Bareilly: सुबह जल्दी उठकर बच्चों को लेकर दौड़े अभिभावक, स्कूल वाहन संचालकों की हड़ताल ने किया परेशान
बरेली में शुक्रवार को स्कूल वाहन संचालकों की हड़ताल से बच्चों के अभिभावक परेशान हुए। उन्हें सुबह जल्दी उठकर बच्चों को स्कूल छोड़ना पड़ा, फिर वापस लेकर आना पड़ा।
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बरेली में ऐसे बच्चे जो स्कूली वाहन से स्कूल आते-जाते हैं, उनके परिवारों में शुक्रवार का दिन आम दिनों के जैसा नहीं रहा। सुबह जल्दी उठकर बच्चों को तैयार करके स्कूल तक छोड़कर आना और छुट्टी के समय वापस लेकर आना अभिभावकों के लिए आसान नहीं रहा। स्टेट बैंक कॉलोनी की अंशु गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी में बहुत सारे परिवारों ने बच्चों की छुट्टी करा दी। शुक्रवार को स्कूली वाहनों की हड़ताल के बाद शहरभर में यही स्थिति रही।
स्कूली वाहनों का अनुबंध कराए जाने के कमिश्नर सौम्या अग्रवाल फैसले के बाद यह विरोध शुरू हुआ। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हाल ही में प्रशासन के अधिकारियों और निजी स्कूल संचालकों ने वाहनों का अनुबंध करने के फैसले पर सहमति जताई है। प्रशासन तीन सौ वाहनों का अनुबंध कराए जाने का समर्थन कर रहा है। जबकि वाहन चालक इसके विरोध में हैं।
इसी विरोध में शुक्रवार को स्कूल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने हड़ताल की। एसोसिएशन के अध्यक्ष निशांत पनवार ने कहा, कि वाहनों का अनुबंध कराने के लिए प्रशासन हम पर दवाब बना रहा है, हम इसके पक्ष में नहीं हैं। हालांकि देर शाम मेयर के आश्वासन के बाद हड़ताल बंद कर दी गई। मेयर उमेश गौतम ने एसोसिएशन के सदस्यों को फिलहाल टैक्सी परमिट पर ही वाहन चलाने की अनुमति दी। एसोसिएशन के सदस्यों ने इस पर खुशी जताते हुए कल से काम पर लौटने की बात कही।
अनुबंध कराने पर दोगुना हो जाएगा किराया
उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने कहा कि बताया कि अगर गाड़ियां अनुबंधित की गईं तो किराए की दरें दोगुनी होंगी। जिस वाहन के लिए अभिभावक अभी 16 सौ रुपये देते हैं उसके लिए 32 सौ देने होंगे। अनुबंधित होने के बाद वाहन पर पीले रंग की पट्टी बना दी जाएगी। अनुबंध के नियमों के तहत स्कूल के प्रयोग के अलावा हम वाहन का प्रयोग ही नहीं कर सकते तो हमारी आय पर प्रभाव पड़ेगा। इसकी मार हम अकेले नहीं झेलेंगे।
यह हैं मांगे
- मानक पूरे तो क्यों कराएं अनुबंध
- कॉमर्शियल वाहन पर अतिरिक्त चालान का विरोध
विरोध की वजह
- अनुबंध के बाद निजी प्रयोग में नहीं ले सकते वाहन
- स्कूल समय के बाद वाहन का प्रयोग नहीं कर सकते
- चालक की अतिरिक्त आय प्रभावित
- शहर के बाहर नहीं जा सकेगा वाहन
- दो गुनी करनी होगी किराए की दर
अभिभावकों को हुई परेशानी
खुशबु इन्कलेब के मोहम्मद फैज रजा ने बताया कि उनका बेटा कक्षा एक में पढ़ता है। इस समय उसके यूनिट टेस्ट चल रहे हैं। हमेशा आठ बजे सोकर उठता है समय वैन लेने आ जाती है। फोन पर सूचना मिली थी के सुबह वैन नहीं आएगी इसलिए अलार्म लगाकर सोए। सुबह जल्दी उठना पड़ा।
ग्रीन पार्क के अजय गुप्ता ने कहा कि मेरा बच्चा कक्षा छह में पढ़ता है। सुबह तो सब ठीक था, वैन वाला ले गया था। लेकिन बाद में 11 बजे फोन करके कह दिया के बच्चे को घर छोड़ने नहीं आएगा, वह हड़ताल पर है। खुद लेकर आना होगा। इसलिए काम से ब्रेक लेकर लेने आया हूं।
जागृति नगर की प्रतिभा सिंह ने कहा कि कल रात को वैन वाले ने व्हाट्सएप पर मैसेज के जरिए सूचना दी की वह स्कूल के लिए बच्चे को लेने नहीं आएगा। हमने सोच कि जल्दी उठकर जैसे तैसे कुछ किया जाएगा। सुबह खुद बच्चे को छोड़ने आई। लेकर भी खुद ही जा रही हूं। समस्या यह है कि पता नहीं यह कब तक चलेगा।
सुभाषनगर की रूबी तिवारी ने कहा कि वैन वाले ने मैसेज के जरिए जानकारी दी। सुबह मेरे पति छोड़ने आए थे, लेने आने की बारी मेरी थी। जब तक कोई साधन नहीं बन रहा तब तक इसी तरह एक-एक करके ड्यूटी लगाकर छोड़ने आना पड़ेगा। हालांकि इससे सुबह का काम काफी प्रभावित हुआ। जल्दी उठना पड़ा।