ष श्याम सिंह का कहना है कि जयंती प्रसाद दुर्घटना के मामले में वांछित थे। काफी समय से उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया जा रहा था लेकिन वह नहीं आ रहे थे। पुलिस बयान दर्ज करने ही उनके घर गई थी। पुलिस के मारपीट करने की जानकारी नहीं है। देर रात वीडियो पुलिस अफसरों तक पहुंचा तो दरोगा महेश चंद्र को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने बगैर महिला कर्मी के दी दबिश
बसावनपुर गांव पहुंची पुलिस टीम के साथ कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। घटना के वीडियो में कंचनवती गाड़ी में लहूलुहान अवस्था में बैठे बेटे के पास जाती दिख रही है। एक पुरुष पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर हटा रहा है। पुलिसकर्मी ने कई बार उनका हाथ पकड़ा। इसके बाद लहूलुहान अर्जुन पुलिस की गाड़ी से कूदकर बाहर निकल आया। इसके बाद पुलिस कर्मी गाड़ी में सवार होकर चले गए।
घर में तोड़फोड़ करने का भी आरोप
कंचनवती ने पुलिस पर रात में दबिश देने के साथ उनसे बदसलूकी और घर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। कहा कि पुलिस ने उसके बेटे बीएससी के छात्र अर्जुन और उनके साथ मारपीट की। इसके साथ ही उनके घर में तोड़फोड़ की। साथ ही मामले में गिरफ्तारी का प्रावधान होने के बावजूद रात 11 बजे दबिश देने भी पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है।
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बसावनपुर गांव के जयंती प्रसाद पर थाना शाही में एफआईआर दर्ज है, जिसमें उनके ट्रैक्टर की टक्कर से 17 अक्तूबर को एक युवक की मौत और दो लोगों के गंभीर घायल होने का आरोप है। शनिवार रात 11 बजे के बाद पुलिस इसी मामले में जयंती प्रसाद के घर दबिश देने गई थी। जयंती की पत्नी कंचनवती का आरोप है कि जब उनके पति घर नहीं मिले तो दरोगा महेश चंद्र बौखलाकर उन्हें और उनके बेटे अर्जुन को घसीटकर घर से बाहर ले आया और जीप में बैठा दिया।
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वह जीप से कूदकर बेटे को उतारने के लिए पुलिस से भिड़ गई। इस पर दरोगा और उनके साथ आए पुलिस कर्मियों ने रायफल की बटों से दोनों को पीटकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर लोग जमा हुए तो पुलिस दोनों को छोड़कर चली गई। कंचनवी के मुताबिक इस मामले की शिकायत करने वह रविवार को थाने पहुंची तो रास्ते में ही दरोगा के कुछ नजदीकियों ने उन्हें धमकाकर लौटा दिया।
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शाही थानाध्यक्ष श्याम सिंह का कहना है कि जयंती प्रसाद दुर्घटना के मामले में वांछित थे। काफी समय से उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया जा रहा था लेकिन वह नहीं आ रहे थे। पुलिस बयान दर्ज करने ही उनके घर गई थी। पुलिस के मारपीट करने की जानकारी नहीं है। देर रात वीडियो पुलिस अफसरों तक पहुंचा तो दरोगा महेश चंद्र को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने बगैर महिला कर्मी के दी दबिश
बसावनपुर गांव पहुंची पुलिस टीम के साथ कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। घटना के वीडियो में कंचनवती गाड़ी में लहूलुहान अवस्था में बैठे बेटे के पास जाती दिख रही है। एक पुरुष पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर हटा रहा है। पुलिसकर्मी ने कई बार उनका हाथ पकड़ा। इसके बाद लहूलुहान अर्जुन पुलिस की गाड़ी से कूदकर बाहर निकल आया। इसके बाद पुलिस कर्मी गाड़ी में सवार होकर चले गए।
घर में तोड़फोड़ करने का भी आरोप
कंचनवती ने पुलिस पर रात में दबिश देने के साथ उनसे बदसलूकी और घर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। कहा कि पुलिस ने उसके बेटे बीएससी के छात्र अर्जुन और उनके साथ मारपीट की। इसके साथ ही उनके घर में तोड़फोड़ की। साथ ही मामले में गिरफ्तारी का प्रावधान होने के बावजूद रात 11 बजे दबिश देने भी पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है।