Bareilly News: दो गांव... आबादी 10 हजार, 77 साल से सड़क का कर रहे इंतजार
बरेली के गांव गौटिया और गोकुलपुर उर्फ गरगिया के लोग 77 साल से सड़क का इंतजार कर रहे हैं। अब तक इन गांवों के लिए पक्की सड़क नहीं बनी है। यह मामला शासन तक पहुंचने के बाद सड़क बनाने की योजना में नगर निगम जुटा है।
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बरेली के सीबीगंज के वार्ड 37 नदौसी के गांव गौटिया और गोकुलपुर उर्फ गरगिया की आबादी लगभग दस हजार है, लेकिन दोनों गांवों से निकलने के लिए कोई भी आम रास्ता नहीं है। ये हालात 77 साल से बने हुए हैं। अब यह मामला शासन तक पहुंचा तो नगर निगम के अधिकारी सड़क बनाने को लेकर मंथन कर रहे हैं।
मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे गौटिया और गोकुलपुर गांव के लोग निजी जमीन से आना जाना कर रहे हैं। जिस रास्ते से होकर गांव वाले गुजरते हैं, वह भी कच्चा है। बारिश में कीचड़ के चलते यहां से गुजरना दुश्वार हो जाता है।
इससे गांव वालों के साथ वहां पर खेतीबाड़ी करने वाले लोग भी परेशान हैं। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो यह मामला हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठा था। वहां से आदेश मिलने के बाद नगर निगम की टीमें सड़क बनाने की योजना में जुट गई हैं। सड़क कहां से निकालनी है, इसको लेकर भी मंथन शुरू हो गया है।
ईंट भट्ठे के रास्ते से गांवों में आते हैं वाहन
गोकुलपुर उर्फ गरगिया गांव में आने-जाने वाले वाहनों को एक ईंट भट्ठे की जमीन से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं कई क्षेत्रवासी पैदल खेतों से होते हुए झुमका चौराहे पर पहुंचते हैं। ईंट भट्ठे के एक तरफ रेल लाइन है और दूसरी तरफ हाईवे है। ऐसे में ईंट भट्ठे की ओर आने-जाने के लिए रास्ता बना रखा है।
हाईवे से गांवों की नई सड़कों को जोड़ा जाएगा
झुमका चौराहे से गुजर रहे हाईवे से गांवों की नई सड़कों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्रामीण भी अपनी कृषि भूमि बेचने के लिए तैयार हैं, जिन्होंने पार्षद और निगम के लोगों से कहा है कि वह नुकसान उठाने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें सड़क चाहिए। नगर निगम ने इसके लिए पहले दो करोड़ रुपये का बजट पास किया था, लेकिन जमीन ही नहीं मिल रही थी।
धरना प्रदर्शन के दौरान गई थी मासूम की जान
गौटिया-गोकुलपुर गांव के लिए सड़क बनाने की मांग को लेकर दिसंबर 2023 में कड़ाके की ठंड में ग्रामीण नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान गौटिया के ही रहने वाले हरिश्चंद्र की एक साल की बेटी विद्या की भी मौत हो गई थी। घटना के बाद अधिकारियों से लेकर महापौर ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और जल्द सड़क बनवाने की बात कही थी, लेकिन इस बात को भी आठ माह गुजर गए हैं, अब तक न तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई है और न ही सड़क का निर्माण हो सका।