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Bareilly News: डिवाइडर पर सूख गए पौधे...हरियाली की मुहिम मुरझाई

Mon, 13 Jul 2026 02:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 13 Jul 2026 02:09 AM IST
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Plants on the divider have dried up... the greening drive has withered.
बरेली। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद में हर साल लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर योजनाएं दम तोड़ रही हैं। पर्यावरण सुधार और शहर को सुंदर बनाने के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हर साल करीब सात हजार पौधे डिवाइडरों पर रोपे जाते हैं, लेकिन जमीनी पड़ताल में यह साफ हुआ है कि रखरखाव और देखरेख के अभाव में ये हरियाली की मुहिम मुरझा गई। कहीं जानवर पेड़ों को खा रहे हैं तो कहीं पेड़ों पर गंदगी फेंकी जा रही है। शहर के तीन प्रमुख रूटों की पड़ताल।
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कचहरी से जंक्शन जाने वाले व्यस्त मार्ग पर साल 2025 में 200 से अधिक पौधे लगाए गए थे। रखरखाव न होने के कारण ये पौधे सूख रहे हैं। इस पूरे मार्ग पर डिवाइडर पर सुरक्षा जाली न होने से गाय इन पेड़ों को अपना निवाला बना रही हैं। बटलर प्लाजा से पटेल चौक तक भी यही स्थिति है। यहां पहले सुरक्षा जाली लगाई गई थी, लेकिन देखरेख के अभाव में अब वह गायब हो चुकी है, जिससे पौधे लावारिस हो गए हैं।
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गांधी उद्यान से चौकी चौराहा मार्ग पर हरियाली को लगा ग्रहण

शहर के गांधी उद्यान से चौकी चौराहा मार्ग पर भी हरियाली को ग्रहण लगा हुआ है। इस मार्ग पर करीब 300 पौधे रोपे गए थे, जिनमें से अधिकांश अब सूख चुके हैं। आयकर भवन के सामने कई पौधों की जगह अब सिर्फ सूखी लकड़ियां ही बची हैं। बचे हुए पौधे भी पानी और खाद न मिलने के कारण सूखने की कगार पर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये पेड़ लंबे समय से सूखे और उपेक्षित पड़े हैं, लेकिन इन्हें बचाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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श्यामगंज से सेटेलाइट तक पौधों पर फेंका जा रहा कचरा

श्यामगंज से सेटेलाइट तक बने स्मार्ट सिटी के डिवाइडर पर लापरवाही सिर्फ सुरक्षा जाली तक सीमित नहीं है। जनता और प्रशासन की संवेदनहीनता भी इसमें बराबर की हिस्सेदार है। श्यामगंज डिवाइडर की पड़ताल में सामने आया कि यहां पौधों को सींचने के बजाय, आसपास के दुकानदार और ठेले वाले उनके ऊपर सड़े हुए फल और कचरा फेंक रहे हैं। इस गंदगी के कारण पौधे पनपने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं। डेलापीर रोड पर भी यही हाल है, जहां पिछले साल 2025 में तीन हजार पौधे लगाए गए थे। उनमें से अधिकांश या तो पानी न मिलने के कारण सूख चुके हैं या फिर आवारा जानवरों की भेंट चढ़ गए हैं।

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बयान
शहर के डिवाइडरों पर हर साल पौधे लगाए जा रहे है और उनका रखरखाव भी किया जा रहा है। जहां डिवाइडर पर गंदगी फेंकी जा रही है उसे दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी। -राजीव राठी,एक्सईएन
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