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पीपलसाना चौधरी के लोगों ने रेलवे के खिलाफ किया वाद दायर
बरेली।
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:19 AM IST
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रेलवे की ब्राडगेज लाइन से श्मशान भूमि का रास्ता बंद हो जाने से पीपलसाना गांव के प्रधान समेत कई लोगों ने रेलवे के महाप्रबंधक, मंडल प्रबंधक और निर्माण निरीक्षक के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में वाद दायर किया है। इन लोगों की मांग है कि श्मशान भूमि तक आनेजाने के लिए ओवरब्रिज या अंडरपास बनाया जाए।
पीपलसाना गांव की प्रधान रानी समेत सात लोगों की ओर से दायर वाद में कहा गया है कि ब्राडगेज रेलवे लाइन बनने से पहले पीपलसाना चौधरी गांव के लोगों को खेतों, बाजार और श्मशान भूमि जाने के लिए रेलवे लाइन के किनारे रास्ता छोड़ा गया था। आसपास गांवों के लोग भी इसी रास्ते से पीपलसाना गांव और भोजीपुरा रेलवे स्टेशन आते-जाते थे। ब्राडगेज लाइन बिछने और भोजीपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म का विस्तार होने की वजह से रेलवे प्रबंधन ने यह रास्ता बंद कर दिया। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को भोजीपुरा और नैनीताल रोड पर आने-जाने के लिए दो किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है।
दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं लोग
अदालत में दायर वाद में कहा गया है कि रेलवे अधिकारियों ने रास्ता बंद कर लोगों के लिए जान का खतरा पैदा कर दिया है। रास्ते के बंद होने की वजह से लोग जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने को भागते हैं तो दुर्घटना के शिकार हो जाते है। रेलवे ने गांव के उत्तरी सिरे से लेकर दक्षिण सिरे तक मालगाड़ियां यार्ड में खड़ी कर रखी है। लोगों को इन गाड़ियों के नीचे से गुजरकर भी अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
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अर्थियां तक रोक लेते हैं रेलवे कर्मचारी
वाद में यह भी कहा गया है कि रास्ता बंद होने के बाद से गांव के लोगों को शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। रेलवे के कर्मचारी अर्थियों तक को जबरन रोक लेते हैं। गांव की सड़क की ओर को जाने से मना करते हैं। अक्सर किसी को भी बेटिकट दिखाकर झूठा चालान कर दिया जाता है। रेलवे सुरक्षा बल के सिपाही व टिकट निरीक्षक गांव के लोगों से जबरन वसूली करते हैं।
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पीपलसाना गांव की प्रधान रानी समेत सात लोगों की ओर से दायर वाद में कहा गया है कि ब्राडगेज रेलवे लाइन बनने से पहले पीपलसाना चौधरी गांव के लोगों को खेतों, बाजार और श्मशान भूमि जाने के लिए रेलवे लाइन के किनारे रास्ता छोड़ा गया था। आसपास गांवों के लोग भी इसी रास्ते से पीपलसाना गांव और भोजीपुरा रेलवे स्टेशन आते-जाते थे। ब्राडगेज लाइन बिछने और भोजीपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म का विस्तार होने की वजह से रेलवे प्रबंधन ने यह रास्ता बंद कर दिया। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को भोजीपुरा और नैनीताल रोड पर आने-जाने के लिए दो किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है।
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दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं लोग
अदालत में दायर वाद में कहा गया है कि रेलवे अधिकारियों ने रास्ता बंद कर लोगों के लिए जान का खतरा पैदा कर दिया है। रास्ते के बंद होने की वजह से लोग जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने को भागते हैं तो दुर्घटना के शिकार हो जाते है। रेलवे ने गांव के उत्तरी सिरे से लेकर दक्षिण सिरे तक मालगाड़ियां यार्ड में खड़ी कर रखी है। लोगों को इन गाड़ियों के नीचे से गुजरकर भी अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
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अर्थियां तक रोक लेते हैं रेलवे कर्मचारी
वाद में यह भी कहा गया है कि रास्ता बंद होने के बाद से गांव के लोगों को शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। रेलवे के कर्मचारी अर्थियों तक को जबरन रोक लेते हैं। गांव की सड़क की ओर को जाने से मना करते हैं। अक्सर किसी को भी बेटिकट दिखाकर झूठा चालान कर दिया जाता है। रेलवे सुरक्षा बल के सिपाही व टिकट निरीक्षक गांव के लोगों से जबरन वसूली करते हैं।