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Ram Vilas Paswan Death: बरेली से खास लगाव रखते थे पासवान
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बरेली स्थित चौपुला टेलीफोन एक्सचेंज पर नए आईएसडीएम एक्सचेंज की शुरूआत करात रामविलास पासवान। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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आईएसडीएन सिस्टम वाला नया एक्सचेंज खुलवाकर लोगों को दी थी सौगात
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बरेली। केंद्रीय संचार मंत्री रहे रामविलास पासवान बरेली और यहां के लोगाें से खास लगाव रखते थे। यही वजह है कि उन्होंने बरेली में आधुनिक संचार उपलब्ध कराईं और आईएसडीएन सिस्टम वाला नया टेलीफोन एक्सचेंज खुलवाया।
एनडीए में शामिल पासवान संचार मंत्री रहते बरेली में तीन बार आए। टेलीफोन एक्सचेंज चौपुला में आईएसडीएन और अन्य आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई और इसका उद्घाटन करने भी आए। कार्यक्रम में तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री संतोष गंगवार भी शामिल हुए। ओबराय होटल मालिक गिरीश ओबराय ने बताया कि बदायूं में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह रात दो बजे बरेली पहुंचे थे। उनके ठहरने की व्यवस्था सर्किट हाउस में थी लेकिन वह वहां नहीं रुके। होटल में रात्रि विश्राम किया। ओबराय ने बताया- उनसे मैंने पूछा था कि सुबह नाश्ते में क्या लेंगे? तब उन्होंने कहा कि दाल रोटी, मैंने फिर क्लियर किया तो वही जवाब मिला। उन्होंने कहा कि वे जमीनी नेता हैं नाश्ता नहीं जानते। हमने सुबह करीब छह दाल-रोटी आदि परोसी। लोगों ने मुलाकात कर वे प्रस्थान कर गए। उनकी सादगी आज भी याद है।
उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने शोक जताया है। लोकजन शक्ति पार्टी पदाधिकारी पृथ्वीनाथ सोनकर, आकाश पुष्कर, भाजपा नेता मनोज थपलियाल, अपना दल नेता गजेंद्र पटेल, केके चंदानी, एससी वर्मा आदि ने श्रद्धांजलि दी।
एनडीए में शामिल पासवान संचार मंत्री रहते बरेली में तीन बार आए। टेलीफोन एक्सचेंज चौपुला में आईएसडीएन और अन्य आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई और इसका उद्घाटन करने भी आए। कार्यक्रम में तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री संतोष गंगवार भी शामिल हुए। ओबराय होटल मालिक गिरीश ओबराय ने बताया कि बदायूं में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह रात दो बजे बरेली पहुंचे थे। उनके ठहरने की व्यवस्था सर्किट हाउस में थी लेकिन वह वहां नहीं रुके। होटल में रात्रि विश्राम किया। ओबराय ने बताया- उनसे मैंने पूछा था कि सुबह नाश्ते में क्या लेंगे? तब उन्होंने कहा कि दाल रोटी, मैंने फिर क्लियर किया तो वही जवाब मिला। उन्होंने कहा कि वे जमीनी नेता हैं नाश्ता नहीं जानते। हमने सुबह करीब छह दाल-रोटी आदि परोसी। लोगों ने मुलाकात कर वे प्रस्थान कर गए। उनकी सादगी आज भी याद है।
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उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने शोक जताया है। लोकजन शक्ति पार्टी पदाधिकारी पृथ्वीनाथ सोनकर, आकाश पुष्कर, भाजपा नेता मनोज थपलियाल, अपना दल नेता गजेंद्र पटेल, केके चंदानी, एससी वर्मा आदि ने श्रद्धांजलि दी।
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