Pilibhit Encounter: कौन हैं मददगार... कहां से आए विदेशी हथियार, आतंकियों के फोन से खुल सकते हैं राज
पीलीभीत में पंजाब और यूपी पुलिस की साझा कार्रवाई में मारे गए खालिस्तान समर्थक तीनों आतंकियों के फोन से राज खुल सकते हैं। पुलिस ने फोन सील कर दिए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच कराएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत के पूरनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान समर्थक तीनों आतंकियों के स्थानीय कनेक्शन, पीलीभीत आने की वजह और अन्य सवालों के जवाब उनके पास से मिले मोबाइल फोन से मिल सकते हैं। आतंकियों के फोन को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) भेजा जाएगा। पुलिस ने फोन सील कर दिए हैं। आतंकियों के पास से दो मॉडीफाइड एके-47, दो ग्लॉक पिस्टल, काफी संख्या में कारतूस के अलावा तीन मोबाइल भी मिले थे। ग्लॉक पिस्टल ऑस्ट्रिया निर्मित बताई गई है। एके-47 जैसे बड़े हथियार पंजाब से यहां किस तरह लाए गए, इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पूरनपुर में रिश्तेदारी होने की चर्चा
पूरनपुर पहुंचे तीनों आतंकियों के स्थानीय कनेक्शन की चर्चा पूरे जिले में है। आतंकियों के मुठभेड़ से दो दिन पहले आने और पूरनपुर के एक होटल में रुकने की चर्चाओं के बीच रिश्तेदारी का जिक्र भी हो रहा है।
मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया भी शुरू
पूरनपुर क्षेत्र में खालिस्तानी आतंकियों से मुठभेड़ मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी। डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।