Bareilly: गांव में पहली बार कुर्बानी को लेकर आमने-सामने आए दो समुदाय के लोग, दिनभर रही तनाव की स्थिति
चुरई दलपतपुर में बकरीद पर ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने लोगों को नई परंपरा डालने से रोक दिया। इससे कुछ देर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही।
विस्तार
बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव चुरई दलपतपुर में बकरीद पर एक समुदाय के लोगों ने नई परंपरा डालने का प्रयास किया तो दूसरे समुदाय के लोग इसके विरोध में मुखर हो गए। ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने लोगों को नई परंपरा डालने से रोक दिया। इससे कुछ देर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही।
चुरई दलपतपुर में बुधवार को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग कुर्बानी के लिए पशु ले आए थे। बृहस्पतिवार को उनकी कुर्बानी की तैयारी शुरू कर दी। इस पर ग्राम प्रधान के पति गजेन्द्र गंगवार, गुड्डू मौर्य, नेत्रपाल, रमेश गंगवार, पप्पू, राहुल, इन्द्रपाल गंगवार, हरप्रसाद गंगवार, सियाराम आदि ने इसे नई परंपरा बताते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दी। अधिकारियों के आदेश पर गांव में पहुंची पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से नई परंपरा नहीं डालने को कहा।
गांव में तैनात की गई पुलिस
कुर्बानी के लिए खरीदकर लाए गए पशु को गांव के दूसरे व्यक्ति की सुपुर्दगी में देकर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई ताकि माहौल खराब न हो। दूसरे पक्ष के पूर्व प्रधान शकील अहमद कुर्बानी किए जाने की बात कहते रहे। मुस्लिम समुदाय के भी सैकड़ों लोग थाने पहुंचे और काले पशु की कुर्बानी कराए जाने की मांग करने लगे। प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह ने दोनों पक्षों को बैठाकर बात की। कहा कि नई परंपरा किसी भी कीमत पर नहीं पड़ने दी जाएगी।
ये भी पढ़ें- UCC: मौलाना तौकीर रजा का बड़ा बयान, कहा- कोई भी कानून बना लें, मुसलमान निकाह की जगह फेरे तो नहीं लेगा
इंस्पेक्टर ने बताया कि गांव में 70 फीसदी हिंदू और 30 फीसदी मुस्लिम आबादी है। कुर्बानी के लिए कहीं कोई बूचड़खाना भी नहीं है। दोनों पक्षों को थाने से गांव भेज दिया तथा हिदायत दी गई कि यदि किसी भी पक्ष ने माहौल बिगाड़ने एवं नई परंपरा डालने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर पूरे दिन गांव का माहौल गर्म रहा। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई थी।