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17 दिन का इंतजार फिर सैलानियों के लिए खुल जाएगा टाइगर रिजर्व
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पीलीभीत। जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगर रिजर्व एवं इसमें बना चूका स्पॉट पर्यटकों के लिए 15 नवंबर को खोल दिया जाएगा। चूका बीच में बनी हटों की मरम्मत व टाइगर सफारी के लिए मार्गों को दुरुस्त करने का कार्य तेज कर दिया गया है। उम्मीद है इस बार गत वर्ष लाई गई मोटर बोट का संचालन पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाए।
टाइगर रिजर्व का पर्यटन सीजन हर वर्ष 15 नवंबर से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलता है 17 दिन बाद नए सत्र का प्रारंभ होगा। सत्र के दौरान आने वाले पर्यटक चूका के साथ जंगल में विचरण कर रहे बाघ और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए भी उत्साहित रहते हैं। पिछले 2 वर्षों से चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के हाथों दी गई है। जिम्मेदारी के बाद पहले सत्र में वन निगम की ओर से यहां डीजल युक्त पांच टाटा जीना वाहन की व्यवस्था की गई। इसके अलावा दूसरे सत्र में बदलाव करने की बात भी कई जा रही थी, लेकिन बजट के अभाव के चलते कुछ नया नहीं हो सका मात्र पर्यटकों को लुभाने व आनंद बढ़ाने के लिए एक मोटर बोट की सुविधा की गई थी। हालांकि दुर्भाग्यवश पिछले सीजन में मोटर बोट का संचालन नहीं हो सका था। इधर इस बार ऐसा माना जा रहा है कि मोटर बोट के संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वन निगम और टाइगर रिजर्व प्रशासन रणनीति तैयार करने में जुटा है।
चुका स्पॉट में बनी हटों की बुकिंग वन निगम के अधीन ऑनलाइन ही रहेगी। इसमें थारू हट, बंबू हट की बुकिंग हो सकेगी। वही चूका स्पॉट को अरण्यकुटी एवं विभिन्न रेंज में बने गेस्ट हाउस वन विभाग के अधीन रहेंगे और उनकी बुकिंग भी विभाग के हाथों रहेगी।
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चुका बीच की सबसे खूबसूरत हट कही जाने वाली ट्री हट इस बार पर्यटकों को मायूस करेगी। उसका कारण यह है कि पिछले सत्र के दौरान आई तेज आंधी में ट्री हट क्षतिग्रस्त हो गई थीह इस बार किसी कारण बस उसकी मरम्मत नहीं हो सकी।
इको टूरिज्म चूका बीच प्रदेश और देश स्तर तक जिले का नाम रोशन करता ही है वहीं विदेशी पर्यटक भी टाइगर रिजर्व का जनरल वाचू का बीज को देखने से पीछे नहीं पढ़ते हैं यही वजह है कि जहां पिछले वर्ष 21 पर्यटक सीजन में पर्यटन सत्र के शुरू होने से पहले आए थे।
सत्र का कार्यकाल नजदीक है इसके मद्देनजर की जाने वाली व्यवस्थाओं का कार्य तेज कर दिया गया है वन निगम की ओर से भी चुका बीच में तैयारियां तेज है मोटर बोट के संचालन को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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टाइगर रिजर्व का पर्यटन सीजन हर वर्ष 15 नवंबर से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलता है 17 दिन बाद नए सत्र का प्रारंभ होगा। सत्र के दौरान आने वाले पर्यटक चूका के साथ जंगल में विचरण कर रहे बाघ और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए भी उत्साहित रहते हैं। पिछले 2 वर्षों से चूका बीच की जिम्मेदारी वन निगम के हाथों दी गई है। जिम्मेदारी के बाद पहले सत्र में वन निगम की ओर से यहां डीजल युक्त पांच टाटा जीना वाहन की व्यवस्था की गई। इसके अलावा दूसरे सत्र में बदलाव करने की बात भी कई जा रही थी, लेकिन बजट के अभाव के चलते कुछ नया नहीं हो सका मात्र पर्यटकों को लुभाने व आनंद बढ़ाने के लिए एक मोटर बोट की सुविधा की गई थी। हालांकि दुर्भाग्यवश पिछले सीजन में मोटर बोट का संचालन नहीं हो सका था। इधर इस बार ऐसा माना जा रहा है कि मोटर बोट के संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वन निगम और टाइगर रिजर्व प्रशासन रणनीति तैयार करने में जुटा है।
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चुका स्पॉट में बनी हटों की बुकिंग वन निगम के अधीन ऑनलाइन ही रहेगी। इसमें थारू हट, बंबू हट की बुकिंग हो सकेगी। वही चूका स्पॉट को अरण्यकुटी एवं विभिन्न रेंज में बने गेस्ट हाउस वन विभाग के अधीन रहेंगे और उनकी बुकिंग भी विभाग के हाथों रहेगी।
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चुका बीच की सबसे खूबसूरत हट कही जाने वाली ट्री हट इस बार पर्यटकों को मायूस करेगी। उसका कारण यह है कि पिछले सत्र के दौरान आई तेज आंधी में ट्री हट क्षतिग्रस्त हो गई थीह इस बार किसी कारण बस उसकी मरम्मत नहीं हो सकी।
इको टूरिज्म चूका बीच प्रदेश और देश स्तर तक जिले का नाम रोशन करता ही है वहीं विदेशी पर्यटक भी टाइगर रिजर्व का जनरल वाचू का बीज को देखने से पीछे नहीं पढ़ते हैं यही वजह है कि जहां पिछले वर्ष 21 पर्यटक सीजन में पर्यटन सत्र के शुरू होने से पहले आए थे।
सत्र का कार्यकाल नजदीक है इसके मद्देनजर की जाने वाली व्यवस्थाओं का कार्य तेज कर दिया गया है वन निगम की ओर से भी चुका बीच में तैयारियां तेज है मोटर बोट के संचालन को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व