Bareilly News: रक्षित के स्टार्टअप 'गैलेक्सआई' को पीएम मोदी ने सराहा, 'मन की बात' में बाल मिठाई का भी जिक्र
मन की बात कार्यक्रम में स्टार्टअप के संबंध में जैसे ही रक्षित ने अपना परिचय दिया तो प्रधानमंत्री ने, 'उत्तराखंड में कहां से हो? सवाल किया। रक्षित ने बताया कि वह अल्मोड़ा के रहने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए उत्तराखंड की मशहूर बाल मिठाई का जिक्र करते हुए कहा, 'बाल मिठाई वाले हो आप'?
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बरेली के रामपुर गार्डन निवासी रक्षित ने अपने आईआईटियन दोस्तों के साथ स्पेस टेक्नोलॉजी में नया आयाम स्थापित किया है। आने वाले दिनों में उनका स्टार्टअप 'गैलेक्सआई' देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने व किसानों को सशक्त बनाने में योगदान करेगा। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में रक्षित के स्टार्टअप की सराहना की। उनकी टीम से भविष्य की योजनाओं पर चर्चा भी की। चूंकि, रक्षित मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं, इसलिए पीएम ने उनसे वहां की प्रसिद्ध बाल मिठाई का जिक्र भी किया।
रक्षित के पिता मुकुल भट्ट व्यवसायी और मां इंदु भट्ट गृहिणी हैं। पिता ने बताया बेटे ने 10वीं तक की पढ़ाई बिशप कॉनराड स्कूल से की है। आईआईटी की तैयारी के साथ कोटा (राजस्थान) से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। रक्षित ने वर्ष 2018 में आईआईटी (चेन्नई) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वहां पांच दोस्तों के साथ मिलकर 'गैलेक्सआई' स्टार्टअप शुरू किया। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तरायणी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने खुशी जाहिर की।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को किया प्रोत्साहित
रक्षित बताते हैं कि वर्ष 2020 में डेनिल चावड़ा, किशन ठक्कर, प्रणित मेहता, रक्षित भट्ट और सुयश सिंह के साथ मिलकर 'गैलेक्सआई' की स्थापना की। इसका संचालन बंगलूरू से कर रहे हैं। प्रधानमंत्री से वार्ता के बाद देशभर के युवा अंतरिक्ष के क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
इस स्टार्टअप में करीब चार मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। कंपनी ने रक्षा क्षेत्र के लिए यूएवी एसएआर प्रणाली विकसित की है। इसका लक्ष्य 2025 में यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) और एसएआर (सिंथेटिक एपर्चर रडार) प्रणाली की व्यावसायिक तैनाती के साथ-साथ अपना पहला मल्टी-सेंसर उपग्रह लॉन्च करना है।
सीमाएं होंगी सुरक्षित, किसान होंगे सशक्त
रक्षित ने बताया कि 'गैलेक्सआई' स्टार्टअप उपग्रहों के माध्यम से मल्टी-सेंसर तस्वीरें प्रदान करता है। इस तकनीक के जरिये अंतरिक्ष से बादल के आर-पार रात में भी देख सकते हैं। इससे देश के किसी भी कोने की साफ तस्वीर खींच सकते हैं। इससे प्राप्त डाटा का इस्तेमाल देश की सीमाओं को सुरक्षित करने व दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी करने में होगा। इसका डाटा आर्म्ड फोर्सेज को उपलब्ध कराएंगे।
दूसरा, झींगा किसानों को सशक्त बनाने के लिए हमने एक उत्पाद बनाया है। इसके जरिये अंतरिक्ष से उनके तालाब के पानी की गुणवत्ता कम खर्च में माप सकते हैं। आगे लक्ष्य है कि उच्च गुणवत्ता की सेटेलाइट तस्वीरें उत्पन्न करें। साथ ही, ग्लोबल वॉर्मिंग से लड़ने के लिए दुनिया को सेटेलाइट से डाटा उपलब्ध कराएंगे।
गैलेक्सआई के को फाउंडर रक्षित भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री से वार्ता करना प्रेरणादायक रहा। उन्हें टीम को आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। उनका प्रयास है कि युवा स्टार्टअप के माध्यम से देश की तरक्की में भागीदार बनें। हमारी टीम वर्ष 2025 में पहला सेटेलाइट लॉन्च करेगी। इसके बाद पांच सेटेलाइट और लॉन्च करने की योजना है। इससे प्राप्त होने वाले डाटा दुनिया को उपलब्ध कराएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा- बाल मिठाई वाले हैं आप
मन की बात में स्टार्टअप के संबंध में जैसे ही रक्षित ने अपना परिचय दिया तो प्रधानमंत्री ने, 'उत्तराखंड में कहां से हो? सवाल किया। रक्षित ने बताया कि 'वह अल्मोड़ा के रहने वाले हैं'। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए उत्तराखंड की मशहूर बाल मिठाई का जिक्र करते हुए कहा, 'बाल मिठाई वाले हो आप'? रक्षित ने कहा कि 'वह मेरी भी पसंदीदा मिठाई है'। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें नियमित रूप से एक परिचित यह मिठाई खिलाता है, जोकि बहुत स्वदिष्ट है। दरअसल उत्तराखंड के मूल निवासी रक्षित का परिवार वर्तमान में रामपुर गार्ड में रहता है।